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पंचायत राज कर्मचारियों का प्रदर्शन
kushinagar
Updated Tue, 30 Aug 2016 11:06 PM IST
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ध्रना
- फोटो : santosh verma
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पडरौना। पंचायत राज सेवा परिषद से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। ये लोग पंचायतीराज, सहकारिता, कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, लघु सिंचाई सहित कई विभागों को ग्राम्य विकास विभाग के नियंत्रण में लाए जाने के प्रयास का विरोध कर रहे थे। इन लोगों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
डीपीआरओ समरजीत यादव, एडीओ पंचायत अरुण कुमार, लालचंद, दिनेश कुमार राय, उमेशचंद राय, सुभाष प्रसाद, आशिक अली, लल्लन यादव, धर्मनाथ सिंह, पारस प्रसाद, विरेंद्र कुमार सहित कई अधिकारी और कर्मचारी नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरना पर बैठ गए। इनकी मांग थी कि ग्राम पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर तक ग्राम्य विकास विभाग के नियंत्रण से पंचायत राज विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार, कृषि, मत्स्य, शिक्षा, आपूर्ति, लघु सिंचाई और जल निगम को मुक्त रखते हुए मूल विभागीय नियंत्रण स्थापित किया जाए। विभागों के बीच समन्वय बनाने के लिए प्रशासनिक संवर्ग के आईएएस एवं पीसीएस अधिकारियों को अधिकृत किया जाए, जिला पंचायत के मुख्य अधिकारी के पद पर आईएएस या वरिष्ठ पीसीएस संवर्ग के अधिकारी को तैनात किया जाए और समस्त अंतर्विभागीय समंवय का कार्य उन्हीं से कराया जाए। विभागीय कार्यों के कुशल संपादन के लिए क्षेत्र पंचायत स्तरीय स्वतंत्र कार्यालय स्थापित किए जाएं। इस कार्य में ग्राम्य विकास विभाग की ओर से उत्पन्न की जा रही बाधा समाप्त की जाए। इनके ज्ञापन में कुछ अन्य मांगें भी शामिल थीं। इस धरना प्रदर्शन में अरविंद कुमार चतुर्वेदी, राजेश राय, अशोक पटेल, रुदल, शंभू यादव, मारकंडेय दुबे, रामचंदर कुशवाहा सहित कई लोग शामिल थे।
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डीपीआरओ समरजीत यादव, एडीओ पंचायत अरुण कुमार, लालचंद, दिनेश कुमार राय, उमेशचंद राय, सुभाष प्रसाद, आशिक अली, लल्लन यादव, धर्मनाथ सिंह, पारस प्रसाद, विरेंद्र कुमार सहित कई अधिकारी और कर्मचारी नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरना पर बैठ गए। इनकी मांग थी कि ग्राम पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर तक ग्राम्य विकास विभाग के नियंत्रण से पंचायत राज विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार, कृषि, मत्स्य, शिक्षा, आपूर्ति, लघु सिंचाई और जल निगम को मुक्त रखते हुए मूल विभागीय नियंत्रण स्थापित किया जाए। विभागों के बीच समन्वय बनाने के लिए प्रशासनिक संवर्ग के आईएएस एवं पीसीएस अधिकारियों को अधिकृत किया जाए, जिला पंचायत के मुख्य अधिकारी के पद पर आईएएस या वरिष्ठ पीसीएस संवर्ग के अधिकारी को तैनात किया जाए और समस्त अंतर्विभागीय समंवय का कार्य उन्हीं से कराया जाए। विभागीय कार्यों के कुशल संपादन के लिए क्षेत्र पंचायत स्तरीय स्वतंत्र कार्यालय स्थापित किए जाएं। इस कार्य में ग्राम्य विकास विभाग की ओर से उत्पन्न की जा रही बाधा समाप्त की जाए। इनके ज्ञापन में कुछ अन्य मांगें भी शामिल थीं। इस धरना प्रदर्शन में अरविंद कुमार चतुर्वेदी, राजेश राय, अशोक पटेल, रुदल, शंभू यादव, मारकंडेय दुबे, रामचंदर कुशवाहा सहित कई लोग शामिल थे।
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