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Kushinagar News: 137 आंगनबाड़ी केंद्रों की लापरवाही उजागर, पोषण ट्रैकर पर प्रगति शून्य
Sun, 22 Jun 2025 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 22 Jun 2025 12:07 AM IST
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मंसाछापर। आकांक्षात्मक ब्लॉक विशुनपुरा के 300 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 137 केंद्रों पर पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से बच्चों की उपस्थिति और लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है।
इसको लेकर प्रमुख सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार लीना जौहरी के आदेश पर इन केंद्रों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोकने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, विभाग ने कार्यकर्ताओं को रविवार तक का अंतिम मौका दिया है। यदि निर्धारित समय तक पोषण ट्रैकर पर उपस्थिति दर्जीकरण, फोटो कैप्चर और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो सोमवार से संबंधित कार्यकर्ताओं का मानदेय रोक दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी संबंधित कार्यकर्ता की होगी।
इस संबंध में 13 जून 2025 को बाल विकास विभाग एवं पुष्टाहार विभाग ने शासनादेश जारी किया था। इसमें एफआरएस के माध्यम से अनिवार्य वितरण करने के साथ ही बच्चों की उपस्थिति की निगरानी और लाभार्थियों के पंजीकरण के समय चेहरे पहचान की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए थे। ब्लॉक क्षेत्र के 137 आंगनबाड़ी केंद्रों में यह प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।
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इसको लेकर प्रमुख सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार लीना जौहरी के आदेश पर इन केंद्रों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोकने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, विभाग ने कार्यकर्ताओं को रविवार तक का अंतिम मौका दिया है। यदि निर्धारित समय तक पोषण ट्रैकर पर उपस्थिति दर्जीकरण, फोटो कैप्चर और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो सोमवार से संबंधित कार्यकर्ताओं का मानदेय रोक दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी संबंधित कार्यकर्ता की होगी।
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इस संबंध में 13 जून 2025 को बाल विकास विभाग एवं पुष्टाहार विभाग ने शासनादेश जारी किया था। इसमें एफआरएस के माध्यम से अनिवार्य वितरण करने के साथ ही बच्चों की उपस्थिति की निगरानी और लाभार्थियों के पंजीकरण के समय चेहरे पहचान की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए थे। ब्लॉक क्षेत्र के 137 आंगनबाड़ी केंद्रों में यह प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।
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