पडरौना। बंद पड़ी पडरौना चीनी मिल को दोबारा चलवाने के लिए अब मजदूर, किसान और सामाजिक प्रतिनिधि न्यायिक संघर्ष की तैयारी में हैं। रविवार को चीनी मिल परिसर में बैठक कर अब तक के प्रयासों का अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर नाराजगी जताई गई। सर्वसम्मति से तय किया गया कि मिल को चालू कराने के लिए विधिक विकल्पों पर विचार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय में गुहार लगाई जाएगी।
अधिवक्ता गिरीश चंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि पडरौना चीनी मिल लंबे समय से बंद है। मिल चलने से क्षेत्र के किसानों, मजदूरों और आसपास के लोगों को रोजगार व आर्थिक गतिविधियों का लाभ मिलता था। मिल बंद होने के कारण इससे जुड़े लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मिल को दोबारा चालू कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि अब पूरे मामले में उपलब्ध विधिक विकल्पों की जानकारी जुटाई जाएगी। न्यायिक संघर्ष के लिए आवश्यक दस्तावेज और अन्य तथ्यों को एकत्र करने के साथ ही आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
इस दौरान किसान नेता छोटेलाल सिंह, मजदूर नेता संजय दीक्षित, मनोज श्रीवास्तव, ओमप्रकाश लाल श्रीवास्तव, उमेश श्रीवास्तव, मनीष पाठक आदि मौजूद रहे।