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दल विहीन प्रजातंत्र एक नवीन राजनीतिक दर्शन : मदन
Sat, 12 Oct 2024 05:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 12 Oct 2024 05:03 AM IST
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पडरौना। ब्लॉक सभागार में शुक्रवार को लोकतंत्र रक्षक सेनानी सेवा संस्थान की तरफ से लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती मनाई गई। उनके चित्र पर पुष्पार्चन कर उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।
पूर्व विधायक मदन गोविंद राव ने कहा समाज पर ईश्वर का हस्तक्षेप कम से कम होता है। उसी प्रकार राजनीतिक दलों के शीर्ष नेतृत्व भी प्रत्याशी चयन या पदाधिकारी चयन और नीति निर्धारण में पार्टी के सबसे निचले स्तर के कार्यकर्ताओं की निर्णायक भूमिका होनी चाहिए। एक तरह से राज्य एवं वर्ग हीन एवं जाति हीन समाज की अवधारणा सर्वोदय एवं अन्त्योदय का राजनीति प्रारूप है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने स्वतंत्रता सेनानी, नव समाज निर्माण और दल विहीन लोकतंत्र के प्रवर्तक थे। उन्होंने जीवन भर मानव समाज को जड़ता, अभावों से मुक्त करने के लिए संघर्ष एवं चिंतन का सहारा लिया। लोगों को उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन नरेंद्र वर्मा ने किया। अंत में संगठन के संयोजक बंका सिंह ने सभी के प्रति आभार जताया। इस दौरान रामभवन राव, उमाशंकर सोनी, दीनानाथ यादव, वीके मिश्र, रामेश्वर, मनोज सिंह आदि मौजूद रहे।
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पूर्व विधायक मदन गोविंद राव ने कहा समाज पर ईश्वर का हस्तक्षेप कम से कम होता है। उसी प्रकार राजनीतिक दलों के शीर्ष नेतृत्व भी प्रत्याशी चयन या पदाधिकारी चयन और नीति निर्धारण में पार्टी के सबसे निचले स्तर के कार्यकर्ताओं की निर्णायक भूमिका होनी चाहिए। एक तरह से राज्य एवं वर्ग हीन एवं जाति हीन समाज की अवधारणा सर्वोदय एवं अन्त्योदय का राजनीति प्रारूप है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने स्वतंत्रता सेनानी, नव समाज निर्माण और दल विहीन लोकतंत्र के प्रवर्तक थे। उन्होंने जीवन भर मानव समाज को जड़ता, अभावों से मुक्त करने के लिए संघर्ष एवं चिंतन का सहारा लिया। लोगों को उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन नरेंद्र वर्मा ने किया। अंत में संगठन के संयोजक बंका सिंह ने सभी के प्रति आभार जताया। इस दौरान रामभवन राव, उमाशंकर सोनी, दीनानाथ यादव, वीके मिश्र, रामेश्वर, मनोज सिंह आदि मौजूद रहे।
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