फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   problem of eating poision

Kushinagar News: कम हो रही बर्दाश्त की क्षमता, बात-बात पर खो रहे आपा

Sun, 23 Jul 2023 11:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 23 Jul 2023 11:38 PM IST
विज्ञापन
problem of eating poision
छोटी-छोटी बातों पर लोगों ने खा लिया जहर, घर वाले भी चिंतित
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। बदलते परिवेश में अपनों की बात नागवार लगने लगी है। बेटा, बेटी, बहू की बेहतरी के लिए डांटने वाले मां-बाप अब घबराने लगे हैं। बात-बात पर युवा पीढ़ी आपा खो रही हैं। लोगों में बर्दाश्त करने की क्षमता कम हो रही है। माता-पिता की बात और आपसी विवाद में लोग जहर खा रहे हैं। बच्चों के रहन-सहन में तेजी से हो रहे बदलाव को देखते हुए अभिभावक भी उनकी गलतियों को अब नजरअंदाज करने लगे हैं। एक सप्ताह में करीब दस ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें मां की डांट, बहन से विवाद, बेटी से गुस्सा और पत्नी से नाराजगी में लोगों ने जहर खा लिया। कुशीनगर जिला अस्पताल में एक माह के अंदर 136 ऐसे लोगों का इलाज हुआ है, जिन्होंने गुस्से मेंं आकर जहर खाकर जान देने का प्रयास किया। 0
केस-एक कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बावन विशुनपुरा गांव की प्रेमबाला की 18 वर्षीय बेटी खुशबू ने शुक्रवार को कीटनाशक दवा पी ली। युवती ने भोजन बनाया था। सब्जी में नमक ज्यादा था। मां बोली कि तुम्हें दूसरे के घर जाना है। भोजन ठीक से बनाया करो। मां की इस बात से नाराज बेटी ने जहर खा लिया। उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
विज्ञापन


केस दो तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के जंगल घोरठ गांव के मुस्मही टोला निवासी शोभा और चंदा को इसके चाचा चोकट ने गांव वालों के सामने तीन माह पूर्व डांट दिया था। नाराज दोेनों बहनों ने चाचा पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर जहर पी लिया था। चार दिन तक इनका इलाज जिला अस्पताल में चला था।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस नंबर तीन तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र बलकुईयां गांव की युवती कविता को भाई ने करीब चार माह पूर्व मोबाइल पर ज्यादा बात करने से मना किया था। भाई की इस बात से नाराज युवती ने चूहा मारने वाली दवा खा ली थी। काफी प्रयास के बाद युवती की जान बची। इस घटना से भाई पर भी घर वालों की काफी डांट पड़ी थी।

- आत्मघाती कदम उठाने की बढ़ रहीं घटनाएं चिंता का विषय है। लोगों में बर्दाश्त करने की क्षमता तेजी से कम हो रही है। इसकी वजह संयुक्त परिवारों का टूटना है। क्योंकि संयुक्त परिवार में सभी सदस्यों के पास जिम्मेदारियां रहती थीं और मिलजुल कर लोग दुख-सुख बांट लेते थे। अब एकाकी परिवार तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे इच्छाएं बढ़ती जा रही हैं। इच्छाओं की पूर्ति न होने पर लोग तुरंत कुंठित हो रहे हैं। इसे दूर करने के लिए गलत कदम उठा रहे हैं। सोशल मीडिया और मोबाइल का ज्यादा लगाव भी इसकी मुख्य वजह है। युवा पीढ़ी के साथ दोस्त जैसा व्यवहार करना ही बेहतर है।

- डॉ. सीमा त्रिपाठी, बुद्ध पीजी कॉलेज कुशीनगर


खुदकुशी को रोकने के लिए अभिभावकों को मनोचिकित्सकों का सहारा लेना चाहिए। तनाव झेलने की क्षमता सभी के पास एक जैसी नहीं होती है। किसी में कम और किसी में अधिक होती है। इसको पहचानना जरूरी है। इसलिए युवक आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। अभिभावकों को ऐसे युवाओं को समाज के बीच रहने पर जोर देना चाहिए और उन्हें ऐसा करें कि अपनी परेशानियों को वे साझा करें। स्वभाव में परिवर्तन आने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
- डॉ. उज्जवल मनोचिकित्सक, जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed