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Kushinagar News: नदी का डिस्चार्ज बढ़ने से कट इन टू बांध के पास बढ़ा दबाव
Sun, 08 Sep 2024 05:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 08 Sep 2024 05:20 AM IST
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तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज बढ़ने से विरवट कोन्हवलिया के कट-इन-टू बांध के पास दबाव से कटान का खतरा बढ़ने लगा है। इससे गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ खंड के अभियंता भी संभावित खतरे को देखते हुए तटबंधों की निगरानी में जुट गए हैं।
तीन-चार दिन पहले गंडक नदी का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक से नीचे था। शुक्रवार सुबह डिस्चार्ज बढ़ कर 1.42 लाख क्यूसेक और शाम को 1.89 लाख क्यूसेक पहुंच गया। शनिवार को गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि शुरू हुई तो नरवाजोत से लगायत अहिरौलीदान तक के अधिकांश ठोकरों व तटबंधों पर फिर दबाव बढ़ने लगा है। इससे कटान का खतरा मंडराने लगा है। तटबंधों के किनारे बसे नरवाजोत, चैनपट्टी, घघवा जगदीश, विरवट कोन्हवलिया, बाकखाश, नोनियापट्टी, कचहरी टोला आदि के लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदी ठोकरों व तटबंधों से टकरा कर बह रही है।
सबसे खराब स्थिति विरवट कोन्हवलिया में ठोकर नंबर चार (कट इन टू बांध) की है। शनिवार को जलस्तर में वृद्धि के बाद ठोकरों व तटबंधों पर भी दबाव बनना शुरू हो गया है और नदी की धारा ठोकरों व तटबंधों से टकरा रही है, जो उनकी सुरक्षा के लिए कभी भी खतरनाक साबित हो सकता है। जेई चंद्रप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील यादव, जेई विनोद शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद आदि तटबंधों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि गंडक नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि से तटबंधों पर दबाव बढ़ा है। इसकी निगरानी में अभियंता जुटे हैं ताकि समय रहते खतरे से निपटा जा सके।
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तीन-चार दिन पहले गंडक नदी का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक से नीचे था। शुक्रवार सुबह डिस्चार्ज बढ़ कर 1.42 लाख क्यूसेक और शाम को 1.89 लाख क्यूसेक पहुंच गया। शनिवार को गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि शुरू हुई तो नरवाजोत से लगायत अहिरौलीदान तक के अधिकांश ठोकरों व तटबंधों पर फिर दबाव बढ़ने लगा है। इससे कटान का खतरा मंडराने लगा है। तटबंधों के किनारे बसे नरवाजोत, चैनपट्टी, घघवा जगदीश, विरवट कोन्हवलिया, बाकखाश, नोनियापट्टी, कचहरी टोला आदि के लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदी ठोकरों व तटबंधों से टकरा कर बह रही है।
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सबसे खराब स्थिति विरवट कोन्हवलिया में ठोकर नंबर चार (कट इन टू बांध) की है। शनिवार को जलस्तर में वृद्धि के बाद ठोकरों व तटबंधों पर भी दबाव बनना शुरू हो गया है और नदी की धारा ठोकरों व तटबंधों से टकरा रही है, जो उनकी सुरक्षा के लिए कभी भी खतरनाक साबित हो सकता है। जेई चंद्रप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील यादव, जेई विनोद शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद आदि तटबंधों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि गंडक नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि से तटबंधों पर दबाव बढ़ा है। इसकी निगरानी में अभियंता जुटे हैं ताकि समय रहते खतरे से निपटा जा सके।
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