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एक ही गांव में शव आने से मचा कोहराम
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बेटे का शव देखते ही बेहोश हो गई मां
सलेमगढ़ बाजार में सेफ्टी टैंक में दम घुटने से हुई थी दो की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमगढ़। तरयासुजान थानाक्षेत्र के सलेमगढ़ बाजार में बृहस्पतिवार की शाम को दो युवकों का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। शव को देखते ही अतुल की पत्नी और मां बेहोश होकर गिर पड़ीं। यही हाल प्रेमप्रसाद के घर पर भी था। मौजूद लोग शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधा रहे थे। उधर, मेडिकल कॉलेज में भर्ती आलोक की हालत अब ठीक बताई जा रही है।
सलेमगढ़ बाजार निवासी दीपक जायसवाल बुधवार को शौचालय का सेफ्टी टैंक साफ करा रहे थे। उसी दौरान मजदूर प्रेम प्रसाद शौचालय के अंदर फंस गया। उसे बचाने के चक्कर में दो भाई आलोक, अतुल भी उसी में फंस गए। दम घुटने से अतुल सहित मजदूर प्रेम प्रसाद की जान चली गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बृहस्पतिवार की शाम 20 वर्षीय अतुल जायसवाल का शव जैसे ही दरवाजे पर लाया गया, उनकी मां मुन्नी देवी छोटे बेटे का शव देखते ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। वजह यह थी कि मुन्नी देवी दो दिन पूर्व सड़क हादसे में घायल हो गई थीं। उनसे अतुल की मौत की सूचना छिपाई गई थी। इसलिए अचानक बेटे का शव देखते ही बेहोश हो गईं। दो वर्ष में इस परिवार में मौत की तीसरी घटना है। दो वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में ही उनके पति सिद्धेश्वरी जायसवाल की मौत हो गई थी। उनके चार बेटे दीपक 35 वर्ष, रोहित 28 वर्ष नौकरी करते हैं। दो बेटे आलोक 25 वर्ष और अतुल 20 वर्ष पढ़ते भी हैं। इसके अलावा गिट्टी-बालू की दुकान को संभालते हैं। आलोक का इलाज मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चल रहा है। महिलाओं के करुण क्रंदन से सभी की आंखें नम हो गईं।
दो माह पूर्व बेटे की हो गई थी मौत
घटना में मौत के शिकार हुए मजदूर प्रेम प्रसाद भूमिहीन थे। उनकी पत्नी मालती सहित तीन बेटे अंकित 15 वर्ष, कुंदन 12 वर्ष और पंकज नौ वर्ष अकेले पड़ गए हैं। उनके चार बेटों में से एक की मौत दो माह पूर्व पोखरे में डूबने से हो गई थी। वहीं, बुधवार को शौचालय के सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान प्रेम प्रसाद की मौत हो गई। परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है। प्रेम का शव घर आते ही चीख पुकार मच गई। शव अंतिम संस्कार दलमदासी पोखरे पर किया गया। अंतिम संस्कार में पूर्व ब्लॉक प्रमुख उदय नारायण गुप्ता, मधुरश्याम राय और निलय सिंह सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे।
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सलेमगढ़ बाजार में सेफ्टी टैंक में दम घुटने से हुई थी दो की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमगढ़। तरयासुजान थानाक्षेत्र के सलेमगढ़ बाजार में बृहस्पतिवार की शाम को दो युवकों का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। शव को देखते ही अतुल की पत्नी और मां बेहोश होकर गिर पड़ीं। यही हाल प्रेमप्रसाद के घर पर भी था। मौजूद लोग शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधा रहे थे। उधर, मेडिकल कॉलेज में भर्ती आलोक की हालत अब ठीक बताई जा रही है।
सलेमगढ़ बाजार निवासी दीपक जायसवाल बुधवार को शौचालय का सेफ्टी टैंक साफ करा रहे थे। उसी दौरान मजदूर प्रेम प्रसाद शौचालय के अंदर फंस गया। उसे बचाने के चक्कर में दो भाई आलोक, अतुल भी उसी में फंस गए। दम घुटने से अतुल सहित मजदूर प्रेम प्रसाद की जान चली गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बृहस्पतिवार की शाम 20 वर्षीय अतुल जायसवाल का शव जैसे ही दरवाजे पर लाया गया, उनकी मां मुन्नी देवी छोटे बेटे का शव देखते ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। वजह यह थी कि मुन्नी देवी दो दिन पूर्व सड़क हादसे में घायल हो गई थीं। उनसे अतुल की मौत की सूचना छिपाई गई थी। इसलिए अचानक बेटे का शव देखते ही बेहोश हो गईं। दो वर्ष में इस परिवार में मौत की तीसरी घटना है। दो वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में ही उनके पति सिद्धेश्वरी जायसवाल की मौत हो गई थी। उनके चार बेटे दीपक 35 वर्ष, रोहित 28 वर्ष नौकरी करते हैं। दो बेटे आलोक 25 वर्ष और अतुल 20 वर्ष पढ़ते भी हैं। इसके अलावा गिट्टी-बालू की दुकान को संभालते हैं। आलोक का इलाज मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चल रहा है। महिलाओं के करुण क्रंदन से सभी की आंखें नम हो गईं।
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दो माह पूर्व बेटे की हो गई थी मौत
घटना में मौत के शिकार हुए मजदूर प्रेम प्रसाद भूमिहीन थे। उनकी पत्नी मालती सहित तीन बेटे अंकित 15 वर्ष, कुंदन 12 वर्ष और पंकज नौ वर्ष अकेले पड़ गए हैं। उनके चार बेटों में से एक की मौत दो माह पूर्व पोखरे में डूबने से हो गई थी। वहीं, बुधवार को शौचालय के सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान प्रेम प्रसाद की मौत हो गई। परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है। प्रेम का शव घर आते ही चीख पुकार मच गई। शव अंतिम संस्कार दलमदासी पोखरे पर किया गया। अंतिम संस्कार में पूर्व ब्लॉक प्रमुख उदय नारायण गुप्ता, मधुरश्याम राय और निलय सिंह सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे।
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