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Kushinagar News: निजी अस्पताल में नवजात की मौत, तीमारदारों का हंगामा
Fri, 18 Oct 2024 04:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 18 Oct 2024 04:45 AM IST
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तमकुहीराज। कस्बे के समउर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक नवजात की मौत हो गई। परिजन स्टाफ नर्स व डॉक्टर की ओर से लापरवाहीपूर्वक इलाज करने का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिए। करीब 20 मिनट तक तमकुही-समउर मार्ग को जाम कर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए परिजन धरने पर बैठ गए। सूचना पर आये इंस्पेक्टर तमकुहीराज ने पीड़ित परिजनों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। इस घटना को लेकर लगभग दो घंटे तक निजी अस्पताल के समीप अफरातफरी का माहौल कायम रहा।
तमकुहीराज थानाक्षेत्र के डूभा निवासी ग्यासुद्दीन सैफी ने चार दिन पूर्व तमकुहीराज कस्बे के समउर रोड पर स्थित अनामिका हॉस्पिटल में अपनी पत्नी शबाना खातून को प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया, जहां शबाना ने पुत्र को जन्म दिया। पीड़ित के अनुसार प्रसव के बाद निजी अस्पताल संचालक ने उसे बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों ठीक हैं, लेकिन बच्चे को दो-तीन दिन अस्पताल में डॉक्टर की निगरानी में रखना पड़ेगा। तीन दिन तक बच्चे की गतिविधि सामान्य रही तो चौथे दिन बृहस्पतिवार की सुबह अस्पताल कर्मियों ने बताया कि बच्चे की हालत खराब है। उसे रविंद्रनगर मेडिकल कॉलेज या गोरखपुर ले जाना पड़ेगा। परिजन नवजात को जब मेडिकल कॉलेज ले जाने की तैयारी करने लगे तो अस्पताल संचालक की ओर से कहा गया कि एम्बुलेंस का पैसा जमा कर दें। वे लोग गोरखपुर में इलाज करा देंगे। आनन-फानन में निजी अस्पताल संचालक ने एम्बुलेंस बुलाकर अपने कर्मचारी से नवजात को गोरखपुर भेज दिया। एम्बुलेंस से गोरखपुर जाने के दौरान पीड़ित परिजनों को नवजात को गोद में लेने व छूने से रोक दिया गया। एम्बुलेंस से गोरखपुर पहुंचने के बाद डॉक्टर ने जांच की तो नवजात की मौत काफी देर पहले होने की बात सामने आई। गोरखपुर के डॉक्टर ने उन्हें वापस लौटा दिया। गोरखपुर से वापस आने के बाद परिजन निजी अस्पताल के सामने तमकुही-समउर मार्ग को जाम कर कार्रवाई की मांग करने लगे। पीड़ित परिजनों के हंगामा को देख मौके पर भीड़ जुट गई। सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस वहां आई और कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए समझा-बुझाकर परिजनों को शांत करा दिया। इंस्पेक्टर तमकुहीराज अमित शर्मा ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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ऐसा रहा घटनाक्रम :
3:10 बजे - निजी अस्पताल से जानकारी लेकर चौकी इंचार्ज तमकुहीराज संदीप सिंह बाहर निकले।
3:37 बजे - निजी अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों को दूसरे अस्पताल में भेजा जाने लगा।
3:39 बजे - परिजन अस्पताल संचालक के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगा हंगामा करने लगे।
3:51 बजे - पीड़ित पिता नवजात का शव लेकर गोरखपुर से वापस निजी अस्पताल पहुंचा।
3:57 बजे - परिजनों ने तमकुहीराज-समउर मार्ग पर धरने पर बैठ गए।
4:02 बजे - इंस्पेक्टर तमकुहीराज अमित शर्मा मौके पर आए।
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तमकुहीराज थानाक्षेत्र के डूभा निवासी ग्यासुद्दीन सैफी ने चार दिन पूर्व तमकुहीराज कस्बे के समउर रोड पर स्थित अनामिका हॉस्पिटल में अपनी पत्नी शबाना खातून को प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया, जहां शबाना ने पुत्र को जन्म दिया। पीड़ित के अनुसार प्रसव के बाद निजी अस्पताल संचालक ने उसे बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों ठीक हैं, लेकिन बच्चे को दो-तीन दिन अस्पताल में डॉक्टर की निगरानी में रखना पड़ेगा। तीन दिन तक बच्चे की गतिविधि सामान्य रही तो चौथे दिन बृहस्पतिवार की सुबह अस्पताल कर्मियों ने बताया कि बच्चे की हालत खराब है। उसे रविंद्रनगर मेडिकल कॉलेज या गोरखपुर ले जाना पड़ेगा। परिजन नवजात को जब मेडिकल कॉलेज ले जाने की तैयारी करने लगे तो अस्पताल संचालक की ओर से कहा गया कि एम्बुलेंस का पैसा जमा कर दें। वे लोग गोरखपुर में इलाज करा देंगे। आनन-फानन में निजी अस्पताल संचालक ने एम्बुलेंस बुलाकर अपने कर्मचारी से नवजात को गोरखपुर भेज दिया। एम्बुलेंस से गोरखपुर जाने के दौरान पीड़ित परिजनों को नवजात को गोद में लेने व छूने से रोक दिया गया। एम्बुलेंस से गोरखपुर पहुंचने के बाद डॉक्टर ने जांच की तो नवजात की मौत काफी देर पहले होने की बात सामने आई। गोरखपुर के डॉक्टर ने उन्हें वापस लौटा दिया। गोरखपुर से वापस आने के बाद परिजन निजी अस्पताल के सामने तमकुही-समउर मार्ग को जाम कर कार्रवाई की मांग करने लगे। पीड़ित परिजनों के हंगामा को देख मौके पर भीड़ जुट गई। सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस वहां आई और कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए समझा-बुझाकर परिजनों को शांत करा दिया। इंस्पेक्टर तमकुहीराज अमित शर्मा ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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ऐसा रहा घटनाक्रम :
3:10 बजे - निजी अस्पताल से जानकारी लेकर चौकी इंचार्ज तमकुहीराज संदीप सिंह बाहर निकले।
3:37 बजे - निजी अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों को दूसरे अस्पताल में भेजा जाने लगा।
3:39 बजे - परिजन अस्पताल संचालक के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगा हंगामा करने लगे।
3:51 बजे - पीड़ित पिता नवजात का शव लेकर गोरखपुर से वापस निजी अस्पताल पहुंचा।
3:57 बजे - परिजनों ने तमकुहीराज-समउर मार्ग पर धरने पर बैठ गए।
4:02 बजे - इंस्पेक्टर तमकुहीराज अमित शर्मा मौके पर आए।