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UP: 'तीसरी आंख' से खुला डकैती का राज, खुद के घिरने पर चलाई थी गोली- दो गिरफ्तार; तीन अभी भी फरार
Mon, 14 Apr 2025 04:52 PM IST
रोहित सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Published by: रोहित सिंह
Updated Mon, 14 Apr 2025 04:52 PM IST
सार
अजय चौरसिया के घर में 23 मार्च की आधी रात को खिड़की की जाली तोड़कर पांच की संख्या में नकाबपोश बदमाश दाखिल हुए। कमरे में आलमारी में रखा 50 हजार रुपये नकद, जेवर समेट लिए। अजय और इसकी पत्नी सभ्यता ने इसका विरोध किया तो बदमाश दंपती की पिटाई करने लगे।
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डकैती के आरोपियों के साथ पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
शहर के जंगल विशुनपुरा मोहल्ले में हुई डकैती का पर्दाफाश पुलिस ने सोमवार को कर दिया। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, बाकी फरार चल रहे तीन आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त लाठी और असलहा के बल पर लूटे गए कुछ सामान बरामद पुलिस ने किया है।
पुलिस का दावा है कि यह एक अंतरजनपदीय शातिर गैंग हैं जो आबदी से हटकर बने मकानों को निशाना बनाता है। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के वार्ड नंबर दो जंगल विशुनपुरा निवासी अजय चौरसिया के घर में 23 मार्च की आधी रात को खिड़की की जाली तोड़कर पांच की संख्या में नकाबपोश बदमाश दाखिल हुए।
कमरे में आलमारी में रखा 50 हजार रुपये नकद, जेवर समेट लिए। अजय और इसकी पत्नी सभ्यता ने इसका विरोध किया तो बदमाश दंपती की पिटाई करने लगे। शोर सुनकर अन्य कमरों और दरवाजे पर सो रहे परिवार के अन्य सदस्यों की नीद खुल गई और डकैतों से आमना-सामना हो गया।
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खुद को घिरता देख डकैतो ने गोली चला दी। इसमें बड़े भाई अशोक चौरसिया और अजय पैर में छर्रा लगने से घायल हो गए। धारदार हथियार से छोटे भाई राकेश के चेहरे पर डकैतों ने वार कर दिया। डकैतों के भागने हुए पीछे का दृश्य पास के एक घर में लगे सीसी टीवी कैमरे में कैद हो गया, जिसमें डकैतों की संख्या तो दिख रही थी, लेकिन इनका चेहरा नहीं दिख रहा था।
पुलिस चोरी के दौरान जानलेवा हमले का केस दर्ज कर विवेचना शुरू किया था। परिजनों ने डकैती को चोरी की धारा में केस दर्ज करने आरोप लगाया तो पुलिस ने विवेचना के दौरान डकैती समेत तीन धारा और बढ़ा दी।
पडरौना सीओ अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि बस्ती जिले के बाहरी रोड पुरानी बस्ती थाना पुरानी बस्ती निवासी पसरू,पडरौना कोतवाली के शेखटोलिया जंगल बनवीरपुर निवासी परवेज आलम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दबिश दे रही है, इस गैंग का सरगना पडरौना कोतवाली का रहने वाला लक्की है जो पुलिस की पहुंच से दूर है।
घटना में प्रयुक्त खून से सनी लाठी और 11 हजार रुपये नकद पुलिस ने बरामद किया है। बस्ती के रहने वाले पसरू पर नौ मुकदमें दर्ज हैं, जिसमें आठ मुकदमा सिर्फ बस्ती जिले में दर्ज है। पडरौना कोतवाली में परवेज के खिलाफ तीन केस दर्ज है।
अपराध का तरीका
पुलिस की माने तो आरोपियों का एक संगठित गिरोह है जो अपने सरगना के नेतृत्व में अवैध असलहे व कारतूस व लाठी डंडो के साथ लैस होकर सुनसान इलाके, आबादी से दूर घरों को चिन्हित कर निशाना बनाता है। वारदात के समय अगर परिजनों की नीद खुल गई और विरोध किए तो गिरोह के सदस्य बल का प्रयोग करते हैं। अवैध असलहा व लाठी डंडे से लैस रहते हैं।
चोरी के केस में डकैती की बढ़ी धारा
डकैती की वारदात के बाद कोतवाली पुलिस पहुंची तो अफसरों को गुमराह कर चोरी के दौरान जानलेवा हमला करने का केस दर्ज कर दिया। धाराओं में अल्पीकरण का मामला जब उजागर हुआ तो एसपी ने पेंच कसा तो विवेचना के दौरान पुलिस ने धारा 111(2), 310(2),317 (3) बीएनएस की बढोत्तरी किया।
इसके पहले पुलिस ने धारा 305,331(8)बीएनएस दर्ज किया था। हालांकि पीड़ित परिवार डकैती का आरोप लगाता रहा, लेकिन पुलिस अपने हिसाब से तहरीर लिखवाकर धाराओं में अल्पीकरण की थी। कानून के जानकारों ने भी घटना मुकदमें के फर्द को देखने के बाद डकैती का मामला बताया था।
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पुलिस का दावा है कि यह एक अंतरजनपदीय शातिर गैंग हैं जो आबदी से हटकर बने मकानों को निशाना बनाता है। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के वार्ड नंबर दो जंगल विशुनपुरा निवासी अजय चौरसिया के घर में 23 मार्च की आधी रात को खिड़की की जाली तोड़कर पांच की संख्या में नकाबपोश बदमाश दाखिल हुए।
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कमरे में आलमारी में रखा 50 हजार रुपये नकद, जेवर समेट लिए। अजय और इसकी पत्नी सभ्यता ने इसका विरोध किया तो बदमाश दंपती की पिटाई करने लगे। शोर सुनकर अन्य कमरों और दरवाजे पर सो रहे परिवार के अन्य सदस्यों की नीद खुल गई और डकैतों से आमना-सामना हो गया।
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खुद को घिरता देख डकैतो ने गोली चला दी। इसमें बड़े भाई अशोक चौरसिया और अजय पैर में छर्रा लगने से घायल हो गए। धारदार हथियार से छोटे भाई राकेश के चेहरे पर डकैतों ने वार कर दिया। डकैतों के भागने हुए पीछे का दृश्य पास के एक घर में लगे सीसी टीवी कैमरे में कैद हो गया, जिसमें डकैतों की संख्या तो दिख रही थी, लेकिन इनका चेहरा नहीं दिख रहा था।
पुलिस चोरी के दौरान जानलेवा हमले का केस दर्ज कर विवेचना शुरू किया था। परिजनों ने डकैती को चोरी की धारा में केस दर्ज करने आरोप लगाया तो पुलिस ने विवेचना के दौरान डकैती समेत तीन धारा और बढ़ा दी।
पडरौना सीओ अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि बस्ती जिले के बाहरी रोड पुरानी बस्ती थाना पुरानी बस्ती निवासी पसरू,पडरौना कोतवाली के शेखटोलिया जंगल बनवीरपुर निवासी परवेज आलम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दबिश दे रही है, इस गैंग का सरगना पडरौना कोतवाली का रहने वाला लक्की है जो पुलिस की पहुंच से दूर है।
घटना में प्रयुक्त खून से सनी लाठी और 11 हजार रुपये नकद पुलिस ने बरामद किया है। बस्ती के रहने वाले पसरू पर नौ मुकदमें दर्ज हैं, जिसमें आठ मुकदमा सिर्फ बस्ती जिले में दर्ज है। पडरौना कोतवाली में परवेज के खिलाफ तीन केस दर्ज है।
अपराध का तरीका
पुलिस की माने तो आरोपियों का एक संगठित गिरोह है जो अपने सरगना के नेतृत्व में अवैध असलहे व कारतूस व लाठी डंडो के साथ लैस होकर सुनसान इलाके, आबादी से दूर घरों को चिन्हित कर निशाना बनाता है। वारदात के समय अगर परिजनों की नीद खुल गई और विरोध किए तो गिरोह के सदस्य बल का प्रयोग करते हैं। अवैध असलहा व लाठी डंडे से लैस रहते हैं।
चोरी के केस में डकैती की बढ़ी धारा
डकैती की वारदात के बाद कोतवाली पुलिस पहुंची तो अफसरों को गुमराह कर चोरी के दौरान जानलेवा हमला करने का केस दर्ज कर दिया। धाराओं में अल्पीकरण का मामला जब उजागर हुआ तो एसपी ने पेंच कसा तो विवेचना के दौरान पुलिस ने धारा 111(2), 310(2),317 (3) बीएनएस की बढोत्तरी किया।
इसके पहले पुलिस ने धारा 305,331(8)बीएनएस दर्ज किया था। हालांकि पीड़ित परिवार डकैती का आरोप लगाता रहा, लेकिन पुलिस अपने हिसाब से तहरीर लिखवाकर धाराओं में अल्पीकरण की थी। कानून के जानकारों ने भी घटना मुकदमें के फर्द को देखने के बाद डकैती का मामला बताया था।