फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Poles and wires broken due to storm, power supply disrupted from city to village

Kushinagar News: आंधी से पोल और तार टूटे, शहर से लेकर गांव तक ठप रही आपूर्ति

Tue, 05 Sep 2023 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Tue, 05 Sep 2023 12:41 AM IST
विज्ञापन
Poles and wires broken due to storm, power supply disrupted from city to village
धर्मपुर गांव के पास क्षतिग्रस्त बिजली का तार सही करते कर्मचारी।
पडरौना। बारिश के साथ आई आंधी ने बिजली आपूर्ति पर ब्रेक लगा दिया। शहर से लेकर गांव तक लोगों की रात अंधेरे में कटी। पोल और तार टूटने के कारण सोमवार की शाम तक 100 से अधिक गांवों में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। इसकी वजह से लोगों को उमसभरी गर्मी में परेशानियों का सामना करना पड़ा। पेट्रोलिंग कर खराबी को ठीक करने में जेई और लाइनमैन जुटे रहे।
विज्ञापन

रविवार की आधी रात को बारिश के साथ तेज आंधी आई। हवा इतनी तेज थी कि जिले के विभिन्न गांवों में 50 से अधिक पोल टूट गए और पेड़ गिरने से तार भी क्षतिग्रस्त हो गए। शहर के बलोचहा मोड़, मुन्ना कालोनी, रामकोला रोड, रेलवे स्टेशन रोड समेत कई स्थानों पर तार टूट गए। इसके चलते शहर के आठ मोहल्लों की आपूर्ति रात को ठप रही। इसके चलते लोगों को पानी के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। 100 से अधिक गांवों में सोमवार की शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। टूटे हुए तार और गिरे हुए पोल को ठीक करने का कार्य पूरे दिन चला। जेई और एसडीओ का सीयूजी नंबर स्विच आफ होने के कारण लोग परेशान रहे। लोगों का आरोप है कि बिजली निगमकर्मी सीयूजी नंबर बंद कर ले रहे हैं। इस लिए बिजली आपूर्ति कब तक आएगी। इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है। नौरंगिया, खड्डा, कप्तानगंज, तमकुहीराज, कसया, फाजिलनगर क्षेत्र के 100 गांवों की आपूर्ति अब भी ठप है। पडरौना बिजली निगम के एक्सईएन इंद्रराज यादव ने बताया कि रात को आई आंधी के चलते आपूर्ति शहर और गांवों की ठप है। खराबी को ठीक कर आपूर्ति बहाल देर रात तक कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

बारिश से केले और गन्ने की फसल को हुई क्षति, किसानों ने की क्षतिपूर्ति की मांग

पकडि़यार बाजार। बारिश और आंधी ने गर्मी से परेशान लोगों को राहत तो दी लेेकिन, गन्ने की फसल को काफी नुकसान हुआ है। गन्ने की फसल गिर गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। दो माह बाद गन्ने की पेराई शुरू होगी। ऐसे में गन्ने की पैदावार प्रभावित होगी। किसानों का कहना है कि सरकार को सर्वे कराकर किसानों को क्षतिपूर्ति देनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्षेत्र के खोटही, लालाछपरा, पगार, तरकुलवा, दीउलिया मनिया छपरा समेत 30 से अधिक गांवों में सैकड़ों एकड़ गन्ने की फसल गिर गई है। खेत में पानी भरने से फसल का नुकसान होना तय है। किसान हरिंद्र मौर्य, वीरेंद्र गुप्ता, कोदई प्रसाद, जीतलाल, गिरधारी साहनी ब्रजमोहन कुशवाहा ने बताया कि पहले सूखा की मार झेलनी पड़ी। अब आंधी ने गन्ने की फसल को बर्बाद कर दिया है। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में किसानों ने बड़े पैमाने पर केले की खेती की है। गन्ने की फसल के साथ-साथ केले की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। सौरहा खुर्द के किसान रामप्रीत कुशवाहा का कहना है कि सात एकड़ में लगी गन्ने की फसल गिर गई है। चूहे काफी नुकसान पहुंचाएंगे। पकड़ियार के किसान रामप्रकाश मिश्र का कहना है कि इस बारिश से फायदा कम नुकसान ज्यादा हुआ है। फसल गिरने से पैदावार प्रभावित होगी। रायपुर भैसही के किसान सत्यनारायण कुशवाहा का कहना था कि धान की फसल के लिए, तो बारिश फायदे मंद है, लेकिन गन्ना को नुकसान पहुंचा है। गन्ने की फसल गिरने से उसे कटिंग कराने में लागत बढ़ जाएगी। खैरटिया के किसान केदारनाथ ने कहा कि किसान क्रेडिट के अकाउंट से फसल बीमा की धनराशि काट ली गई है। लेकिन फसल प्रभावित होने के बाद भी क्षतिपूर्ति नहीं मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed