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संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल से चिकित्सा व्यवस्था लड़खड़ाई
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कुशीनगर में कार्य बहिष्कार कर जिला अस्पताल पर धरना देते संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मी।
- फोटो : KUSHINAGAR
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आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल से चिकित्सा व्यवस्था लड़खड़ाई
पडरौना। उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेथनिंग प्रोजेक्ट (यूपीएचएसएसपी) के तहत जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों की बेमियादी हड़ताल से चिकित्सा व्यवस्था लड़खड़ाने लगी है। जिन वार्डों में चार से पांच स्टॉफ नर्स व अन्य स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी करती थीं, वहां दो-दो स्टॉफ नर्सों के जिम्मे मरीजों की देखरेख का जिम्मा है।
जिला अस्पताल में यूपीएचएसएसपी के तहत नवंबर-2015 में स्टॉफ नर्स, ओटी टेक्निशियन, रजिस्ट्रेशन क्लर्क, लैब टेक्निशियन, एक्सरे टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय, वार्ड आया, कुक, कहार, स्टोर कीपर, एमआरडी क्लर्क, सीएसएसडी टेक्निशियन, ऑडियोमेट्रिक असिस्टेंट आदि की तैनाती की गई थी। स्वास्थ्य सेवाओं को ठप कर धरना दे रहे स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि वर्षों तक निष्ठापूर्वक दायित्वों का निवर्हन किया, लेकिन 30 सितंबर को नॉन पैरामेडिकल कर्मियों एवं 31 अक्तूबर को पैरामेडिकलकर्मियों को सेवामुक्ति की नोटिस दे दी गई। इनकी मांग है कि जिस प्रकार संविदा के डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधक का समायोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में किया गया है, उसी तरह हम सभी का भी किया जाए।
स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल का असर जिला अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। 100 बेड के इस अस्पताल के जनरल वार्डों में सोमवार को दो-दो स्टॉफ नर्स तैनात थीं, वह भी मरीजों की भीड़ और काम अधिक बढ़ जाने से परेशान रहीं। क्योंकि कहीं कहीं एक-एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती होने से संख्या भी अधिक थी और उसके मुकाबले स्टॉफ नर्स कम थीं। हड़ताल में आदित्य, मयंक, अर्चना, विभा राय, नीलम, गीता, पूनम, पंकज, प्रियंका, बबिता, कल्ल्पना, अमित, गोपी, रविंद्र, विजय पाल, मान सिंह, विशाल, राजू, विपिन, सोनी, मंजू, ज्योति, नंदू सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे।
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पडरौना। उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेथनिंग प्रोजेक्ट (यूपीएचएसएसपी) के तहत जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों की बेमियादी हड़ताल से चिकित्सा व्यवस्था लड़खड़ाने लगी है। जिन वार्डों में चार से पांच स्टॉफ नर्स व अन्य स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी करती थीं, वहां दो-दो स्टॉफ नर्सों के जिम्मे मरीजों की देखरेख का जिम्मा है।
जिला अस्पताल में यूपीएचएसएसपी के तहत नवंबर-2015 में स्टॉफ नर्स, ओटी टेक्निशियन, रजिस्ट्रेशन क्लर्क, लैब टेक्निशियन, एक्सरे टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय, वार्ड आया, कुक, कहार, स्टोर कीपर, एमआरडी क्लर्क, सीएसएसडी टेक्निशियन, ऑडियोमेट्रिक असिस्टेंट आदि की तैनाती की गई थी। स्वास्थ्य सेवाओं को ठप कर धरना दे रहे स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि वर्षों तक निष्ठापूर्वक दायित्वों का निवर्हन किया, लेकिन 30 सितंबर को नॉन पैरामेडिकल कर्मियों एवं 31 अक्तूबर को पैरामेडिकलकर्मियों को सेवामुक्ति की नोटिस दे दी गई। इनकी मांग है कि जिस प्रकार संविदा के डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधक का समायोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में किया गया है, उसी तरह हम सभी का भी किया जाए।
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स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल का असर जिला अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। 100 बेड के इस अस्पताल के जनरल वार्डों में सोमवार को दो-दो स्टॉफ नर्स तैनात थीं, वह भी मरीजों की भीड़ और काम अधिक बढ़ जाने से परेशान रहीं। क्योंकि कहीं कहीं एक-एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती होने से संख्या भी अधिक थी और उसके मुकाबले स्टॉफ नर्स कम थीं। हड़ताल में आदित्य, मयंक, अर्चना, विभा राय, नीलम, गीता, पूनम, पंकज, प्रियंका, बबिता, कल्ल्पना, अमित, गोपी, रविंद्र, विजय पाल, मान सिंह, विशाल, राजू, विपिन, सोनी, मंजू, ज्योति, नंदू सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे।
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