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दो सिपाहियों के हवाले जिले की ट्रैफिक व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो, कुशीनगर।
Updated Thu, 19 Jan 2017 02:03 AM IST
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यातायात व्यवस्था संभालती ट्रैफिक पुलिस।
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जनपद मुख्यालय सहित प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस की नितांत कमी है। आलम यह है कि 14 के सापेक्ष सिर्फ चार जवान ही उपलब्ध हैं। इनमें भी दो की ड्यूटी गोरखपुर में खिचड़ी मेले में लगा दी गई है। ऐसी दशा में जनपद के प्रमुख स्थलों की बात तो दूर जनपद मुख्यालय और पडरौना नगर में ही यातायात व्यवस्था नियंत्रित करना इनके लिए मुश्किल हो रहा है। जगह-जगह जाम लग जाने से आवागमन ठप हो जा रहा है।
जनपद मुख्यालय रवींद्र नगर, पडरौना नगर का सुभाष चौक, रामकोला रोड, कठकुइयां मोड़, कसया का गांधी चौक, कुशीनगर सहित कई ऐसे प्रमुख स्थान हैं, जहां ट्रैफिक पुलिस न रहने पर बार-बार जाम लग जाता है। जाम में फंसे लोगों का समय तो बर्बाद होता ही है, काम भी प्रभावित होता है।
जनपद सृजन के बाद से यातायात व्यवस्था के लिए यातायात उप निरीक्षक सहित 14 पद सृजित किए गए थे। इनमें यातायात उप निरीक्षक के एक, हेड कांस्टेबल के दो, कांस्टेबल के 10 और लिपिक के एक पद हैं। मगर मौजूदा समय में एक यातायात उप निरीक्षक, दो हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल ही जिले में तैनात हैं। इनमें भी एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल की ड्यूटी गोरखपुर के खिचड़ी मेले में लगी है। ऐसे में एक टीएसआई और एक हेड कांस्टेबल के भरोसे पूरे जिले की यातायात व्यवस्था संचालित की जा रही है। नतीजतन जगह-जगह जाम लगने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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यातायात व्यवस्था के लिए जिले में सिर्फ चार ही जवान हैं। इनमें एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल की ड्यूटी खिचड़ी मेला में लगी है। इस वजह से यातायात व्यवस्था में थोड़ी दिक्कतें आ रही हैं।
- गोपाल पांडेय, टीएसआई
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जनपद मुख्यालय रवींद्र नगर, पडरौना नगर का सुभाष चौक, रामकोला रोड, कठकुइयां मोड़, कसया का गांधी चौक, कुशीनगर सहित कई ऐसे प्रमुख स्थान हैं, जहां ट्रैफिक पुलिस न रहने पर बार-बार जाम लग जाता है। जाम में फंसे लोगों का समय तो बर्बाद होता ही है, काम भी प्रभावित होता है।
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जनपद सृजन के बाद से यातायात व्यवस्था के लिए यातायात उप निरीक्षक सहित 14 पद सृजित किए गए थे। इनमें यातायात उप निरीक्षक के एक, हेड कांस्टेबल के दो, कांस्टेबल के 10 और लिपिक के एक पद हैं। मगर मौजूदा समय में एक यातायात उप निरीक्षक, दो हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल ही जिले में तैनात हैं। इनमें भी एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल की ड्यूटी गोरखपुर के खिचड़ी मेले में लगी है। ऐसे में एक टीएसआई और एक हेड कांस्टेबल के भरोसे पूरे जिले की यातायात व्यवस्था संचालित की जा रही है। नतीजतन जगह-जगह जाम लगने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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यातायात व्यवस्था के लिए जिले में सिर्फ चार ही जवान हैं। इनमें एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल की ड्यूटी खिचड़ी मेला में लगी है। इस वजह से यातायात व्यवस्था में थोड़ी दिक्कतें आ रही हैं।
- गोपाल पांडेय, टीएसआई