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नहीं रुक रही कटान, नदी किनारे के गांवों में दहशत

Mon, 30 Jul 2018 12:03 AM IST
कुशीनगर (ब्यूरो)
कुशीनगर (ब्यूरो) Updated Mon, 30 Jul 2018 12:03 AM IST
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Not a stopping point, panic in the riverside villages
नहीं रुक रही कटान, नदी किनारे के गांवों में दहशत - फोटो : अमर उजाला
पडरौना। जलस्तर में कमी होने पर बचाव कार्य शुरू होने के बाद भ गंडक नदी का कटान नहीं रुक रहा है। लगातार कटान होने से आसपास के गांवों के लोग भयभीत हैं। लोग इस आशंका से डरे हुए हैं कि नदी में डिस्चार्ज बढ़ा तो जर्जर तटबंध व कटान के चलते लोगों को बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ सकती है।
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तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार एपी तटबंध पर जंगलीपट्टी के दो क्षतिग्रस्त स्परों को बचाने का कार्य चल रहा है लेकिन नदी का कटान अब तक नहीं रुका है। इसके चलते लोग बाढ़ की आशंका से सहमे हुए हैं। नदी में पानी का डिस्चार्ज बढ़ा तो जर्जर तटबंध व कटान के चलते लोगों को बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ेगी। जंगलीपट्टी में बोल्डर की सप्लाई शुरू हो गई है। दोनों क्षतिग्रस्त स्परों को बचाने का कार्य चल रहा है लेकिन वहां नदी का दबाव बना हुआ है। गांव के मथुरा सिंह, प्रभुनाथ यादव, जेपी निषाद, मनोज गुप्ता, लल्लन सिंह आदि का कहना है कि पिपराघाट से अहिरौलीदान तक बने अधिकांश स्पर और स्टड क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। बिन टोली, घघवा जगदीश, चैनपट्टी, पिपराघाट, जवहीदयाल, विरवट कोन्हवलिया, बाकखास, बाघाचौर, नोनियापट्टी, मदुरही, खैरखुटा, कचहरीटोला आदि जगहों पर नदी का दबाव बना हुआ है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता भरतराम का कहना है कि सभी बांधों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बरवापट्टी प्रतिनिधि के अनुसार अमवा खास तटबंध पर बरवा पट्टी गांव के सामने बने रिंग बांध पर कटान नहीं रुकने से सहमे लोग रविवार को भी अपने घर का सामान ट्रैक्टर-ट्राली पर लादकर दूसरी जगह भेज रहे हैं। बाढ़ खंड के अभियंताओं ने कटान स्थल पर बचाव कार्य तेज कराया है। अमवा खास तटबंध के किलोमीटर जीरो और रिंग बांध पर एक सप्ताह से नदी का दबाव है। दोनों जगह नदी की कटान तेज हो गई है। शनिवार को कटान की जानकारी होने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र के अलावा बाढ़ खंड व प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे थे। बचाव कार्य शुरू कराया गया लेकिन स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। बाढ़ की आशंका से सहमे बरवापट्टी गांव के लोग अपना सामान हटाने लगे हैं। 
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खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार गंडक नदी के दबाव व कटान को देखते हुए एसडीएम खड्डा ने बाढ़ खंड के अफसरों को पत्र भेजकर बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। एसडीएम ने डीएम को भी इससे संबंधित जानकारी दी है।एसडीएम खड्डा अरविन्द कुमार ने अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड को भेजे पत्र में कहा है कि छितौनी बांध को गैनही ड्रेन के चलते क्षति पहुंची है। पूर्व में बांध टूट चुका है। नदी का पान एकदम बांध के नजदीक पहुंच गई है। वीरभार ठोकर का नोज भी दरक गया है। इस ठोकर को नुकसान पहुंचने से रेलवे लाइन व छितौनी बगहा पुल को भी खतरा है। स्पर ए पर नदी की बैकरोलिंग के चलते कटान हो रहा है। मदनपुर गांव के पास मुख्य पश्चिमी गंडक नहर व छितौनी बांध के बीच से गैनही ड्रेन का पानी निकालने के लिए अब तक कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है। बाढ़ खंड के अभियंता रवि कन्नौजिया व जयहिंद भारती ने एसडीएम को बताया कि छितौनी बांध की मरम्मत की कार्ययोजना शासन को भेजी गई है लेकिन धन स्वीकृत होने की अभी संस्तुति नहीं मिली है।      
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