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Kushinagar News: जमीन में हिस्से के लिए सौतेले भाई ने अंशिका की काटी थी गर्दन
Sun, 23 Jul 2023 01:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 23 Jul 2023 01:19 AM IST
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थाना रविन्द्र नगर धूस क्षेत्रान्तर्गत युवती की हुई हत्या का खुलासा करते अपर पुलिस अधीक्षक रितेश
सौतले भाई और भतीजे को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल
घटना में प्रयुक्त गड़ासी बरामद, मां के साथ रहती थी अंशिका
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। सौतेली बहन की हत्या करने वाले भाई और उसके पुत्र को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त गड़ासी भी बरामद कर लिया। हत्या की वजह जमीन में हिस्सेदारी का विवाद था।
एसपी धवल जायसवाल ने रवींद्रनगर धूस थाने में इस हत्या का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि रवींद्रनगर धूस थाना क्षेत्र के माघी विशुनपुरा गांव निवासी अंशिका यादव अपनी मां के साथ घर पर रहती थी। 19 जुलाई की शाम को इसी गांव के सौतले भाई योगेंद्र यादव और उसका बेटा मोनू यादव ने बाजार से घर जा रही आंशिका को रास्ते में रोककर गड़ासी से गर्दन पर वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने पिता-पुत्र पर हत्या का केस दर्ज किया था।
पुलिस की मानें तो रामगति यादव ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी से योगेंद्र यादव है। उसके तीन बेटे हैं। दूसरी पत्नी से दो बेटियां हैं। दोनों पत्नियां एक ही गांव में रहती हैं। अंशिका की बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। रामगति की मौत हो चुकी है। जमीन को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। उन्हाेंने बताया कि हत्यारोपियों को विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया।
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इस दौरान एएसपी रितेश सिंह, सीओ सदर उमेशचंद्र भट्ट, रवींद्रनगर धूस के थानाध्यक्ष राजेश मिश्र सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद थे।
सौतेली मां की जमीन पर थी नजर, इसलिए की हत्या
पुलिस के मुताबिक, रामगति की मृत्यु के बाद आधी संपत्ति उसकी पहली पत्नी के बेटे योगेंद्र के नाम हो गई थी, जबकि आधी संपत्ति दूसरी पत्नी अशर्फी के नाम से हो गई। योगेंद्र इस उम्मीद में अशर्फी से तालमेल बनाकर रहता था कि इसकी सिर्फ दो बेटियां हैं। शादी होने के बाद संपत्ति हमको देगी, लेकिन तीन माह पूर्व अशर्फी ने योगेंद्र की नीयत को देखते हुए अपनी दोनों बेटियों के नाम वरासत कर दी। इसकी जानकारी होने के बाद योगेंद्र बौखला गया था। वह बार-बार हत्या की धमकी दे रहा था। इसके डर से अंशिका अपनी मां को एक माह पूर्व बड़ी बहन के घर गोरखपुर के गीडा में पहुंचा आई थी। अपने घर पर रहती थी। जमीन के लिए योगेंद्र ने अंशिका की हत्या कर दी।
पुलिस के मुताबिक, अशर्फी से कई बार योगेंद्र ने अंशिका की गैरमौजूदगी में स्टांप पर अंगूठा लगवाने का प्रयास किया था, लेकिन अंशिका की समझदारी के कारण अपनी चाल में सफल नहीं हो पाता था। इसे लेकर कई बार योगेंद्र के लड़कों और अंशिका से विवाद हो चुका था। इसलिए भी वह अंशिका को रास्ते से हटाना चाहता था।
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घटना में प्रयुक्त गड़ासी बरामद, मां के साथ रहती थी अंशिका
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। सौतेली बहन की हत्या करने वाले भाई और उसके पुत्र को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त गड़ासी भी बरामद कर लिया। हत्या की वजह जमीन में हिस्सेदारी का विवाद था।
एसपी धवल जायसवाल ने रवींद्रनगर धूस थाने में इस हत्या का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि रवींद्रनगर धूस थाना क्षेत्र के माघी विशुनपुरा गांव निवासी अंशिका यादव अपनी मां के साथ घर पर रहती थी। 19 जुलाई की शाम को इसी गांव के सौतले भाई योगेंद्र यादव और उसका बेटा मोनू यादव ने बाजार से घर जा रही आंशिका को रास्ते में रोककर गड़ासी से गर्दन पर वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने पिता-पुत्र पर हत्या का केस दर्ज किया था।
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पुलिस की मानें तो रामगति यादव ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी से योगेंद्र यादव है। उसके तीन बेटे हैं। दूसरी पत्नी से दो बेटियां हैं। दोनों पत्नियां एक ही गांव में रहती हैं। अंशिका की बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। रामगति की मौत हो चुकी है। जमीन को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। उन्हाेंने बताया कि हत्यारोपियों को विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया।
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इस दौरान एएसपी रितेश सिंह, सीओ सदर उमेशचंद्र भट्ट, रवींद्रनगर धूस के थानाध्यक्ष राजेश मिश्र सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद थे।
सौतेली मां की जमीन पर थी नजर, इसलिए की हत्या
पुलिस के मुताबिक, रामगति की मृत्यु के बाद आधी संपत्ति उसकी पहली पत्नी के बेटे योगेंद्र के नाम हो गई थी, जबकि आधी संपत्ति दूसरी पत्नी अशर्फी के नाम से हो गई। योगेंद्र इस उम्मीद में अशर्फी से तालमेल बनाकर रहता था कि इसकी सिर्फ दो बेटियां हैं। शादी होने के बाद संपत्ति हमको देगी, लेकिन तीन माह पूर्व अशर्फी ने योगेंद्र की नीयत को देखते हुए अपनी दोनों बेटियों के नाम वरासत कर दी। इसकी जानकारी होने के बाद योगेंद्र बौखला गया था। वह बार-बार हत्या की धमकी दे रहा था। इसके डर से अंशिका अपनी मां को एक माह पूर्व बड़ी बहन के घर गोरखपुर के गीडा में पहुंचा आई थी। अपने घर पर रहती थी। जमीन के लिए योगेंद्र ने अंशिका की हत्या कर दी।
पुलिस के मुताबिक, अशर्फी से कई बार योगेंद्र ने अंशिका की गैरमौजूदगी में स्टांप पर अंगूठा लगवाने का प्रयास किया था, लेकिन अंशिका की समझदारी के कारण अपनी चाल में सफल नहीं हो पाता था। इसे लेकर कई बार योगेंद्र के लड़कों और अंशिका से विवाद हो चुका था। इसलिए भी वह अंशिका को रास्ते से हटाना चाहता था।