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Kushinagar News: भागवत कथा के श्रवण मात्र से मिलता है मोक्ष
Tue, 16 Sep 2025 02:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 16 Sep 2025 02:07 AM IST
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पडरौना में कथा सुनाते धीरज कृष्ण। स्रोत-सोशल मीडिया
पडरौना। महात्म्य का मतलब परिचय है। जब तक किसी के बारे में जानेंगे व समझेंगे नहीं तब तक उससे प्रेम नहीं हो सकता है। भयंकर प्रेत योनि को प्राप्त धुंधकारी जैसा भयंकर प्रेत भी श्रीमद्भागवत की कथा श्रवण करने के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति कर लेता है।
ये बातें कस्बा के रामकोला रोड स्थित एक विवाह भवन परिसर में शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन आचार्य धीरज कृष्ण महाराज ने कहीं। उन्होंने कहा कि यदि धुंधकारी को मुक्ति मिल सकती है तो व्यक्ति को श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मोक्ष की प्राप्ति क्यों नहीं हो सकती है। नारद महाराज सनत कुमारों द्वारा भक्ति महारानी ज्ञान वैराग्य के दुख दूर करने का उद्देश्य लेकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर सभी दुखों से मुक्ति पा जाता है। इसलिए श्रीमद्भागवत का आश्रय ग्रहण करने से जीवन और मरण से छुटकारा प्राप्त करके भगवान की प्राप्ति की जा सकती है। संवाद
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ये बातें कस्बा के रामकोला रोड स्थित एक विवाह भवन परिसर में शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन आचार्य धीरज कृष्ण महाराज ने कहीं। उन्होंने कहा कि यदि धुंधकारी को मुक्ति मिल सकती है तो व्यक्ति को श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मोक्ष की प्राप्ति क्यों नहीं हो सकती है। नारद महाराज सनत कुमारों द्वारा भक्ति महारानी ज्ञान वैराग्य के दुख दूर करने का उद्देश्य लेकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर सभी दुखों से मुक्ति पा जाता है। इसलिए श्रीमद्भागवत का आश्रय ग्रहण करने से जीवन और मरण से छुटकारा प्राप्त करके भगवान की प्राप्ति की जा सकती है। संवाद
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