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Kushinagar News: दवा के लिए भटक रहीं अस्पताल आने वाली महिलाएं
Mon, 15 May 2023 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 15 May 2023 11:43 PM IST
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नेबुआ नौरंगिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगा ताला।संवाद
नेबुआ नौरंगिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उठानी पड़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटवा बाजार। नेबुआ नौरंगिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्सों के अलावा प्रसव विभाग में कोई डाॅक्टर नहीं है। इस वजह से प्रसव पीड़ा की महिलाओं को दवा या अन्य समस्या के लिए काफी दिक्कत उठानी पड़ती है।
रविवार को दिन में दोपहर तक इमरजेंसी में कोई डाॅक्टर नहीं था। प्रसव कराने आई महिला मरीजों में नौरंगिया निवासी ललिता पत्नी गकुल के परिवारीजनों ने बताया कि रविवार को चार बजे से भर्ती करवाया गया है। नर्स के सहयोग से बच्चा तो हो गया लेकिन छुट्टी के समय सोमवार को 10 बजे से कोई डाॅक्टर नहीं था। ताकि दवा लिखवाई जा सके।
इसी तरह से प्रसव कराने आईं तीन और महिलाओं में मंझरिया निवासी आराधना पत्नी लक्ष्मण, अरुंधति पत्नी नरसिंह, सकीना पत्नी फारूक के तीमारदारों ने बताया कि सरकारी हॉस्पिटल में भगवान भरोसे इलाज हो रहा है। यहां की अव्यवस्था को देखकर लोग प्राइवेट अस्पताल में खेत व जेवर बेचकर उपचार करा रहे हैं।
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इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी मंतोश कुमार ने बताया कि इमरजेंसी में डाॅक्टर हैं। हो सकता है वह अपने रूम पर चले गए हों। मामले की जांच करवा रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोटवा बाजार। नेबुआ नौरंगिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्सों के अलावा प्रसव विभाग में कोई डाॅक्टर नहीं है। इस वजह से प्रसव पीड़ा की महिलाओं को दवा या अन्य समस्या के लिए काफी दिक्कत उठानी पड़ती है।
रविवार को दिन में दोपहर तक इमरजेंसी में कोई डाॅक्टर नहीं था। प्रसव कराने आई महिला मरीजों में नौरंगिया निवासी ललिता पत्नी गकुल के परिवारीजनों ने बताया कि रविवार को चार बजे से भर्ती करवाया गया है। नर्स के सहयोग से बच्चा तो हो गया लेकिन छुट्टी के समय सोमवार को 10 बजे से कोई डाॅक्टर नहीं था। ताकि दवा लिखवाई जा सके।
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इसी तरह से प्रसव कराने आईं तीन और महिलाओं में मंझरिया निवासी आराधना पत्नी लक्ष्मण, अरुंधति पत्नी नरसिंह, सकीना पत्नी फारूक के तीमारदारों ने बताया कि सरकारी हॉस्पिटल में भगवान भरोसे इलाज हो रहा है। यहां की अव्यवस्था को देखकर लोग प्राइवेट अस्पताल में खेत व जेवर बेचकर उपचार करा रहे हैं।
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इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी मंतोश कुमार ने बताया कि इमरजेंसी में डाॅक्टर हैं। हो सकता है वह अपने रूम पर चले गए हों। मामले की जांच करवा रहे हैं।