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Kushinagar News: न शहर की बिजली मिली और न शुद्ध पेयजल आपूर्ति का हुआ इंतजाम

Sat, 03 Jun 2023 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sat, 03 Jun 2023 12:01 AM IST
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problem new mohllas
लक्ष्मीगंज बाजार से देवरिया बाबू जाने वाली सड़क में बना गड्ढा।संवाद
फोटो है।
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नगर के विस्तारित क्षेत्र की पड़ताल : विस्तारीकरण के बाद नगर पालिका में शामिल गांवों में तीन वर्ष बाद भी नहीं मिलीं शहर वाली सुविधाएं
शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी मिल रही ग्रामीण रोस्टर के अनुसार बिजली
मरम्मत के अभाव में सड़कें बदहाल होने के साथ जलनिकासी के लिए नहीं बनी हैं नालियां
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नगर पालिका क्षेत्र में शामिल हुए गांवों के लोगों को विस्तारीकरण के करीब तीन साल भी शहरी क्षेत्र की पूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। यहां के लोगों को न तो शहर की तरह बिजली मिल सकी है और न ही शुद्ध पेयजल आपूर्ति का इंतजाम हो सका है। समय पर मरम्मत नहीं होने से विस्तारित क्षेत्र की प्रमुख सड़कें गड्ढे में तब्दील हो चुकी हैं और नालियां भी ध्वस्त हैं। नगर पालिका बोर्ड का गठन होने के बाद लोगों को सुविधाओं में इजाफा होने की उम्मीद है।
करीब तीन वर्ष पहले हुए पडरौना नगर क्षेत्र के विस्तार के बाद नोनियापट्टी, परसौनी कला, सेवक छपरा, भरवलिया, बंधु छपरा, केवल छपरा, अहिरौली बुजुर्ग, बंदीछापर, बेलवा मिश्र, रामपुर मटिहनिया, मिल्की, बलुचहां, सोहरौना, जंगल बेलवा, जंगल बकुलहा, जंगल विशुनपुरा, अहिरौली खुर्द, पटखौली, कांटी, मटिहनिया खुर्द, दमवतिया, मिल्की आदि गांवों को पडरौना नगर पालिका में शामिल कर लिया गया था।
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इन गांवों को नगर में शामिल होने के बाद लोगों को सड़क, पानी, बिजली, जलनिकासी समेत अन्य शहरी सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन ग्रामीण सुविधाओं से दूर हुए इन लोगों को बीते तीन वर्ष में कहीं-कहीं साफ-सफाई के अलावा शहरी के नाम पर और कुछ नहीं मिला। इसमें से अधिकांश गांवों में आज भी पूर्व की तरह ग्रामीण क्षेत्रों के रोस्टर के अनुसार 18 घंटे ही बिजली ही मिल रही है।
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शुक्रवार को नगर में शामिल हुए संत गणिनाथ नगर, महाराणा प्रताप और परशुराम नगर समेत तीन वार्डों की पड़ताल की गई। संत गणिनाथ नगर में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है, जहां नालियां बनी हैं। उसकी मरम्मत नहीं होने से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इससे लोगों के घर से निकला गंदा पानी सड़क किनारे पसरा रहता है, जिससे आने-जाने वाले राहगीरों को परेशानी होती है। सड़कों की हालत भी इससे इतर नहीं है। मरम्मत नहीं होने सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में राहगीर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। हल्की बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे बाइक और साइकिल सवार लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।
पेयजल की व्यवस्था भी लचर है। हालांकि, नगर पालिका प्रशासन की तरफ से बीते कार्यकाल में कुछ स्थानों पर आरओ प्लांट लगाकर लोगों को पेयजल व्यवस्था कराई जा रही है।
नगर के महाराणा प्रताप नगर के लोगों ने बताया कि उनके वार्ड में अभी तक ओवरहेड टैंक का पानी नहीं पहुंचा है। लोग मोहल्ले में लगे जगह-जगह इंडिया मार्का हैंडपंप या घर में लगे साधारण नल का दूषित पानी पीने को विवश हैं। लोगों ने बताया कि इस मोहल्ले में आज भी 18 घंटे ही बिजली मिलती है। इसके अलावा लोगों को बार-बार लोकल फाल्ट का सामना करना पड़ता है, जबकि शहरी क्षेत्र में 20 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति होने का शेड्यूल है। इसके अलावा समय पर साफ-सफाई नहीं होने और कूड़ा निस्तारण नहीं होने से लोगों के घर से निकला कूड़ा सड़क के किनारे पसरा रहता है।
यही हाल गांव से शहर में शामिल परशुराम नगर (परशुराम नगर) मोहल्ले की है। बीते 26 मई को नगर पालिका अध्यक्ष और सभासदों के शपथ ग्रहण के बाद नए नगर पालिका बोर्ड का गठन हो चुका है तो ग्रामीण से शहरी हुए लोगों को विस्तारित क्षेत्र में विकास की उम्मीद जगी है।

करीब तीन वर्ष पहले नगर में शामिल होने के बाद मोहल्ले के लोगों को लगा कि शहरी सुविधाएं जैसे, बिजली, जलनिकासी, सड़क समेत अन्य सुविधाएं मुहैया होगी। लेकिन नगर क्षेत्र में शामिल होने के तीन वर्ष बाद भी लोगों को शहरी सुविधाएं नहीं मिली हैं। इससे लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
- राजन पांडेय, निवासी महाराणा प्रताप नगर

मोहल्ले में नगर पालिका के सफाई कर्मचारी नियमित नहीं आते हैं। इसकी वजह से लोगों के घर से निकले कूड़े का निस्तारण समय पर नहीं होता है। सफाई कर्मचारियों को कूड़ा उठाने में परेशानी न हो, इसके लिए मोहल्ले के लोग हर दिन कूड़ा सड़क किनारे निर्धारित स्थान पर रख देते हैं। जिस दिन सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं, उस दिन जानवार सड़क के किनारे रखे कूड़ों का बिखेर देते हैं। इससे जगह-जगह गंदगी फैल जाती है।
- धनंजय कुशवाहा, निवासी महाराणा प्रताप नगर

मोहल्ले में जलनिकासी के लिए बनी कुछ नाली मरम्मत के अभाव में क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जो नालियां सही हैं, उसकी नियमित साफ-सफाई नहीं होती है। इसके अलावा गांव में प्रवेश करने वाली सड़क के किनारे नाली नहीं बनी है। इससे लोगों के घर का पानी सड़क पर गिरता है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी होने के साथ जलभराव वाले स्थान के आस-पास रहने वाले लोगों को हमेशा जलजनित बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है।
- संदीप कुमार राय, निवासी, परशुराम नगर

नगर पालिका में शामिल होने के बाद गांव के लोग पहली बार चेयरमैन और सभासद चुने हैं। चुनाव के बाद गांव में हर एक-दो दिन पर सफाई कर्मचारी पहुंचकर कूड़ा उठाते हैं। पिछले कार्यकाल में नगर पंचायत की तरफ से आरओ प्लांट लगाया था, जिससे मोहल्ले के लिए आरओ का पानी निशुल्क मिलता है। हालांकि, मोहल्ले में सड़क और नालियों की मरम्मत की जरूरत है, ताकि बेहतर आवागमन होने के साथ लोगों को जलजनित बीमारियां होने की आशंका न रहे। नई नगर पालिका परिषद का गठन हो गया है। मोहल्ले के लोगों को अब सड़क, नाली और पथ प्रकाश की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
-हरिकिशुन मद्धेशिया, निवासी गणिनाथ नगर

प्राथमिकता के आधार पर विस्तारित क्षेत्र में होगा विकास कार्य
पिछले कार्यकाल में नगर के सभी प्रमुख मार्गों पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्माण अथवा मरम्मत कार्य कराया गया है। अब विस्तारित क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की योजना बनाई गई है। बोर्ड की पहली बैठक में नगर में शामिल हुए मोहल्लों में विकास कार्यों का खाका तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि प्राथमिकता के आधार पर इन क्षेत्रों में सड़क, नाली, पेजयल समेत अन्य विकास कार्य हो सकें। तीन साल पहले ये गांव नगर पालिका में शामिल हुए थे, लेकिन बजट नहीं आने के कारण विकास कार्य नहीं कराया जा सका।

- विनय जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष, पडरौना

शासन को भेजा गया है प्राक्कलन
शहर में शामिल हुए सभी गांव में शहरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति के लिए निगम पूरी तरह गंभीर है। इसके लिए प्राक्कलन तैयार कर पूर्व में ही शासन को भेज दिया गया है। इसमें बिजली के जर्जर तार व पोल बदलने के अलावा ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता वृद्धि की योजना है। शासन की तरफ से इसकी स्वीकृति मिलते ही कार्य करा दिया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध रूप से शहरी बिजली आपूर्ति उपलब्ध हो सके।
- अरविंद मणि त्रिपाठी, जेई, विद्युत वितरण खंड, पडरौना
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