{"_id":"6add1429327c06685c060f78","slug":"police-keeping-an-eye-on-the-close-associates-of-rajan-and-adarsh-many-youths-have-gone-underground-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-170874-2026-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: राजन और आदर्श के करीबियों पर पुलिस की नजर, कई युवक भूमिगत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: राजन और आदर्श के करीबियों पर पुलिस की नजर, कई युवक भूमिगत
विज्ञापन
कुशीनगर। हिस्ट्रीशीटर राजन और आदर्श से जुड़े युवकों की गतिविधियां पुलिस के रडार पर हैं। दोनों के संपर्क में रहने वाले कई युवक भूमिगत हो गए हैं। पुलिस उनकी कुंडली खंगालने के साथ ही सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और आपसी संपर्कों की पड़ताल कर रही है। इसके लिए साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है। मामले की जांच में पुलिस जुटी हुई है।
पुलिस की जांच में राजन और आदर्श से जुड़े सैकड़ों युवकों के नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। इनमें कई युवक सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन युवकों का दोनों हिस्ट्रीशीटरों से किस तरह का संपर्क रहा है और उनकी गतिविधियां क्या हैं। सोशल मीडिया पर की जा रही पोस्ट, आपसी संवाद और संपर्कों के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
हाल के घटनाक्रम के बाद पुलिस की निगरानी बढ़ने से इन युवकों में हलचल है। कुछ युवकों के भूमिगत होने से पुलिस का शक और गहरा गया है।
हालांकि किसी युवक का संपर्क में होना या भूमिगत होना अपने आप में अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। पुलिस उनकी भूमिका की अलग-अलग जांच कर रही है। साइबर सेल की मदद से डिजिटल गतिविधियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य हिस्ट्रीशीटरों के संपर्क में रहने वाले युवकों की पहचान कर उनके नेटवर्क को समझना और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों तक पहुंचना है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस की जांच में राजन और आदर्श से जुड़े सैकड़ों युवकों के नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। इनमें कई युवक सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन युवकों का दोनों हिस्ट्रीशीटरों से किस तरह का संपर्क रहा है और उनकी गतिविधियां क्या हैं। सोशल मीडिया पर की जा रही पोस्ट, आपसी संवाद और संपर्कों के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन
हाल के घटनाक्रम के बाद पुलिस की निगरानी बढ़ने से इन युवकों में हलचल है। कुछ युवकों के भूमिगत होने से पुलिस का शक और गहरा गया है।
हालांकि किसी युवक का संपर्क में होना या भूमिगत होना अपने आप में अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। पुलिस उनकी भूमिका की अलग-अलग जांच कर रही है। साइबर सेल की मदद से डिजिटल गतिविधियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य हिस्ट्रीशीटरों के संपर्क में रहने वाले युवकों की पहचान कर उनके नेटवर्क को समझना और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों तक पहुंचना है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन