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Kushinagar News: सवा साल में नहीं बन सका ऑक्सीजन प्लांट, दूसरे प्लांट पर हुआ रिहर्सल

Wed, 12 Apr 2023 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Wed, 12 Apr 2023 12:02 AM IST
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mockdrill conduct another places
सेवरही सीएचसी पर कोविड तैयारी को परखते डिप्टी सीएमओ राकेश कुमार गुप्ता व अन्य।संवाद
- 22 दिसंबर 2021 को आग लगने से जल गया था 500 लीटर का का ऑक्सीजन प्लांट
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- मॉकड्रिल में सिर्फ मशीनों की गुणवत्ता परखी गई
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में लगे ऑक्सीजन प्लांट को लगभग सवा साल बाद भी नहीं बनवाया जा सका है। यह एमसीएच विंग में भर्ती मरीजों के लिए लगा था। इसे ठीक न होने के कारण दूसरे ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति कर एमसीएच विंग के आईसीयू में मॉकड्रिल का रिहर्सल किया गया। मॉकड्रिल में सिर्फ मशीनों की गुणवत्ता परखी गई।
कोरोना महामारी के समय जिला अस्पताल के एमसीएच विंग को लेवल-2 हॉस्पिटल के रूप में तब्दील कर दिया गया था। वहां आने वाले रोगियों को ऑक्सीजन की कमी न हो, इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार के तत्कालीन श्रम एवं सेवायोजन मंत्री व सदर विधायक स्वामी प्रसाद मौर्य की तरफ से जिला अस्पताल के लेवल-2 हॉस्पिटल परिसर में ऑक्सीजन प्लांट लगवाया गया था।
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500 लीटर क्षमता के इस ऑक्सीजन प्लांट में 22 दिसंबर 2021 की शाम को आग लग गई थी, जिससे ऑक्सीजन प्लांट जल गया था। तब से उस प्लांट को ठीक नहीं कराया गया।
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मंगलवार को जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में सुबह दस बजे से शासन से नामित स्टेट नोडल डॉ. एके सिंह की मौजूदगी में मॉकड्रिल शुरू हुआ। नोडल अधिकारी ने बताया कि उनके सामने यह बात आई कि एमएलए कोटे से लगा ऑक्सीजन प्लांट काम नहीं करता। ऐसी दशा में अस्पताल परिसर में ही पडरौना नगरपालिका के कोटे से ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति कर आईसीयू में मॉकड्रिल किया गया।
मॉकड्रिल के दौरान कोरोना महामारी से संक्रमित मरीजों के त्वरित उपचार से संबंधित तैयारियों का जायजा लिया गया। उस दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके शाही तथा सीएमएस डॉ. दिलीप कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे। नोडल अधिकारी ने बताया कि मॉकड्रिल के दौरान उपलब्ध संसाधनों को परखा गया। उन्होंने बताया कि 40 वेंटीलेटर और 141 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर चालू हालत में मिले।
मॉकड्रिल के दौरान आरटीपीसीआर लैब भी देखा गया। नोडल अधिकारी ने बताया कि जिला अस्पताल में बने आरटीपीसीआर लैब की क्षमता 500 सैंपल प्रतिदिन जांचने की है। यहां भी कोरोना संक्रमित मरीजों के जांच की व्यवस्था देखी गई। व्यवस्था ठीक मिली। इस दौरान एसीएमओ डॉ. आरडी कुशवाहा, डॉ. मनोज राय, डॉ. उपेंद्र चौधरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



अन्य अस्पतालों में भी हुआ मॉकड्रिल
कोरोना संक्रमित मरीज मिलने पर उनके इलाज को लेकर सीएमओ के अधीन आने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी मॉकड्रिल हुआ। वहां चिकित्सा सुविधा का जायजा लिया गया। सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि सपहां, सेवरही और खड्डा क्षेत्र के तुर्कहां सीएचसी में भी मॉकड्रिल हुआ। वहां कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए की गई तैयारी परखी गई।
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