{"_id":"65639caef036ca7e260b3cb3","slug":"now-city-scan-of-medicolegal-people-started-in-medical-college-kushinagar-news-c-205-1-sgkp1014-8346-2023-11-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: मेडिकल कॉलेज में अब मेडिकोलीगल वालों का शुरू हुआ सिटी स्कैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: मेडिकल कॉलेज में अब मेडिकोलीगल वालों का शुरू हुआ सिटी स्कैन
Mon, 27 Nov 2023 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 27 Nov 2023 12:59 AM IST
विज्ञापन
- मरीजों को सिटी स्कैन कराने के लिए जाना पड़ता था मेडिकल कॉलेज गोरखपुर
- समय व धन बर्बाद होने के अलावा झेलनी पड़ रही थी परेशानी
पडरौना। मेडिकल कॉलेज में जिला अस्पताल के विलय के बाद यहां चिकित्सीय सुविधाएं भी बढ़ती जा रही हैं। मेडिकोलीगल वाले जिन मामलों में सिटी स्कैन के लिए यहां से लोगों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया जाता था, अब इस परेशानी से छुटकारा मिलेगा। शासन के निर्देश पर यहां मेडिकोलीगल वाले मरीजों का भी सिटी स्कैन शुरू कर दिया गया है।
जिला अस्पताल में सिटी स्कैन की सुविधा करीब तीन साल से है, लेकिन मेडिकोलीगल कराने के लिए मरीजों को गोरखपुर रेफर कर दिया जाता था। क्योंकि निजी कंपनी की तरफ से यहां सिटी स्कैन की सेवाएं दी जाती हैं। मरीजों को लेकर गोरखपुर जाने-आने में समय और धन का अपव्यय होता था। इसके अलावा परेशानी होती थी, वह अलग।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने बताया कि शासन के निर्देश पर यहां भी मेडिकोलीगल वाले मरीजों का सिटी स्कैन शुरू कर दिया गया है। अब उन्हें गोरखपुर जाने की जरूरत नहीं है। सिटी स्कैन की सुविधा निशुल्क है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- समय व धन बर्बाद होने के अलावा झेलनी पड़ रही थी परेशानी
पडरौना। मेडिकल कॉलेज में जिला अस्पताल के विलय के बाद यहां चिकित्सीय सुविधाएं भी बढ़ती जा रही हैं। मेडिकोलीगल वाले जिन मामलों में सिटी स्कैन के लिए यहां से लोगों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया जाता था, अब इस परेशानी से छुटकारा मिलेगा। शासन के निर्देश पर यहां मेडिकोलीगल वाले मरीजों का भी सिटी स्कैन शुरू कर दिया गया है।
जिला अस्पताल में सिटी स्कैन की सुविधा करीब तीन साल से है, लेकिन मेडिकोलीगल कराने के लिए मरीजों को गोरखपुर रेफर कर दिया जाता था। क्योंकि निजी कंपनी की तरफ से यहां सिटी स्कैन की सेवाएं दी जाती हैं। मरीजों को लेकर गोरखपुर जाने-आने में समय और धन का अपव्यय होता था। इसके अलावा परेशानी होती थी, वह अलग।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने बताया कि शासन के निर्देश पर यहां भी मेडिकोलीगल वाले मरीजों का सिटी स्कैन शुरू कर दिया गया है। अब उन्हें गोरखपुर जाने की जरूरत नहीं है। सिटी स्कैन की सुविधा निशुल्क है।
विज्ञापन