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Kushinagar News: दृष्टिबाधित मजदूर के खाते में आती रही मनरेगा की रकम, निकलवा लेता था प्रधान
Wed, 25 Feb 2026 01:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 25 Feb 2026 01:58 AM IST
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हृदया राय,मनरेगा मजदूर।स्रोत-सोशल मीडिया
- फोटो : Samvad
तमकुहीरोड। सेवरही विकास खंड के तरया बैकुंठ के मजदूर ने डीएम को शिकायती पत्र देकर उसके बैंक खाते में आई मनरेगा मजदूरी की रकम को प्रधान व उनके परिजन पर निकलवा कर हड़पने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह बुजुर्ग हैं और अनपढ़ है। उसकी रोशनी भी जा चुकी है। इसका फायदा उठाकर कई बार उससे अंगूठा लगवाया गया और खाते से पैसा निकाल लिया गया, जबकि वह मनरेगा में मजदूर नहीं है और न ही मजदूरी के पैसे के बारे में कोई जानकारी थी।
यहां के बुजुर्ग हृदया राय को करीब पांच साल से आंख से कम दिखाई देता है और बीमार रहते हैं। शिकायती पत्र में उन्होंने लिखा है कि वर्ष 2010 में उनका मनरेगा का जाब कार्ड बना था। पहले मजदूरी भी करते थे, लेकिन पांच साल पूर्व आंखों की रोशनी चली गई। वह काफी अस्वस्थ रहते हैं। इस बीच ग्राम प्रधान और उनका बेटा पॉश मशीन घर पर लाकर उनसे अंगूठा लगवा लेते हैं। प्रधान कहते हैं कि उनके खाते में गलती से मनरेगा मजदूरी के रुपये आ जाते हैं। कुछ दिन पहले जब उनका लड़का प्रमोद राय विदेश से गांव आया तो उसे पूरी बात बताई। उसने बैंक से स्टेटमेंट निकलवा कर चेक कराया तो वर्ष 2023 से लगातार मनरेगा की मजदूरी खाते में आई है और 90 हजार से अधिक रुपये निकाले गए हैं। उसमें से एक रुपया भी पिता को नहीं मिला है। उन्होंने डीएम से कार्रवाई की मांग की है। डीएम ने बीडीओ को जांच के निर्देश दिए हैं। बीडीओ विद्यासागर गुप्ता ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में शिकायत सही मिली तो दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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यहां के बुजुर्ग हृदया राय को करीब पांच साल से आंख से कम दिखाई देता है और बीमार रहते हैं। शिकायती पत्र में उन्होंने लिखा है कि वर्ष 2010 में उनका मनरेगा का जाब कार्ड बना था। पहले मजदूरी भी करते थे, लेकिन पांच साल पूर्व आंखों की रोशनी चली गई। वह काफी अस्वस्थ रहते हैं। इस बीच ग्राम प्रधान और उनका बेटा पॉश मशीन घर पर लाकर उनसे अंगूठा लगवा लेते हैं। प्रधान कहते हैं कि उनके खाते में गलती से मनरेगा मजदूरी के रुपये आ जाते हैं। कुछ दिन पहले जब उनका लड़का प्रमोद राय विदेश से गांव आया तो उसे पूरी बात बताई। उसने बैंक से स्टेटमेंट निकलवा कर चेक कराया तो वर्ष 2023 से लगातार मनरेगा की मजदूरी खाते में आई है और 90 हजार से अधिक रुपये निकाले गए हैं। उसमें से एक रुपया भी पिता को नहीं मिला है। उन्होंने डीएम से कार्रवाई की मांग की है। डीएम ने बीडीओ को जांच के निर्देश दिए हैं। बीडीओ विद्यासागर गुप्ता ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में शिकायत सही मिली तो दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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