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Kushinagar News: मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर मरीजों को भेजती हैं निजी अस्पताल...स्पष्टीकरण तलब

Sun, 10 Mar 2024 01:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 10 Mar 2024 01:57 AM IST
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Medical college doctors send patients to private hospitals...clarification sought
पडरौना। मेडिकल कॉलेज के औचक निरीक्षण में शनिवार को प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने महिला अस्पताल के एक स्टॉफ नर्स को फटकार लगाई तो निजी अस्पतालों में प्रसूताओं को भेजने का भेद खुल गया। स्टॉफ नर्स ने एक डॉक्टर का नाम बताया और कहा कि उनका शहर में निजी अस्पताल है। उनके साथ चार से पांच लोग रोज आते हैं। डॉक्टर मरीजों को यहां से अपने अस्पताल में भेजती हैं। प्राचार्य ने फोन कर उस डॉक्टर को खरी-खोटी सुनाई और सेवा समाप्ति की चेतावनी दी। स्वास्थ्य टीम को देख एंबुलेंस छोड़कर दलाल भाग निकले। स्वास्थ्यकर्मियों को प्राचार्य ने सीसीटीवी कैमरे की मॉनिटरिंग बढ़ाने का निर्देश दिया है।
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मेडिकल कॉलेज में दलालों की सक्रियता और मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजने की मिल रही शिकायत पर प्राचार्य डॉ. आरके शाही करीब 12:30 बजे सीएमएस डॉ. एचएस राय के साथ निरीक्षण के लिए निकले। इन्हें देख कैंपस में दो निजी एंबुलेंस छोड़कर दलाल फरार हो गए। प्राचार्य ने एंबुलेंस के पहिए की हवा निकलवा कर पुलिस को सूचना दी। एमसीएच विंग में संचालित महिला अस्पताल पहुंचे, जहां वार्ड से लेकर बरामदे में मौजूद दलाल भाग खड़े हुए। प्राचार्य ने ड्यूटी पर मौजूद स्टॉफ नर्स पर नाराजगी जताई। स्टॉफ नर्स ने प्राचार्य को मेडिकल कॉलेज से निजी अस्पतालों में गर्भवतियों को भेजने का पूरा खेल बता दिया। स्टॉफ नर्स ने एक सीनियर रेजिडेंट महिला डॉक्टर का नाम बताया, जिनका शहर में निजी अस्पताल है। कहा कि उनके साथ चार से पांच युवक आते हैं। उनके माध्यम से मरीजों को अपने अस्पताल में भेजती हैं। इसके अलावा तीन अन्य महिला और कुछ आशा कार्यकर्ता का भी नाम सामने आया। प्राचार्य और सीएमएस एक-दूसरे को देखने लगे। प्राचार्य ने उस महिला डॉक्टर को फोन कर स्पष्टीकरण तलब किया और सेवा समाप्ति की चेतावनी दी। ओपीडी में मौजूद डॉ. स्वाति से मरीजों की जानकारी ली और मरीजों को निजी अस्पतालों में नहीं भेजने की हिदायत दी। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभात कुमार अपने कक्ष में नहीं मिले।
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इमरजेंसी और सर्जिकल वार्ड का किया निरीक्षण, दिए निर्देश
-अस्पताल के इमरजेंसी और सर्जिकल वार्ड के निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में तैनात जेआर डॉ. दीपांशु एप्रन नहीं पहने थे। प्राचार्य ने नाराजगी जाहिर की और सभी को ड्रेस कोड में रहने का निर्देश दिया। कुछ स्वास्थ्यकर्मियों ने दलालों का विरोध करने पर मारपीट पर उतारू होने की बात कही। प्राचार्य ने दलालों को चिह्नित करने और मोबाइल से उनकी फोटो खींचकर भेजने को कहा।
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-मेडिकल कॉलेज में दलालों की सक्रियता की शिकायत लगातार मिल रही थी। निरीक्षण के दौरान एक डॉक्टर और कुछ स्वास्थ्यकर्मियों का नाम सामने आया है। डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा गया है। बाकी स्वास्थ्यकर्मियों को चेतावनी दी गई है। प्राइवेट एंबुलेंस लेकर कैंपस में आने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।दलालों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस को भी इसके लिए पत्र लिखा गया है। सीसी टीवी कैमरे से भी मॉनिटरिंग की जाएगी। -डॉ. आरके शाही, प्राचार्य
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