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आंधी व बारिश से 20 घंटे तक बाधित रही विद्युत आपूर्ति
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:51 PM IST
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बिजली बनाते कर्मी।क
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना। शुक्रवार की शाम को आंधी, बारिश व ओलावृष्टि के कारण जिले भर में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। जगह-जगह पेड़ गिरे होने के कारण कई मार्ग भी अवरूद्ध हो गए थे वहीं झोपड़ियां व मकान गिरने के कारण गांवों में भी लोग परेशान रहे। शनिवार को दिनभर बिजली विभाग जहां खंभों और तार को ठीक करता रहा, वहीं जगह-जगह रास्ते पर गिरे पेड़ों को हटवाकर प्रशासन सुबह से ही रास्ता चालू करवाता रहा। करीब 20 घंटे बाद पडरौना शहर व जिला मुख्यालय की बिजली तो बहाल हो गई लेकिन अब भी ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति बाधित है। शनिवार को दिन भर बिजली विभाग के अफसर व कर्मचारी सप्लाई लाइन ठीक करने में जुटे रहे। बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण शुक्रवार की रात व शनिवार की दोपहर तक लोगों को परेशान होना पड़ा।
आंधी के चलते 33 हजार वोल्ट की कसया-पडरौना मेन लाइन पर बाड़ीपुल, साखोपार, जानकीनगर, धर्मपुर समेत कई पेड़ टूटकर गिर गए थे। कुछ जगह पोल व इंसुलेटर भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। मेन सप्लाई बंद होने की वजह से पडरौना व रविंद्रनगर विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के करीब 30 हजार उपभोक्ताओं को पूरी रात अंधेरे में गुजारना पड़ा। इसके अलावा रामकोला, कोटवा, मनिकौरा, सेवरही समेत कई अन्य उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई।
शनिवार की सुबह से ही आपूर्ति व्यवस्था को ठीक करने के लिए बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मेन लाइन व सर्विस लेन चेक करने लगे। पडरौना उपकेंद्र के जेई ने बताया कि मेन लाइन पर गिरे पेड़ व क्षतिग्रस्त खंभों को दोपहर करीब 12 बजे तक ठीक करके पडरौना शहर व जिला मुख्यालय रविंद्रनगर की आपूर्ति शुरू की गई। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों की सप्लाई लाइन ठीक करने का कार्य शुरू हुआ।
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बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर बैठे विभागीय कर्मियों के चलते आपूर्ति व्यवस्था को बहाल करने में दिक्कत उत्पन्न हुई। जेई विश्वम्भर प्रसाद का कहना था कि आंदोलन कर रहे कर्मचारियों को जनहित को देखते हुए हड़ताल जारी रखते हुए कार्य के लिए मनाया गया। इसके बाद खराब लाइनों को दुरुस्त करके आपूर्ति शुरू कराया गया।
तरयासुजान और सेवरही क्षेत्र में शुक्रवार की शाम आई आंधी के कारण कई जगहों पर बिजली के खंभे और पेड़ गिर जाने से लगभग 20 घंटे तक बिजली व्यवस्था प्रभावित रही। इससे कई गांवों के लोगों को पानी के संकट से गुजरना पड़ा। तरयासुजान, सेवरही, तमकुहीराज, दनियाडी, जमसड़ियां, तमकुहीराज, सलेमगढ़ समेत कई जगहों पर खंभे और पेड़ गिर गए थे। शाम चार बजे के बाद आपूर्ति व्यवस्था बहाल हो सकी।
शुक्रवार की शाम तेज हवा के चलते बिजली के खंभे टूट कर जमीन पर गिर गए। हाईटेंशन तार पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। इसके चलते रामकोला कस्बे में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। पानी की टंकी खाली होने से लोगों को पेयजल की समस्या से दो चार होना पड़ा। दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हुई। करीब 20 घंटे के बाद शनिवार को कस्बे में आपूर्ति बहाल हो सकी।
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आंधी के चलते 33 हजार वोल्ट की कसया-पडरौना मेन लाइन पर बाड़ीपुल, साखोपार, जानकीनगर, धर्मपुर समेत कई पेड़ टूटकर गिर गए थे। कुछ जगह पोल व इंसुलेटर भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। मेन सप्लाई बंद होने की वजह से पडरौना व रविंद्रनगर विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के करीब 30 हजार उपभोक्ताओं को पूरी रात अंधेरे में गुजारना पड़ा। इसके अलावा रामकोला, कोटवा, मनिकौरा, सेवरही समेत कई अन्य उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई।
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शनिवार की सुबह से ही आपूर्ति व्यवस्था को ठीक करने के लिए बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मेन लाइन व सर्विस लेन चेक करने लगे। पडरौना उपकेंद्र के जेई ने बताया कि मेन लाइन पर गिरे पेड़ व क्षतिग्रस्त खंभों को दोपहर करीब 12 बजे तक ठीक करके पडरौना शहर व जिला मुख्यालय रविंद्रनगर की आपूर्ति शुरू की गई। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों की सप्लाई लाइन ठीक करने का कार्य शुरू हुआ।
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बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर बैठे विभागीय कर्मियों के चलते आपूर्ति व्यवस्था को बहाल करने में दिक्कत उत्पन्न हुई। जेई विश्वम्भर प्रसाद का कहना था कि आंदोलन कर रहे कर्मचारियों को जनहित को देखते हुए हड़ताल जारी रखते हुए कार्य के लिए मनाया गया। इसके बाद खराब लाइनों को दुरुस्त करके आपूर्ति शुरू कराया गया।
तरयासुजान और सेवरही क्षेत्र में शुक्रवार की शाम आई आंधी के कारण कई जगहों पर बिजली के खंभे और पेड़ गिर जाने से लगभग 20 घंटे तक बिजली व्यवस्था प्रभावित रही। इससे कई गांवों के लोगों को पानी के संकट से गुजरना पड़ा। तरयासुजान, सेवरही, तमकुहीराज, दनियाडी, जमसड़ियां, तमकुहीराज, सलेमगढ़ समेत कई जगहों पर खंभे और पेड़ गिर गए थे। शाम चार बजे के बाद आपूर्ति व्यवस्था बहाल हो सकी।
शुक्रवार की शाम तेज हवा के चलते बिजली के खंभे टूट कर जमीन पर गिर गए। हाईटेंशन तार पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। इसके चलते रामकोला कस्बे में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। पानी की टंकी खाली होने से लोगों को पेयजल की समस्या से दो चार होना पड़ा। दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हुई। करीब 20 घंटे के बाद शनिवार को कस्बे में आपूर्ति बहाल हो सकी।