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मियाद बीती, नहीं खुल पाया महिला अस्पताल
कुशीनगर (ब्यूरो)
Updated Wed, 07 Mar 2018 12:19 AM IST
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मियाद बीती, नहीं खुल पाया महिला अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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पडरौना। जिले की आधी आबादी और मासूूम बच्चों के बेहतर इलाज के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय के बगल में निर्माणाधीन एमसीएच (मॉडल मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ) इकाई के निर्माण का काम ढाई साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है, जबकि कार्यदायी संस्था को बीते वर्ष फरवरी माह में ही निर्माण का काम पूरा कर स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर देना था।
निर्माण का काम पूरा नहीं होने के कारण आधी आबादी के साथ ही बच्चों के इलाज के लिए लोगों को निजी अस्पतालों की महंगी चिकित्सा सेवा का सहारा लेना पड़ रहा है। संयुक्त जिला चिकित्सालय की तरह जिला महिला अस्पताल (एमसीएच) भी 100 बेड का होगा। इसमें भी चिकित्सा अधीक्षक, बाल रोग, स्त्री रोग व हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाएगी। ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर) महिला और महिला चिकित्साधिकारी की नियुक्ति भी होनी है। मैट्रन, सिस्टर, नर्स, चीफ फार्मासिस्ट, फार्मासिस्ट सहित अन्य पदों पर तैनाती की जानी है।
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निर्माण का काम पूरा नहीं होने के कारण आधी आबादी के साथ ही बच्चों के इलाज के लिए लोगों को निजी अस्पतालों की महंगी चिकित्सा सेवा का सहारा लेना पड़ रहा है। संयुक्त जिला चिकित्सालय की तरह जिला महिला अस्पताल (एमसीएच) भी 100 बेड का होगा। इसमें भी चिकित्सा अधीक्षक, बाल रोग, स्त्री रोग व हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाएगी। ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर) महिला और महिला चिकित्साधिकारी की नियुक्ति भी होनी है। मैट्रन, सिस्टर, नर्स, चीफ फार्मासिस्ट, फार्मासिस्ट सहित अन्य पदों पर तैनाती की जानी है।
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