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जिले में सोलह दिनों में हुई सिर्फ पौने एक फीसदी धान की खरीद
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जिले में सोलह दिनों में हुई सिर्फ पौने एक फीसदी धान की खरीद
- 96800 मीट्रिक टन खरीदा जाना है धान
- धान खरीद के लिए बनाए गए हैं 58 क्रय केंद्र
- पिछले साल इस समय तक हो चुकी थी 3019.71 मीट्रिक टन धान खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। जिले में धान की खरीद एक नवंबर से ही शुरू है, लेकिन एक पखवारा बीतने के बाद भी इसमें तेजी नहीं आ सकी है। 58 क्रय केंद्रों के जरिए अब तक सिर्फ 725.08 मीट्रिक टन ही धान की खरीद हो पाई है, जो लक्ष्य का सिर्फ पौने एक फीसदी है। इसकी कई वजहें बताई जा रही हैं। कहीं क्रय केंद्र बंद हैं तो कहीं किसान ही धान लेकर नहीं पहुंच रहे हैं, जबकि विभाग का कहना है कि राइस मिलर अपनी कुछ मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। वह धान लेने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। इस वजह से भी धान खरीद नहीं हो पा रही है। मिलरों से वार्ता चल रही है।
जिले में धान खरीद के लिए भारतीय खाद्य निगम, खाद्य विभाग, यूपीएसएस, पीसीएफ और पीसीयू को नामित किया गया है। इनमें खाद्य विभाग के 21, भारतीय खाद्य निगम की एक, पीसीएफ के 24, यूपीएसएस के पांच और पीसीयू के सात सहित कुल 58 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। शासन के निर्देश पर एक नवंबर से धान खरीद शुरू कर दी गई है। खरीद के लिए सरकार की तरफ से धान का समर्थन मूल्य 1940 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। डीएम की तरफ से धान खरीद के लिए 96800 मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन 16 दिन बीतने तक सिर्फ 725.08 मीट्रिक टन ही धान खरीद हो पाई है, जो इस साल के लक्ष्य का पौने एक फीसदी है। जबकि पिछले साल इस समय तक 3019.71 मीट्रिक हुई थी। अभी भी अधिकतर जगह धान क्रय केंद्र बंद रह रहे हैं।
जिले में धान खरीद की स्थिति (मीट्रिक टन में)-
एजेंसी का नाम- स्थापित क्रय केंद्र- लक्ष्य- धान खरीद
1. खाद्य विभाग- 21- 33800- 1069.94
2. भारतीय खाद्य निगम- 01- 2000- 7.50
3. पीसीएफ- 24- 40000- 191.68
4. यूपीएसएस- 05- 9000- 23.50
5. पीसीयू- 07- 12000- 47.66
योग- 58- 96800- 725.08
00000
जिले में धान खरीद एक नवंबर से ही चल रही है। यहां 30 राइस मिलर हैं, लेकिन वह धान लेने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। उनकी कई तरह की मांगें हैं, जिसमें चावल रिकवरी की मात्रा घटाने की मांग प्रमुख है। उनका कहना है कि 67 प्रतिशत से अधिक चावल नहीं बन पा रहा है। मिलरों से वार्ता चल रही है। इसके अलावा धान क्रय केंद्रों पर अब खरीद में तेजी लाने के लिए सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया गया है। इसमें तेजी आने की संभावना है।
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विनय प्रताप सिंह, डिप्टी आरएमओ
पिछले साल से घटकर तीन हुई क्रय केंद्रों की संख्या, किसानों की परेशानी बढ़ी
सुकरौली क्षेत्र में धान क्रय केंद्रों का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सुकरौली। क्षेत्र के धान क्रय केंद्रों की स्थिति ठीक नहीं है। पिछले साल दस क्रय केंद्र बने थे, लेकिन इस साल केवल तीन क्रय केंद्र ही बनाए गए हैं। इनमें पट्टन में खाद्य विभाग तथा कोटवा एवं ठूठी में पीसीएफ का धान क्रय केंद्र बनाया गया है। पट्टन के गोदाम पर 200 एमटी धान खरीद हुई है, लेकिन अन्य दोनों केंद्रों पर अभी धान खरीद शुरू ही नहीं हुई है। धान की खरीद नहीं होने से किसान परेशान हैं। ऐसी दशा में किसान जरूरतें पूरी करने के लिए कम दाम पर अपना धान बिचौलियों के हाथों बेंचने के लिए विवश हैं।
क्षेत्र में कुल दस धान क्रय केंद्र हैं, जिसमें से तीन केंद्र खुल रहे हैं। सुकरौली ब्लॉक के महादनपुर सिहुलियां गांव के रहने वाले हरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि यहां के क्रय केंद्र पर धान बाहर रखा गया है। तौल कराने के लिए गोदाम का चक्कर लगा रहा हूं।
पैकौली निवासी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि दो सौ से अधिक बोरा बाहर ही रखा गया है। डर है कि धान नुकसान न हो। उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया हूं, लेकिन अभी तक हमारे धान की खरीद नहीं हो पाई है।
पिड़रा गांव के सुभाष पांडेय ने कहा कि कई क्रय केंद्र बंद होने से किसानों को दिक्कत हो रही है। उन्होंने बताया कि धान बेचकर ही गेहूं का बीज खरीदना है, जिससे बुवाई हो सके। धान तौल न होने से गेहूं की बुवाई के लिए रुपये नहीं हो पा रहे हैं।
ढाढ़ा के किसान गुड्डू दूबे ने कहा कि पिछले साल की तरह इस साल भी खरीद की व्यवस्था ध्वस्त है। जिस वजह से खेती का कार्य बाधित है।
इस संबंध में क्षेत्र के पट्टन में स्थित खाद्य विभाग के धान क्रय केंद्र के प्रभारी पवन द्विवेदी ने बताया कि क्रय केंद्रों की कमी होने से धान खरीद में दिक्कतें हो रही हैं। करीब दो सौ क्विंटल तक की खरीददारी अभी तक हुई है। पहले से संचालित दस केंद्रों में तीन ही चल रहा है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। किसानों की समस्या का जल्द ही समाधान कराया जाएगा।
विपणन अधिकारी ने किया धान क्रय केंद्र का निरीक्षण
- पारदर्शी तरीके से धान खरीदने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
पटहेरवा। महुअवा अहलादपुर के किसान सेवा सहकारी समिति का मंगलवार को विपणन अधिकारी ने निरीक्षण किया। वहां कई किसानों से मिलकर धान खरीद के बारे में जानकारी ली। उन्होंने क्रय केंद्र प्रभारी को पारदर्शी तरीके से धान की खरीदारी किए जाने के निर्देश दिए।
तमकुहीराज के विपणन अधिकारी पंकज विश्वकर्मा ने मंगलवार को सुबह करीब दस बजे किसान सेवा सहकारी समिति महुअवा अहलादपुर पर धान खरीद का जायजा लेने पहुंचे। वहां किसानों से धान खरीद की जा रही थी। उन्होंने वजन सहित अन्य मापकों का निरीक्षण कर संतोष व्यक्त किया। क्रय केंद्र प्रभारी विजयलाल श्रीवास्तव से पूरी पारदर्शिता के किसानों से धान खरीदने का निर्देश दिया। क्रय केंद्र प्रभारी ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप धान क्रय तो शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक किसी मिलर का पता नहीं है। इससे किसानों का धान खरीदकर रखने में परेशानी हो सकती है। इनका कहना था कि नंबर लगाए चार से पांच किसानों को सूचित कर क्रय केंद्र पर धान लेकर पहुंचने के लिए एक दिन पहले सूचना दी जा रही है ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो सके। क्रय केंद्र पर सुबह से ही क्षेत्र के नरायनपुर गांव के व्यास तिवारी, हरिकिशुन गुप्ता, शंभू तिवारी, प्रभुनाथ तिवारी, बसंतपुर के किसान जमील धान लेकर पहुंचे थे। उनके धान का तौल किया जा रहा था।
बबुइयां हरपुर के क्रय केंद्र पर नहीं शुरू हुई धान खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
जटहां बाजार। विशुनपुरा ब्लॉक में धान खरीद शुरू नहीं हो पाई है। किसान सेवा सहकारी समिति बबुइयां हरपुर में मंगलवार को ताला लटका मिला। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि अभी तक धान खरीद शुरू ही नहीं हुई है। मंगलवार को इस क्रय केंद्र पर ताला लटका मिला।
मोजहिदा गांव के प्रधान अशोक गुप्त, मैनेजर कुशवाहा, रामप्रीत चौहान, चंद्रमा चौबे, मंजूर अंसारी, शंकर चौहान सहित कई किसानों का कहना है कि अभी तक यहां धान की खरीद शुरू नहीं हो सकी है। किसान यहां आते हैं और वापस लौट जाते हैं। इस संबंध में समिति के सचिव मुस्तकीम अंसारी ने बताया कि घर में शादी थी। इसलिए समिति बंद है। उन्होंने बताया कि करीब पांच हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य है और एक हजार बोरा मिला है। एक दिन पांच क्विंटल धान की खरीद हुई है।
