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एक देश, एक चुनाव तो एक समान शिक्षा व्यवस्था क्यों नहीं : राजभर
Sun, 10 Dec 2023 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 10 Dec 2023 01:17 AM IST
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कप्तानगंज के कनोडिया इंटर कॉलेज परिसर में दलित सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व
कप्तानगंज। कस्बे के कनोडिया इंटर कॉलेज के मैदान में शनिवार को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की ओर से दलित सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर और विशिष्ट अतिथि पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव डाॅ. अरविंद कुमार राजभर रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि एक देश, एक चुनाव तो एक समान शिक्षा व्यवस्था क्यों नहीं होनी चाहिए।
मुख्य अतिथि ने कहा कि भगवान गौतम बुद्ध ने शिक्षा का सबको अधिकार दिलाने के लिए लड़ाई लड़ने वाली सावित्री बाई फुले ने महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाया। डाॅ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान में सभी विचारधाराओं को पिरोने का कार्य किया। उनकी देन है कि दलित अपने अधिकारों को समझ रहा है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. अरविंद कुमार राजभर ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि दलित का वोट, वोट न समझ कर एटीएम वोट समझ कर अपना प्रयोग करती रहीं। अगर किसी भी दलित बेटी के साथ गैंगरेप की घटना होती है तो उनके कान तक कभी आवाज नहीं गई। वह केवल दलितों को वोट बैंक समझकर जीवन भर चलती रहीं। संविधान के निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने सामंतवादी विचारधारा के खिलाफ लड़ते रहे। उन्होंने संविधान में सभी को बराबर का हक देने का कार्य किया।
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कार्यक्रम के आयोजन के पहले पूर्व विधायक और पार्टी के प्रदेश महासचिव रामानंद बौद्ध ने कहा कि जब तक दलित अपने अधिकारों को समझेगा नहीं, तब तक समान अधिकार की कल्पना करना ठीक नहीं होगा।
सम्मेलन को जिलाध्यक्ष दिलावर राजभर, मुन्ना बौद्ध, ओमप्रकाश राजभर और लालमन राजभर ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता रामसेवक और संचालन धीरज सिंह पटेल ने किया। इस दौरान अशोक राजभर, अखिलेश गौतम, हीरा यादव, पतिराज राजभर, भीम कुशवाहा, निधि राजभर, त्रिलोकी सिंह, लालमणि देवी, धीरज मौर्य, भागीरथी मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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मुख्य अतिथि ने कहा कि भगवान गौतम बुद्ध ने शिक्षा का सबको अधिकार दिलाने के लिए लड़ाई लड़ने वाली सावित्री बाई फुले ने महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाया। डाॅ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान में सभी विचारधाराओं को पिरोने का कार्य किया। उनकी देन है कि दलित अपने अधिकारों को समझ रहा है।
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विशिष्ट अतिथि डॉ. अरविंद कुमार राजभर ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि दलित का वोट, वोट न समझ कर एटीएम वोट समझ कर अपना प्रयोग करती रहीं। अगर किसी भी दलित बेटी के साथ गैंगरेप की घटना होती है तो उनके कान तक कभी आवाज नहीं गई। वह केवल दलितों को वोट बैंक समझकर जीवन भर चलती रहीं। संविधान के निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने सामंतवादी विचारधारा के खिलाफ लड़ते रहे। उन्होंने संविधान में सभी को बराबर का हक देने का कार्य किया।
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कार्यक्रम के आयोजन के पहले पूर्व विधायक और पार्टी के प्रदेश महासचिव रामानंद बौद्ध ने कहा कि जब तक दलित अपने अधिकारों को समझेगा नहीं, तब तक समान अधिकार की कल्पना करना ठीक नहीं होगा।
सम्मेलन को जिलाध्यक्ष दिलावर राजभर, मुन्ना बौद्ध, ओमप्रकाश राजभर और लालमन राजभर ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता रामसेवक और संचालन धीरज सिंह पटेल ने किया। इस दौरान अशोक राजभर, अखिलेश गौतम, हीरा यादव, पतिराज राजभर, भीम कुशवाहा, निधि राजभर, त्रिलोकी सिंह, लालमणि देवी, धीरज मौर्य, भागीरथी मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद थे।