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Kushinagar News: संभल जाइए...बगल के जिले में आ चुका है कोरोना वायरस
Thu, 06 Apr 2023 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 06 Apr 2023 01:08 AM IST
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जिला अस्पताल में बिना मास्क पहने आए थे अधिकतर मरीज व तीमारदार, सामाजिक दूरी भी भूले
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। अब भी संभल जाइए... क्योंकि बगल के जिले में कोरोना वायरस आ चुका है। देवरिया और गोरखपुर में इसके केस मिल चुके हैं। बस्ती मंडल के जनपदों में भी संक्रमित मरीज मिले हैं। फिर भी लोग नहीं चेत रहे हैं। जिला अस्पताल में विभिन्न हिस्सों से मरीज आते हैं। अधिकतर लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं, सामाजिक दूरी का पालन करना भूल गए हैं। डॉक्टर तक पहले पहुंचने की होड़ में धक्का-मुक्की भी करते हैं। वे इस बात से अनजान हैं कि संक्रमण फैला तो संभाल पाना मुश्किल होगा। मौजूदा समय में कोरोनारोधी वैक्सीन भी नहीं लग रही है।
वर्ष 2020 से 2022 के बीच का दौर बेहद ही खौफनाक रहा। दूसरे प्रांतों व महानगरों में काम करने वाले लोगों को कोरोना संक्रमण की वजह से अचानक घर आना पड़ा। काफी कठिनाइयां झेलकर लोग घर पहुंचे। रोजगार तो छिना ही बचत के पैसे भी घर बैठने की वजह से खर्च हो गए।
सैकड़ों लोगों ने कोरोना से संक्रमित होने की वजह से इस जिले में दम तोड़ दिया। उस दरम्यान उनके परिवार के लोगों ने भी परेशानियां झेलीं। बड़ी मुश्किल से जिंदगी पटरी पर लौटी। इसके बावजूद लोग फिर लापरवाही बरतने लगे हैं। वह भी तब, जब देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जिले में कोरोना संक्रमित मिले हैं।
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दृश्य-एक
जिला अस्पताल का एमसीएच विंग
जिला अस्पताल के एमसीएच विंग के गेट पर ही बुधवार को मरीजों और तीमारदारों की भीड़ लगी थी, लेकिन किसी ने मास्क नहीं पहन रखा था। वहां तैनात सुरक्षाकर्मी भी बिना मास्क के कुर्सी पर बैठे नजर आए। पूछने पर बताया कि प्रिंसिपल साहब ने बुलाकर कहा है कि मास्क और सामाजिक दूरी का पालन कराएं, लेकिन मरीज तो दूर, दोनों सुरक्षाकर्मी ही सुरक्षा को लेकर संजीदा नहीं दिखे। हाॅल में बैठे लोग भी मास्क नहीं पहने थे।
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दृश्य-2
दवा ले रहे लोग नहीं पहने थे मास्क
ओपीडी में डॉक्टर का परामर्श लेने के बाद मरीज व तीमारदार दवा काउंटर पर पहुंचे। दवा लेने के लिए काउंटर के बाहर लाइन में खड़े थे, लेकिन मास्क लगाने या सामाजिक दूरी के बारे में कोई संजीदगी नहीं दिख रही है।
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दृश्य-3
ओपीडी में धक्का-मुक्की
जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को दोपहर एक बजे तक भीड़ लगी रही। फिजिशियन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर मरीज लाइन में खड़े थे। वह डॉक्टर के पास पहले पहुंचने के लिए आपस में धक्का-मुक्की कर रहे थे, लेकिन इक्का-दुक्का को छोड़कर अन्य किसी ने मास्क नहीं पहना था। सामाजिक दूरी का तो किसी को ध्यान ही नहीं था।
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दृश्य-4
पैथाेलॉजी में भी कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन
जिला अस्पताल में दोपहर 1:30 बजे तक लोग पहुंचे थे। उनमें अधिकतर लोग अपने नमूने की रिपोर्ट लेने के लिए आए थे, लेकिन वहां भी मास्क किसी ने नहीं पहन रखा था। यह स्थिति दर्शाती है कि कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर लोगों में सजगता नहीं दिख रही है।
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कोरोना से संबंधित सूचना देने के लिए बना कंट्रोल रूम
कोरोना से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना या शिकायत के लिए सीएमओ कार्यालय के द्वितीय तल पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसका नंबर 05564 240228 है। इस फोन पर आने वाले कॉल का जवाब देने के लिए एक कर्मचारी की तैनाती की गई है।
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एयरपोर्ट पर कोविड जांच के निर्देश
कुशीनगर के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर दिल्ली की फ्लाइट आती है। यहां उतरने वाले यात्रियों की कोविड जांच के लिए कसया सीएचसी की स्वास्थ्य विभाग की टीम को लगाया गया है। इस टीम को फ्लाइट आने के समय पहुंचकर यात्रियों की कोविड जांच करनी है।
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रोज हो रही आरटीपीसीआर जांच
जिला अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण वाले मरीजों की कोरोना जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहां से सैंपल एकत्र कर जिला अस्पताल में बने आरटीपीसीआर लैब में भेजा जाता है। वहां प्रतिदिन सभी सैंपल की जांच होती है। इस आरटीपीसीआर लैब में नमूनों की जांच करने की क्षमता प्रतिदिन 200 की है। कोरोनारोधी वैक्सीन नहीं लग रही है। क्योंकि लोग वैक्सीन लगवाने में रुचि नहीं दिखा रहे थे। ऐसे में यदि संक्रमण शुरू हुआ तो नियंत्रण पाना मुश्किल हो जाएगा।
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कोट
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिला अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षाकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि जो लोग मास्क लगाकर आएं, उन्हें ही आने दें। सामाजिक दूरी का पालन कराया जाए।
