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Kushinagar News: पुलिस ने पांच अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार
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पडरौना। पुलिस ने बुधवार को अंतरराज्यीय साइबर संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। उनके बाद से एक लाख पांच सौ रुपये नकद, दो लैपटाप, 19 मोबाइल, 14 सिम कार्ड, 13 फर्जी आधार कार्ड और दो बाइक बरामद किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया है।
एसपी संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि साइबर सेल और साइबर क्राइम थाना की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय साइबर संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान सूर्या कुमार चौधरी निवासी रहमतपुरवासा थाना असरगंज, मुंगेर बिहार, संजू कुमार चौधरी निवासी गोलाघाट थाना तेतारपुर, भागलपुर बिहार, कलाम हुसैन निवासी कुशमहां सूरजपट्टी थाना रामकोला, कुशीनगर, मोहम्मद हुसैन निवासी वार्ड नंबर नौ उत्तर मोहल्ला बीसीएफ चौराहा थाना कप्तानगंज कुशीनगर और अभिषेक गुप्ता निवासी परतावल बाजार थाना श्यामदेउरवा, महराजगंज के रूप में हुई है।
पुलिस ने उनके पास से एक लाख पांच सौ रुपये नकद, 19 मोबाइल फोन, दो लैपटाप, 14 सिम कार्ड, 13 फर्जी आधार कार्ड और अपराध में प्रयुक्त दो बाइक बरामद की है। बरामदगी व गिरफ्तारी के आधार पर पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई में जुटी है। एसपी ने बताया कि उनसे पूछताछ के दौरान पता चला कि इनका अंतरराज्यीय साइबर संगठित गिरोह है। वे कुशीनगर में भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे सब्जी मंडी और व्यस्त बाजारों में भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते हैं। यह लोगों के मोबाइल फोन चुराकर फरार हो जाते थे। चुराए गए मोबाइल में यदि स्क्रीन लॉक नहीं होता तो गैंग माई आधार एप का उपयोग कर मोबाइल धारक के सिम नंबर से आधार नंबर प्राप्त कर लेते थे। आधार और मोबाइल नंबर के जरिए यूपीआई पिन रीसेट कर अपराधी आधार कार्ड में फोटो बदलकर अपना फोटो लगा देते थे। इसके बाद वे ग्राहक सेवा केंद्र या जनसेवा केंद्र पर जाकर संचालकों को मोटा कमीशन देकर स्कैनर के माध्यम से पीड़ित के खाते से हजारों रुपये निकाल लेते थे। यदि यदि मोबाइल में स्क्रीन लॉक होता है तो सिम कार्ड निकालकर पहले से चुराए गए अन्य मोबाइल में लगाते हैं। इसके बाद प्ले स्टोर से यूपीआई ऐप (जैसे फोनपे, गूगल पे) डाउनलोड कर उपरोक्त प्रक्रिया के तहत पैसे निकाले जाते हैं। इन अपराधियों की गिफ्तारी में साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार पंत, साइबर क्राइम के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार, साइबर थाने के निरीक्षक मनमोहन मिश्रा आदि शामिल रहे।
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एसपी संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि साइबर सेल और साइबर क्राइम थाना की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय साइबर संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान सूर्या कुमार चौधरी निवासी रहमतपुरवासा थाना असरगंज, मुंगेर बिहार, संजू कुमार चौधरी निवासी गोलाघाट थाना तेतारपुर, भागलपुर बिहार, कलाम हुसैन निवासी कुशमहां सूरजपट्टी थाना रामकोला, कुशीनगर, मोहम्मद हुसैन निवासी वार्ड नंबर नौ उत्तर मोहल्ला बीसीएफ चौराहा थाना कप्तानगंज कुशीनगर और अभिषेक गुप्ता निवासी परतावल बाजार थाना श्यामदेउरवा, महराजगंज के रूप में हुई है।
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पुलिस ने उनके पास से एक लाख पांच सौ रुपये नकद, 19 मोबाइल फोन, दो लैपटाप, 14 सिम कार्ड, 13 फर्जी आधार कार्ड और अपराध में प्रयुक्त दो बाइक बरामद की है। बरामदगी व गिरफ्तारी के आधार पर पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई में जुटी है। एसपी ने बताया कि उनसे पूछताछ के दौरान पता चला कि इनका अंतरराज्यीय साइबर संगठित गिरोह है। वे कुशीनगर में भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे सब्जी मंडी और व्यस्त बाजारों में भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते हैं। यह लोगों के मोबाइल फोन चुराकर फरार हो जाते थे। चुराए गए मोबाइल में यदि स्क्रीन लॉक नहीं होता तो गैंग माई आधार एप का उपयोग कर मोबाइल धारक के सिम नंबर से आधार नंबर प्राप्त कर लेते थे। आधार और मोबाइल नंबर के जरिए यूपीआई पिन रीसेट कर अपराधी आधार कार्ड में फोटो बदलकर अपना फोटो लगा देते थे। इसके बाद वे ग्राहक सेवा केंद्र या जनसेवा केंद्र पर जाकर संचालकों को मोटा कमीशन देकर स्कैनर के माध्यम से पीड़ित के खाते से हजारों रुपये निकाल लेते थे। यदि यदि मोबाइल में स्क्रीन लॉक होता है तो सिम कार्ड निकालकर पहले से चुराए गए अन्य मोबाइल में लगाते हैं। इसके बाद प्ले स्टोर से यूपीआई ऐप (जैसे फोनपे, गूगल पे) डाउनलोड कर उपरोक्त प्रक्रिया के तहत पैसे निकाले जाते हैं। इन अपराधियों की गिफ्तारी में साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार पंत, साइबर क्राइम के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार, साइबर थाने के निरीक्षक मनमोहन मिश्रा आदि शामिल रहे।
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