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Kushinagar News: ठंड में कम हुए यात्री, रात में कम हो गईं बसें
Sat, 18 Jan 2025 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 18 Jan 2025 12:51 AM IST
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पडरौना। सर्द होते मौसम का असर रोडवेज पर साफ दिखाई दे रहा है। यात्रियों की संख्या दस फीसदी तक कम होने से रोडवेज को हर रोज करीब एक लाख रुपये तक की चपत लग रही है।
हालत यह है कि रात के समय परिचालकों को सवारियां ढूंढ़े नहीं मिल रहीं। मौसम की मार से परेशान विभागीय अधिकारी घाटे को दूर करने के लिए इस समस्या का हल खोजने में जुटे हैं। रात में दौड़ने वाली बसों में कटौती की गई है। पडरौना डिपो हर रोज निगम की 29 और अनुबंधित की 22 समेत 51 बसों का संचालन होता है। डिपो की बसें कसया, देवरिया, गोरखपुर के अलावा लखनऊ, कानपुर और दिल्ली तक यात्रियों को बस मुहैया कराई जाती है।
आमतौर पर डिपो की बसों में औसतन 70 फीसदी यात्री सफर करते हैं। 54 सीटर बस में यात्रियों की औसत संख्या 38 के करीब रहती है। वहीं सर्दियां आते ही यात्रियों की संख्या 70 से घटकर 60 फीसदी तक पहुंच जाती है। कड़ाके की ठंड या घने कोहरे के दिनों में यह आंकड़ा 50 फीसदी तक पहुंच जाता है। मौजूदा समय में दस फीसदी यात्रियों की कमी रोडवेज को भारी पड़ रही है।
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हालत यह है कि रात के समय परिचालकों को सवारियां ढूंढ़े नहीं मिल रहीं। मौसम की मार से परेशान विभागीय अधिकारी घाटे को दूर करने के लिए इस समस्या का हल खोजने में जुटे हैं। रात में दौड़ने वाली बसों में कटौती की गई है। पडरौना डिपो हर रोज निगम की 29 और अनुबंधित की 22 समेत 51 बसों का संचालन होता है। डिपो की बसें कसया, देवरिया, गोरखपुर के अलावा लखनऊ, कानपुर और दिल्ली तक यात्रियों को बस मुहैया कराई जाती है।
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आमतौर पर डिपो की बसों में औसतन 70 फीसदी यात्री सफर करते हैं। 54 सीटर बस में यात्रियों की औसत संख्या 38 के करीब रहती है। वहीं सर्दियां आते ही यात्रियों की संख्या 70 से घटकर 60 फीसदी तक पहुंच जाती है। कड़ाके की ठंड या घने कोहरे के दिनों में यह आंकड़ा 50 फीसदी तक पहुंच जाता है। मौजूदा समय में दस फीसदी यात्रियों की कमी रोडवेज को भारी पड़ रही है।
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