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जिला अस्पताल में व्यवस्था ने मारा, बाहर बिचौलिए से हारा

Fri, 04 Nov 2022 11:06 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Nov 2022 11:06 PM IST
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middeater shift patient to private hospital
जिला अस्पताल में व्यवस्था ने मारा, बाहर बिचौलिए से हारा
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- मेडिकल कॉलेज रेफर मरीज को ले गए निजी अस्पताल, मांगी एक लाख
- रुपये नहीं जुटने पर परिजन मरीज को ले गए गोरखपुर, चंदा जुटाकर कराया जा रहा इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में जिस युवक का वीडियो वायरल हुआ था। उसका उपचार परिजन चंदा जुटाकर कर रहे हैं। युवक के टूटे हुए जबड़े का इलाज कराने के लिए घरवालों ने नौ हजार रुपया इकट्ठा किया है। इमरजेंसी में जहां व्यवस्था ने युवक को गहरा घाव दिया। वहीं, बिचौलियों ने आर्थिक रुप से नुकसान पहुंचाया।
दरअसल, इमरजेंसी से युवक को रेफर किए जाने के बाद बिचौलियों ने पडरौना के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहां उससे उपचार के लिए एक लाख रुपये जमा कराने की बात कही गई। हालांकि सुबह तक रुपये का इंतजाम नहीं होने पर परिजन अस्पताल का 10 हजार रुपये जमाकर युवक को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज गोरखपुर लेकर चले गए।
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बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में एक युवक का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो एक नवंबर की रात का बताया जा रहा है। वीडियो में घायल युवक स्ट्रेचर के नीचे पड़ा हुआ था। बगल में मौजूद कुत्ता युवक के शरीर से निकले खून को चाट रहा था।
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इस वीडियो के आधार पर एडीएम ने बृहस्पतिवार को जांच की। तब पता लगा कि घायल युवक मूल रूप से खड्डा थाना क्षेत्र के हरिपुर गांव का बिट्टू है। एक नवंबर की रात में वह जटहां बाजार थाना क्षेत्र के माघी कोठिलवा स्थित अपनी ससुराल में गया था। किन्नर पट्टी के पास दुर्घटना में घायल हो गया। इसके बाद परिजन उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ले गए। वहां प्राथमिक उपचार किए बिना ही डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। उसके जबड़े में गंभीर चोट लगी थी।
मरीज के मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाने के बाद बिचौलियों ने परिजनों को झांसे में ले लिया। उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। निजी अस्पताल के डॉक्टर ने जबड़े के उपचार में एक लाख रुपये का खर्च बताते हुए तत्काल 50 हजार देने को कहा। दो नवंबर की सुबह रुपये नहीं होने की बात कहकर परिजन मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज रवाना हो गए, लेकिन निजी अस्पताल में खर्च 10 हजार रुपये किसी तरह से जमा कराए।
अब मरीज का उपचार कराने के लिए परिजनों के पास पास रुपये नहीं हैं। इसलिए उसके पिता हरिलाल गांव में चंदा जुटा रहे हैं। अन्य रिश्तेदार भी मदद के लिए पहुंचे हैं। परिजनों ने अभी तक कुल नौ हजार रुपये जुटा लिए हैं।

जिला अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद एक बिचौलिया ने निजी अस्पताल में अच्छा उपचार कराने की बात कही। उसके कहने पर हम लोग निजी अस्पताल में पहुंचे। वहां जाने पर जांच के नाम पर 10 हजार रुपये खर्च हो गए। बाद में बताया गया कि जबड़े की सर्जरी में कुल एक लाख खर्च होंगे। पैसा नहीं होने के कारण बिट्टू का मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे हैं। उपचार के लिए चंदा जुटाया जा रहा है।
- उमेश, बिट्टू के ससुर
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