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Kushinagar News: समितियों व बिक्री केंद्रों पर नौ हजार एमटी उर्वरक उपलब्ध
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- जिले की 137 समितियों सहित अन्य केंद्रों पर भेजी गई है खाद
पडरौना। गेहूं की बुवाई का समय आ गया है। इसे देखते हुए उर्वरक तय केंद्रों पर पहुंच गई है। ताकि किसानों को आसानी से मिल सके। सहकारिता विभाग की मानें ने तो विभाग के स्टॉक सभी केंद्र पर कुल 9 हजार एमटी से अधिक यूरिया, डीएम और एनपीके उर्वरक उपलब्ध है।
सहकारिता विभाग के मुताबिक 137 बी-पैक्स सहकारी समितियों सहित इफको के नौ और पीसीएफ के नौ केंद्रों पर उर्वरक भेजा गया है। स्टॉक में 2057 मीट्रिक टन यूरिया, 4803 मीट्रिक टन डीएपी और 399 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। इस तरह कुल 7259 मीट्रिक टन का स्टॉक विभाग के गोदाम में है। इनमें 804 मीट्रिक टन यूरिया दाने में तथा 15 हजार लीटर लिक्विड में है। इसके अलावा केंद्रों पर एक अक्तूबर को 4139 मीट्रिक टन यूरिया, 2771 मीट्रिक टन डीएपी तथा 2093 मीट्रिक टन एनपीके भेजा गया है। इसमें से 1456 मीट्रिक टन यूरिया, 2098 मीट्रिक टन डीएपी तथा 1444 मीट्रिक टन एनपीके का वितरण केंद्रों से किया जा चुका है। अभी भी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर 683 मीट्रिक टन यूरिया, 673 मीट्रिक टन डीएपी तथा 649 मीट्रिक टन एनपीके बचा हुआ है।
विभाग के सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता नीरज कुमार गौड़ ने बताया कि जिले में उर्वरक पर्याप्त मात्रा में अभी उपलब्ध है। उर्वरक बिक्री केंद्रों पर भी इसका स्टॉक है। अभी कहीं इसकी किल्लत नहीं है।
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पडरौना। गेहूं की बुवाई का समय आ गया है। इसे देखते हुए उर्वरक तय केंद्रों पर पहुंच गई है। ताकि किसानों को आसानी से मिल सके। सहकारिता विभाग की मानें ने तो विभाग के स्टॉक सभी केंद्र पर कुल 9 हजार एमटी से अधिक यूरिया, डीएम और एनपीके उर्वरक उपलब्ध है।
सहकारिता विभाग के मुताबिक 137 बी-पैक्स सहकारी समितियों सहित इफको के नौ और पीसीएफ के नौ केंद्रों पर उर्वरक भेजा गया है। स्टॉक में 2057 मीट्रिक टन यूरिया, 4803 मीट्रिक टन डीएपी और 399 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। इस तरह कुल 7259 मीट्रिक टन का स्टॉक विभाग के गोदाम में है। इनमें 804 मीट्रिक टन यूरिया दाने में तथा 15 हजार लीटर लिक्विड में है। इसके अलावा केंद्रों पर एक अक्तूबर को 4139 मीट्रिक टन यूरिया, 2771 मीट्रिक टन डीएपी तथा 2093 मीट्रिक टन एनपीके भेजा गया है। इसमें से 1456 मीट्रिक टन यूरिया, 2098 मीट्रिक टन डीएपी तथा 1444 मीट्रिक टन एनपीके का वितरण केंद्रों से किया जा चुका है। अभी भी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर 683 मीट्रिक टन यूरिया, 673 मीट्रिक टन डीएपी तथा 649 मीट्रिक टन एनपीके बचा हुआ है।
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विभाग के सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता नीरज कुमार गौड़ ने बताया कि जिले में उर्वरक पर्याप्त मात्रा में अभी उपलब्ध है। उर्वरक बिक्री केंद्रों पर भी इसका स्टॉक है। अभी कहीं इसकी किल्लत नहीं है।
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