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- 96800 मीट्रिक टन खरीदा जाना है धान
- धान खरीद के लिए बनाए गए हैं 58 क्रय केंद्र
- पिछले साल इस समय तक हो चुकी थी 3019.71 मीट्रिक टन धान खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। जिले में धान की खरीद एक नवंबर से ही शुरू है, लेकिन एक पखवारा बीतने के बाद भी इसमें तेजी नहीं आ सकी है। 58 क्रय केंद्रों के जरिए अब तक सिर्फ 725.08 मीट्रिक टन ही धान की खरीद हो पाई है, जो लक्ष्य का सिर्फ पौने एक फीसदी है। इसकी कई वजहें बताई जा रही हैं। कहीं क्रय केंद्र बंद हैं तो कहीं किसान ही धान लेकर नहीं पहुंच रहे हैं, जबकि विभाग का कहना है कि राइस मिलर अपनी कुछ मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। वह धान लेने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। इस वजह से भी धान खरीद नहीं हो पा रही है। मिलरों से वार्ता चल रही है।
जिले में धान खरीद के लिए भारतीय खाद्य निगम, खाद्य विभाग, यूपीएसएस, पीसीएफ और पीसीयू को नामित किया गया है। इनमें खाद्य विभाग के 21, भारतीय खाद्य निगम की एक, पीसीएफ के 24, यूपीएसएस के पांच और पीसीयू के सात सहित कुल 58 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। शासन के निर्देश पर एक नवंबर से धान खरीद शुरू कर दी गई है। खरीद के लिए सरकार की तरफ से धान का समर्थन मूल्य 1940 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। डीएम की तरफ से धान खरीद के लिए 96800 मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन 16 दिन बीतने तक सिर्फ 725.08 मीट्रिक टन ही धान खरीद हो पाई है, जो इस साल के लक्ष्य का पौने एक फीसदी है। जबकि पिछले साल इस समय तक 3019.71 मीट्रिक हुई थी। अभी भी अधिकतर जगह धान क्रय केंद्र बंद रह रहे हैं।
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जिले में धान खरीद की स्थिति (मीट्रिक टन में)-
एजेंसी का नाम- स्थापित क्रय केंद्र- लक्ष्य- धान खरीद
1. खाद्य विभाग- 21- 33800- 1069.94
2. भारतीय खाद्य निगम- 01- 2000- 7.50
3. पीसीएफ- 24- 40000- 191.68
4. यूपीएसएस- 05- 9000- 23.50
5. पीसीयू- 07- 12000- 47.66
योग- 58- 96800- 725.08
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जिले में धान खरीद एक नवंबर से ही चल रही है। यहां 30 राइस मिलर हैं, लेकिन वह धान लेने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। उनकी कई तरह की मांगें हैं, जिसमें चावल रिकवरी की मात्रा घटाने की मांग प्रमुख है। उनका कहना है कि 67 प्रतिशत से अधिक चावल नहीं बन पा रहा है। मिलरों से वार्ता चल रही है। इसके अलावा धान क्रय केंद्रों पर अब खरीद में तेजी लाने के लिए सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया गया है। इसमें तेजी आने की संभावना है।
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विनय प्रताप सिंह, डिप्टी आरएमओ
पिछले साल से घटकर तीन हुई क्रय केंद्रों की संख्या, किसानों की परेशानी बढ़ी
सुकरौली क्षेत्र में धान क्रय केंद्रों का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सुकरौली। क्षेत्र के धान क्रय केंद्रों की स्थिति ठीक नहीं है। पिछले साल दस क्रय केंद्र बने थे, लेकिन इस साल केवल तीन क्रय केंद्र ही बनाए गए हैं। इनमें पट्टन में खाद्य विभाग तथा कोटवा एवं ठूठी में पीसीएफ का धान क्रय केंद्र बनाया गया है। पट्टन के गोदाम पर 200 एमटी धान खरीद हुई है, लेकिन अन्य दोनों केंद्रों पर अभी धान खरीद शुरू ही नहीं हुई है। धान की खरीद नहीं होने से किसान परेशान हैं। ऐसी दशा में किसान जरूरतें पूरी करने के लिए कम दाम पर अपना धान बिचौलियों के हाथों बेंचने के लिए विवश हैं।
