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Kushinagar News: अब तय रूट से अलग चले ई-रिक्शा तो चालान
Sun, 12 Oct 2025 12:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 12 Oct 2025 12:53 AM IST
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पडरौना के सुभाष चौक पर खड़े ई-रिक्शा। संवाद
पडरौना। शहर के लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से तैयार रूट चार्ट का अनुपालन शुरू कर दिया गया है। जिन रूटों पर जिन ई-रिक्शा संचालकों को वाहन चलाने की मंजूरी दी गई है, उन्हें दूसरे रूटों पर संचालित होते मिलने पर उन्हें चेतावनी दी जा रही है।
इसके बाद भी नहीं मानने वालों के ई-रिक्शा का चालान किया जा रहा है। यातायात पुलिस ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई 15 दिन चलेगी, यदि इसके बाद भी निर्धारित रूट के अनुरूप ई-रिक्शा चालक संचालित करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके वाहनों को सीज कर दिया जाएगा।
यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की तरफ से शहर में संचालित ई-रिक्शा चालकों के लिए रूटों का हुआ निर्धारण के अनुसार ई-रिक्शा व ऑटो को उनके निर्धारित रूट पर ही संचालित कर प्रशासन की तरफ से तैयार रूट चार्ट को धरातल पर उतार दिया गया है।
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सिटी सेवा समेत कुल छह रूटों में प्रत्येक के लिए करीब 100 से 400 वाहन निर्धारित किए जा रहे हैं, जबकि सिटी सेवा के लिए 50 ई-रिक्शा निर्धारित किए गए हैं।
जिला मुख्यालय पर रोजाना हजारों लोगों का आवागमन होता है। इसकी वजह से सुबह से देर शाम वाहनों का आवागमन रहता है।
शहर के अलावा जिले के अन्य छोटे-बड़े शहरों से बस या अन्य वाहनों से आने वाले लोगों को जिला मुख्यालय या शहर के अन्य मोहल्लों में पहुंचाने के लिए ई-रिक्शा चालकों का संचालन होता है। कई ई-रिक्शा चालक पडरौना से सवारी बैठाकर कर लोगों को शहर के 10 से 15 किलोमीटर दूर तक यात्रियों को छोड़ते और वहां से लेकर शहर में आते हैं।
जल्दी सवारी मिलने की वजह से लोग भी इन्हीं ई-रिक्शा का सहारा लेते हैं। इसके चलते शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा की भीड़ अधिक रहती है। आरटीओ कार्यालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक जिले में करीब 7000 ई-रिक्शा संचालित हैं।
इसमें से पडरौना शहर में करीब 1500 ई-रिक्शा शहर के मुख्य मार्ग के अलावा विभिन्न मोहल्ले से फर्राटा भरते हैं। ई-रिक्शा चालकों को जगह-जगह रोककर सवारियां बैठाने से अक्सर जाम लगता है।
शहर की सड़कों पर रूक-रूक कर हर दिन लगने वाले जाम की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए यातायात पुलिस और परिवहन विभाग ने शहर में ई-रिक्शा और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ई-रिक्शा के लिए रूट निर्धारित करने के अलावा उनके संचालन की सीमा निर्धारित कर दी है।
इसके लिए वाहनों पर पेंट से रूट नंबर अंकित कराया गया है। निर्धारित रूटों को लागू करने की उच्चाधिकारियों से स्वीकृति मिलते ही रूट चार्ट को धरातल पर उतार दिया गया है।
निर्धारित रूटों पर ई-रिक्शा और टेंपो का संचालन शुरू : शहर में लागू रूट चार्ट के अनुसार ई-रिक्शा और टेंपो का संचालन शुरू करा दिया गया है। इसका पालन नहीं करने वालों को पहले तो चेतावनी दी जा रही है।
उसके बाद यदि वे नहीं नियमों का उल्लंघन करते मिल रहे तो उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान की जा रही है। यातायात पुलिस के अनुसार बार-बार मना करने के बाद भी निर्धारित रूट चार्ट का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
रूट का पालन नहीं करने पर बीते दो दिन में करीब 80 ई-रिक्शा का ई-चालान किया गया है।
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इसके बाद भी नहीं मानने वालों के ई-रिक्शा का चालान किया जा रहा है। यातायात पुलिस ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई 15 दिन चलेगी, यदि इसके बाद भी निर्धारित रूट के अनुरूप ई-रिक्शा चालक संचालित करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके वाहनों को सीज कर दिया जाएगा।
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यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की तरफ से शहर में संचालित ई-रिक्शा चालकों के लिए रूटों का हुआ निर्धारण के अनुसार ई-रिक्शा व ऑटो को उनके निर्धारित रूट पर ही संचालित कर प्रशासन की तरफ से तैयार रूट चार्ट को धरातल पर उतार दिया गया है।
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सिटी सेवा समेत कुल छह रूटों में प्रत्येक के लिए करीब 100 से 400 वाहन निर्धारित किए जा रहे हैं, जबकि सिटी सेवा के लिए 50 ई-रिक्शा निर्धारित किए गए हैं।
जिला मुख्यालय पर रोजाना हजारों लोगों का आवागमन होता है। इसकी वजह से सुबह से देर शाम वाहनों का आवागमन रहता है।
शहर के अलावा जिले के अन्य छोटे-बड़े शहरों से बस या अन्य वाहनों से आने वाले लोगों को जिला मुख्यालय या शहर के अन्य मोहल्लों में पहुंचाने के लिए ई-रिक्शा चालकों का संचालन होता है। कई ई-रिक्शा चालक पडरौना से सवारी बैठाकर कर लोगों को शहर के 10 से 15 किलोमीटर दूर तक यात्रियों को छोड़ते और वहां से लेकर शहर में आते हैं।
जल्दी सवारी मिलने की वजह से लोग भी इन्हीं ई-रिक्शा का सहारा लेते हैं। इसके चलते शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा की भीड़ अधिक रहती है। आरटीओ कार्यालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक जिले में करीब 7000 ई-रिक्शा संचालित हैं।
इसमें से पडरौना शहर में करीब 1500 ई-रिक्शा शहर के मुख्य मार्ग के अलावा विभिन्न मोहल्ले से फर्राटा भरते हैं। ई-रिक्शा चालकों को जगह-जगह रोककर सवारियां बैठाने से अक्सर जाम लगता है।
शहर की सड़कों पर रूक-रूक कर हर दिन लगने वाले जाम की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए यातायात पुलिस और परिवहन विभाग ने शहर में ई-रिक्शा और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ई-रिक्शा के लिए रूट निर्धारित करने के अलावा उनके संचालन की सीमा निर्धारित कर दी है।
इसके लिए वाहनों पर पेंट से रूट नंबर अंकित कराया गया है। निर्धारित रूटों को लागू करने की उच्चाधिकारियों से स्वीकृति मिलते ही रूट चार्ट को धरातल पर उतार दिया गया है।
निर्धारित रूटों पर ई-रिक्शा और टेंपो का संचालन शुरू : शहर में लागू रूट चार्ट के अनुसार ई-रिक्शा और टेंपो का संचालन शुरू करा दिया गया है। इसका पालन नहीं करने वालों को पहले तो चेतावनी दी जा रही है।
उसके बाद यदि वे नहीं नियमों का उल्लंघन करते मिल रहे तो उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान की जा रही है। यातायात पुलिस के अनुसार बार-बार मना करने के बाद भी निर्धारित रूट चार्ट का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
रूट का पालन नहीं करने पर बीते दो दिन में करीब 80 ई-रिक्शा का ई-चालान किया गया है।