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मुकुंद प्रकरण : घटना को साजिश मान रही पुलिस, आरोपों की कर रही जांच
Wed, 27 Aug 2025 01:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 27 Aug 2025 01:48 AM IST
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खड्डा। झोपड़ी में हाथ-पैर बंधाने के बाद मुंह में मुकुंद गिरी के कपड़ा ठूसा गया था। पुलिस की अभी तक की जांच में लगाया गया आरोप संदेह के घेरे में है। जमीन को लेकर उपजे परिवारिक विवाद से पुलिस इसे जोड़कर देख रही है, लेकिन घटना को प्रायोजित मान रही है। लगाए गए आरोप और मुकुंद के बयान के आधार पर पुलिस तथ्यों की जांच करने के साथ घटना की कड़ियों को जोड़ने और मामले को सुलझाने में जुटी है। मुकुंद के पिता ने इस पूरे घटना को बड़े बेटे को फंसाने के लिए गढ़ी गई झूठी कहानी पुलिस से बताया है। इससे घटना में नया मोड़ आ गया है।
खड्डा थाना क्षेत्र के सोहरौना गांव निवासी मुकुंद गिरी सोमवार की सुबह अपने पिता के ताला बंद झोपड़ी में बंधा पाया गया था। इलाज के बाद पुलिस को दिए तहरीर में उसने अपने बड़े भाई, भाभी, भतीजों पर आरोप लगाया था कि उक्त चारों लोग छत पर सोते समय मुंह पर नशीला कपड़ा डाल कर उठा ले गए थे, गन्ने में भी रखा था।
पुलिस सीसीटीवी सहित अन्य कई पहलुओं पर जांच कर रही है, जैसे दो दिन से बंधक बने मुकुंद ने शौच या लघुशंका नहीं किया था। हाथ पैर अगर 48 घंटे से बांधा गया था तो शरीर में सूजन क्यों नहीं आई थी, जिस छत से मुकुंद गायब हुआ पुलिस वहां कि स्थित भी देख रही है कि कैसे इतने ऊंचे छत से नीचे उतारकर लगभग डेढ़ किमी दूर ले जाया गया।
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पुलिस इस बात पर भी विचार कर रही है कि झोपड़ी के अंदर कोई कराह रहा है यह मुकुंद का दूसरे नंबर का बड़ा भाई व भाभी ही कैसे सुने और कोई और क्यों नहीं उसकी आवाज सुना। रात में सोते समय गायब होने के बाद दो दिन तक पुलिस को क्यों नहीं सूचना दिया गया है। पुलिस की जांच सभी बिन्दुओं पर चल रही है। फिलहाल अभी कोई अंतिम निष्कर्ष पर पुलिस नहीं पहुंच सकी है।
थानाध्यक्ष गिरिजेश उपाध्याय ने बताया कि मामले में कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। इसके बाद मामले से जुड़े सभी तथ्यों व कड़ियों को जोड़ते हुए जांच की जा रही है, ताकि सही बात सामने आ सके पुलिस घटना के नजदीक पहुंच गई है, जल्द ही पर्दाफाश हो जाएगा।
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खड्डा थाना क्षेत्र के सोहरौना गांव निवासी मुकुंद गिरी सोमवार की सुबह अपने पिता के ताला बंद झोपड़ी में बंधा पाया गया था। इलाज के बाद पुलिस को दिए तहरीर में उसने अपने बड़े भाई, भाभी, भतीजों पर आरोप लगाया था कि उक्त चारों लोग छत पर सोते समय मुंह पर नशीला कपड़ा डाल कर उठा ले गए थे, गन्ने में भी रखा था।
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पुलिस सीसीटीवी सहित अन्य कई पहलुओं पर जांच कर रही है, जैसे दो दिन से बंधक बने मुकुंद ने शौच या लघुशंका नहीं किया था। हाथ पैर अगर 48 घंटे से बांधा गया था तो शरीर में सूजन क्यों नहीं आई थी, जिस छत से मुकुंद गायब हुआ पुलिस वहां कि स्थित भी देख रही है कि कैसे इतने ऊंचे छत से नीचे उतारकर लगभग डेढ़ किमी दूर ले जाया गया।
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पुलिस इस बात पर भी विचार कर रही है कि झोपड़ी के अंदर कोई कराह रहा है यह मुकुंद का दूसरे नंबर का बड़ा भाई व भाभी ही कैसे सुने और कोई और क्यों नहीं उसकी आवाज सुना। रात में सोते समय गायब होने के बाद दो दिन तक पुलिस को क्यों नहीं सूचना दिया गया है। पुलिस की जांच सभी बिन्दुओं पर चल रही है। फिलहाल अभी कोई अंतिम निष्कर्ष पर पुलिस नहीं पहुंच सकी है।
थानाध्यक्ष गिरिजेश उपाध्याय ने बताया कि मामले में कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। इसके बाद मामले से जुड़े सभी तथ्यों व कड़ियों को जोड़ते हुए जांच की जा रही है, ताकि सही बात सामने आ सके पुलिस घटना के नजदीक पहुंच गई है, जल्द ही पर्दाफाश हो जाएगा।