क्षेत्र में कुल दस धान क्रय केंद्र हैं, जिसमें से तीन केंद्र खुल रहे हैं। सुकरौली ब्लॉक के महादनपुर सिहुलियां गांव के रहने वाले हरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि यहां के क्रय केंद्र पर धान बाहर रखा गया है। तौल कराने के लिए गोदाम का चक्कर लगा रहा हूं।
पैकौली निवासी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि दो सौ से अधिक बोरा बाहर ही रखा गया है। डर है कि धान नुकसान न हो। उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया हूं, लेकिन अभी तक हमारे धान की खरीद नहीं हो पाई है।
पिड़रा गांव के सुभाष पांडेय ने कहा कि कई क्रय केंद्र बंद होने से किसानों को दिक्कत हो रही है। उन्होंने बताया कि धान बेचकर ही गेहूं का बीज खरीदना है, जिससे बुवाई हो सके। धान तौल न होने से गेहूं की बुवाई के लिए रुपये नहीं हो पा रहे हैं।
ढाढ़ा के किसान गुड्डू दूबे ने कहा कि पिछले साल की तरह इस साल भी खरीद की व्यवस्था ध्वस्त है। जिस वजह से खेती का कार्य बाधित है।
इस संबंध में क्षेत्र के पट्टन में स्थित खाद्य विभाग के धान क्रय केंद्र के प्रभारी पवन द्विवेदी ने बताया कि क्रय केंद्रों की कमी होने से धान खरीद में दिक्कतें हो रही हैं। करीब दो सौ क्विंटल तक की खरीददारी अभी तक हुई है। पहले से संचालित दस केंद्रों में तीन ही चल रहा है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। किसानों की समस्या का जल्द ही समाधान कराया जाएगा।
विपणन अधिकारी ने किया धान क्रय केंद्र का निरीक्षण
- पारदर्शी तरीके से धान खरीदने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
पटहेरवा। महुअवा अहलादपुर के किसान सेवा सहकारी समिति का मंगलवार को विपणन अधिकारी ने निरीक्षण किया। वहां कई किसानों से मिलकर धान खरीद के बारे में जानकारी ली। उन्होंने क्रय केंद्र प्रभारी को पारदर्शी तरीके से धान की खरीदारी किए जाने के निर्देश दिए।
तमकुहीराज के विपणन अधिकारी पंकज विश्वकर्मा ने मंगलवार को सुबह करीब दस बजे किसान सेवा सहकारी समिति महुअवा अहलादपुर पर धान खरीद का जायजा लेने पहुंचे। वहां किसानों से धान खरीद की जा रही थी। उन्होंने वजन सहित अन्य मापकों का निरीक्षण कर संतोष व्यक्त किया। क्रय केंद्र प्रभारी विजयलाल श्रीवास्तव से पूरी पारदर्शिता के किसानों से धान खरीदने का निर्देश दिया। क्रय केंद्र प्रभारी ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप धान क्रय तो शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक किसी मिलर का पता नहीं है। इससे किसानों का धान खरीदकर रखने में परेशानी हो सकती है। इनका कहना था कि नंबर लगाए चार से पांच किसानों को सूचित कर क्रय केंद्र पर धान लेकर पहुंचने के लिए एक दिन पहले सूचना दी जा रही है ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो सके। क्रय केंद्र पर सुबह से ही क्षेत्र के नरायनपुर गांव के व्यास तिवारी, हरिकिशुन गुप्ता, शंभू तिवारी, प्रभुनाथ तिवारी, बसंतपुर के किसान जमील धान लेकर पहुंचे थे। उनके धान का तौल किया जा रहा था।
बबुइयां हरपुर के क्रय केंद्र पर नहीं शुरू हुई धान खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
जटहां बाजार। विशुनपुरा ब्लॉक में धान खरीद शुरू नहीं हो पाई है। किसान सेवा सहकारी समिति बबुइयां हरपुर में मंगलवार को ताला लटका मिला। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि अभी तक धान खरीद शुरू ही नहीं हुई है। मंगलवार को इस क्रय केंद्र पर ताला लटका मिला।
मोजहिदा गांव के प्रधान अशोक गुप्त, मैनेजर कुशवाहा, रामप्रीत चौहान, चंद्रमा चौबे, मंजूर अंसारी, शंकर चौहान सहित कई किसानों का कहना है कि अभी तक यहां धान की खरीद शुरू नहीं हो सकी है। किसान यहां आते हैं और वापस लौट जाते हैं। इस संबंध में समिति के सचिव मुस्तकीम अंसारी ने बताया कि घर में शादी थी। इसलिए समिति बंद है। उन्होंने बताया कि करीब पांच हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य है और एक हजार बोरा मिला है। एक दिन पांच क्विंटल धान की खरीद हुई है।