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अस्पताल का भवन बना पर लोगों को नहीं मिल रहा लाभ

Sun, 31 Jul 2022 12:32 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jul 2022 12:32 AM IST
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people are not getting the benifit of the hospital
अस्पताल का भवन बना पर लोगों को नहीं मिल रहा लाभ
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गुरवलिया बाजार। हाटा में स्थापित आंबेडकर स्वास्थ्य केंद्र का भवन तो बन गया हैं, पर अस्पताल का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। वजह यह है कि स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में यह अस्पताल शामिल ही नहीं हो सका है, क्योंकि कार्यदायी संस्था ने हैंडओवर ही नहीं किया।
स्वास्थ्य विभाग यह मानने को तैयार नहीं है कि यह उसका भवन है। देखरेख के अभाव में भवन जीर्णशीर्ण दशा में पहुंच गया है। भवन की खिड़की और दरवाजे भी चोरी होने लगे हैं।
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वर्ष 2012 में तत्कालीन बसपा सरकार में फाजिलनगर ब्लॉक के ग्राम पंचायत हाटा में डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम से स्वास्थ्य केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया। अस्पताल बनना शुरू हुआ और 90 फीसदी काम हो गया। अंतिम चरण में ठेकेदार बिना किसी सूचना के काम छोड़कर चला गया। बाद में इस भवन की सुधि किसी ने नहीं ली, 10 साल के अंतराल में भवन किसी खंडहर जैसा दिखने लगा है।
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गांव में आंबेडकर स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण शुरू होने पर लोगों में उम्मीद बंधी थी कि मरीजों को सीएचसी नहीं ले जाना पड़ेगा, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। बाद में जब ग्रामीणों ने खंडहर हो चुके इस अस्पताल को मरीजों के लिए शुरू कराने की मांग की तो स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे किया और रिपोर्ट तैयार की।
विभाग की रिपोर्ट में पता चला कि यह भवन स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में शामिल ही नहीं है। अब स्वास्थ्य विभाग कह रहा है कि बिना रिकॉर्ड में शामिल हुए इसे स्वास्थ्य विभाग का कैसे माना जाएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि भवन का जीर्णोद्धार कौन कराएगा।
ग्राम प्रधान मुन्ना सिंह, रामाधार यादव, शिव सिंह, रामेश्वर सिंह, प्रदीप सिंह आदि ने जिला प्रशासन से अस्पताल का संचालन जल्द शुरू कराने की मांग की है।
कार्यदायी संस्था का पता लगाया जाएगा
स्थलीय निरीक्षण में पता चला कि अस्पताल का निर्माण हुआ था, लेकिन हमारे रिकॉर्ड में इसका कोई जिक्र नहीं है। रिकॉर्ड के आधार पर हमने रिपोर्ट बनाई है। सर्वप्रथम कार्यदायी संस्था का पता लगाना पड़ेगा। तहसील प्रशासन से इसकी जानकारी ली जाएगी।

- डॉ. यूएस नायक, अधीक्षक, सीएचसी फाजिलनगर
भवन किसका है, यह पता लगाया जाएगा। कार्यदायी संस्था के बारे में जानकारी ली जाएगी। भवन कब और किस कार्यदायी संस्था ने बनवाया है, इसकी जांच कराई जा रही है।
-गोपाल शर्मा, एसडीएम, कसया
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