डॉ. आरके शाही, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। अब भी संभल जाइए... क्योंकि बगल के जिले में कोरोना वायरस आ चुका है। देवरिया और गोरखपुर में इसके केस मिल चुके हैं। बस्ती मंडल के जनपदों में भी संक्रमित मरीज मिले हैं। फिर भी लोग नहीं चेत रहे हैं। जिला अस्पताल में विभिन्न हिस्सों से मरीज आते हैं। अधिकतर लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं, सामाजिक दूरी का पालन करना भूल गए हैं। डॉक्टर तक पहले पहुंचने की होड़ में धक्का-मुक्की भी करते हैं। वे इस बात से अनजान हैं कि संक्रमण फैला तो संभाल पाना मुश्किल होगा। मौजूदा समय में कोरोनारोधी वैक्सीन भी नहीं लग रही है।
वर्ष 2020 से 2022 के बीच का दौर बेहद ही खौफनाक रहा। दूसरे प्रांतों व महानगरों में काम करने वाले लोगों को कोरोना संक्रमण की वजह से अचानक घर आना पड़ा। काफी कठिनाइयां झेलकर लोग घर पहुंचे। रोजगार तो छिना ही बचत के पैसे भी घर बैठने की वजह से खर्च हो गए।
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सैकड़ों लोगों ने कोरोना से संक्रमित होने की वजह से इस जिले में दम तोड़ दिया। उस दरम्यान उनके परिवार के लोगों ने भी परेशानियां झेलीं। बड़ी मुश्किल से जिंदगी पटरी पर लौटी। इसके बावजूद लोग फिर लापरवाही बरतने लगे हैं। वह भी तब, जब देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जिले में कोरोना संक्रमित मिले हैं।
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दृश्य-एक
जिला अस्पताल का एमसीएच विंग
जिला अस्पताल के एमसीएच विंग के गेट पर ही बुधवार को मरीजों और तीमारदारों की भीड़ लगी थी, लेकिन किसी ने मास्क नहीं पहन रखा था। वहां तैनात सुरक्षाकर्मी भी बिना मास्क के कुर्सी पर बैठे नजर आए। पूछने पर बताया कि प्रिंसिपल साहब ने बुलाकर कहा है कि मास्क और सामाजिक दूरी का पालन कराएं, लेकिन मरीज तो दूर, दोनों सुरक्षाकर्मी ही सुरक्षा को लेकर संजीदा नहीं दिखे। हाॅल में बैठे लोग भी मास्क नहीं पहने थे।
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दृश्य-2
दवा ले रहे लोग नहीं पहने थे मास्क
ओपीडी में डॉक्टर का परामर्श लेने के बाद मरीज व तीमारदार दवा काउंटर पर पहुंचे। दवा लेने के लिए काउंटर के बाहर लाइन में खड़े थे, लेकिन मास्क लगाने या सामाजिक दूरी के बारे में कोई संजीदगी नहीं दिख रही है।
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दृश्य-3
ओपीडी में धक्का-मुक्की
जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को दोपहर एक बजे तक भीड़ लगी रही। फिजिशियन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर मरीज लाइन में खड़े थे। वह डॉक्टर के पास पहले पहुंचने के लिए आपस में धक्का-मुक्की कर रहे थे, लेकिन इक्का-दुक्का को छोड़कर अन्य किसी ने मास्क नहीं पहना था। सामाजिक दूरी का तो किसी को ध्यान ही नहीं था।
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दृश्य-4
पैथाेलॉजी में भी कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन
जिला अस्पताल में दोपहर 1:30 बजे तक लोग पहुंचे थे। उनमें अधिकतर लोग अपने नमूने की रिपोर्ट लेने के लिए आए थे, लेकिन वहां भी मास्क किसी ने नहीं पहन रखा था। यह स्थिति दर्शाती है कि कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर लोगों में सजगता नहीं दिख रही है।
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कोरोना से संबंधित सूचना देने के लिए बना कंट्रोल रूम
कोरोना से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना या शिकायत के लिए सीएमओ कार्यालय के द्वितीय तल पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसका नंबर 05564 240228 है। इस फोन पर आने वाले कॉल का जवाब देने के लिए एक कर्मचारी की तैनाती की गई है।
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एयरपोर्ट पर कोविड जांच के निर्देश
कुशीनगर के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर दिल्ली की फ्लाइट आती है। यहां उतरने वाले यात्रियों की कोविड जांच के लिए कसया सीएचसी की स्वास्थ्य विभाग की टीम को लगाया गया है। इस टीम को फ्लाइट आने के समय पहुंचकर यात्रियों की कोविड जांच करनी है।
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रोज हो रही आरटीपीसीआर जांच
जिला अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण वाले मरीजों की कोरोना जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहां से सैंपल एकत्र कर जिला अस्पताल में बने आरटीपीसीआर लैब में भेजा जाता है। वहां प्रतिदिन सभी सैंपल की जांच होती है। इस आरटीपीसीआर लैब में नमूनों की जांच करने की क्षमता प्रतिदिन 200 की है। कोरोनारोधी वैक्सीन नहीं लग रही है। क्योंकि लोग वैक्सीन लगवाने में रुचि नहीं दिखा रहे थे। ऐसे में यदि संक्रमण शुरू हुआ तो नियंत्रण पाना मुश्किल हो जाएगा।
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कोट
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिला अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षाकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि जो लोग मास्क लगाकर आएं, उन्हें ही आने दें। सामाजिक दूरी का पालन कराया जाए।
डॉ. आरके शाही, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज