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जिला अस्पताल में गैस व खुजली की दवा नहीं
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जिला अस्पताल में गैस व खुजली की दवा नहीं
- बाहर से दवा खरीदने पर मजबूर हैं मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला अस्पताल में मरीजों के लिए जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। अस्पताल में न तो गैस की दवा है और न ही खुजली की। उन्हें सादे कागज पर दवा लिखकर दे दिया जा रहा है। मरीजों को मजबूरी में बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में रोजाना 1,100 से 1,200 के करीब मरीज उपचार कराने पहुंचते हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों को उम्मीद होती है कि एक रुपये की पर्ची उनका इलाज हो जाएगा। मगर यहां आने के बाद उन्हें पता चल रहा है कि बाहर की दुकानों से महंगी दवाएं लेनी पड़ेंगी।
वर्तमान में मौसमी बीमारियों की दवाएं अस्पताल में नहीं हैं। गैस की दवा नहीं है। जो लगभग हर एक दवा के साथ दी जाती है। वहीं, गर्मी के सीजन में खुजली और एलर्जी के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। लेकिन अस्पताल में सिट्रीजन की गोली नहीं मिल पा रही।
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पांच दिनों से नहीं है दवा
जिला अस्पताल में गैस और खुलजी की दवा पांच दिनों से नहीं है। जिम्मेदारों की लापरवाही से महज पांच किमी दूर स्थित कसया से स्टॉक नहीं आ पा रहा है। इसका खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं।
गर्मी में खुजली और एलर्जी के अधिकतर मरीज
जिला अस्पताल में प्रतिदिन तकरीबन 1,200 मरीज उपचार कराने पहुंच रहे। गर्मी के मौसम में अधिकतर मरीज खुजली और एलर्जी के मरीज पहुंच रहे हैं। दोनों बीमारियों में एक ही दवा काम आने वाली सिट्रीजन की गोली पांच दिनों से नहीं है। दवा नहीं मिलने से इस दवा को मरीज बाजार से खरीद रहे हैं।
मरीज बोले - हो रही दिक्कत
ओपीडी के अधिकतर डॉक्टर हर बीमारी की दवा के साथ गैस की दवा जरूर लिखते हैं। यह भी दवा पांच दिनों से नहीं है। मरीजों को इसे बाहर से खरीदना पड़ रहा है। उपचार कराने पहुंचे कमलेश, सरिता, रामहरि, नियामुद्दीन, भरत, राजेश सहित अन्य का कहना था कि जिला अस्पताल में गैस की दवा नहीं होने से मरीजों को काफी दिक्कत हो रही है। जिम्मेदार को दवा मंगाकर मरीजों को उपलब्ध करानी चाहिए।
भर्ती मरीजों को भी बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही
जिला अस्पताल में 100 बेडों का वार्ड में भर्ती मरीजों को भी गैस व सिट्रीजन की दवा बाहर से खरीदनी पड़ रही है। वहीं, भर्ती मरीजों को दवा के साथ गैस की गोली लेना अनिवार्य होता है।
जो भी दवा जिला अस्पताल में नहीं है। इसके लिए चीफ फार्मासिस्ट को निर्देश दिया गया है कि कसया स्टोर से दवा लेकर आए, लापरवाही करने पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सतीश सिंह, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल
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- बाहर से दवा खरीदने पर मजबूर हैं मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला अस्पताल में मरीजों के लिए जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। अस्पताल में न तो गैस की दवा है और न ही खुजली की। उन्हें सादे कागज पर दवा लिखकर दे दिया जा रहा है। मरीजों को मजबूरी में बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में रोजाना 1,100 से 1,200 के करीब मरीज उपचार कराने पहुंचते हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों को उम्मीद होती है कि एक रुपये की पर्ची उनका इलाज हो जाएगा। मगर यहां आने के बाद उन्हें पता चल रहा है कि बाहर की दुकानों से महंगी दवाएं लेनी पड़ेंगी।
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वर्तमान में मौसमी बीमारियों की दवाएं अस्पताल में नहीं हैं। गैस की दवा नहीं है। जो लगभग हर एक दवा के साथ दी जाती है। वहीं, गर्मी के सीजन में खुजली और एलर्जी के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। लेकिन अस्पताल में सिट्रीजन की गोली नहीं मिल पा रही।
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पांच दिनों से नहीं है दवा
जिला अस्पताल में गैस और खुलजी की दवा पांच दिनों से नहीं है। जिम्मेदारों की लापरवाही से महज पांच किमी दूर स्थित कसया से स्टॉक नहीं आ पा रहा है। इसका खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं।
गर्मी में खुजली और एलर्जी के अधिकतर मरीज
जिला अस्पताल में प्रतिदिन तकरीबन 1,200 मरीज उपचार कराने पहुंच रहे। गर्मी के मौसम में अधिकतर मरीज खुजली और एलर्जी के मरीज पहुंच रहे हैं। दोनों बीमारियों में एक ही दवा काम आने वाली सिट्रीजन की गोली पांच दिनों से नहीं है। दवा नहीं मिलने से इस दवा को मरीज बाजार से खरीद रहे हैं।
मरीज बोले - हो रही दिक्कत
ओपीडी के अधिकतर डॉक्टर हर बीमारी की दवा के साथ गैस की दवा जरूर लिखते हैं। यह भी दवा पांच दिनों से नहीं है। मरीजों को इसे बाहर से खरीदना पड़ रहा है। उपचार कराने पहुंचे कमलेश, सरिता, रामहरि, नियामुद्दीन, भरत, राजेश सहित अन्य का कहना था कि जिला अस्पताल में गैस की दवा नहीं होने से मरीजों को काफी दिक्कत हो रही है। जिम्मेदार को दवा मंगाकर मरीजों को उपलब्ध करानी चाहिए।
भर्ती मरीजों को भी बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही
जिला अस्पताल में 100 बेडों का वार्ड में भर्ती मरीजों को भी गैस व सिट्रीजन की दवा बाहर से खरीदनी पड़ रही है। वहीं, भर्ती मरीजों को दवा के साथ गैस की गोली लेना अनिवार्य होता है।
जो भी दवा जिला अस्पताल में नहीं है। इसके लिए चीफ फार्मासिस्ट को निर्देश दिया गया है कि कसया स्टोर से दवा लेकर आए, लापरवाही करने पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सतीश सिंह, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल