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कैलाश मानसरोवर व तिब्बत की मुक्ति को जनांदोलन जरूरी : संजय मिश्रा
Mon, 11 Dec 2023 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 11 Dec 2023 12:59 AM IST
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पडरौना। कैलाश मानसरोवर की मुक्ति के लिए तिब्बत की चीन से आजादी आवश्यक है। तिब्बत चीन के कब्जे में है। रामजन्म भूमि, श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति की अगली कड़ी में भगवान शिव जन्मभूमि की मुक्ति जरूरी है। इसके लिए जनांदोलन जरूरी है।
ये बातें संजय मिश्र ने कहीं। वे रविवार को हनुमान इंटर कॉलेज सभागार मेें भारत तिब्बत समन्वय संघ की तरफ से राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने की स्मृति में आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने चीन के खिलाफ मोर्चा खोला था। उनकी यह हुंकार आगे नहीं बढ़ सकी। प्रधानाचार्य परिषद के संरक्षक डॉ. गोरख राय ने कहा कि गंगा का उद्गम कैलाश मानसरोवर है। बगैर इस स्थल की मुक्ति के पीएम मोदी का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता। गोष्ठी को क्षेत्रीय सह संयोजक मनोज शर्मा सारस्वत, बौद्धिक प्रभाग की क्षेत्रीय सह संयोजक डॉ. सुनीता पांडेय, डॉ. मनीषा शाही आदि ने संबाेधित कर भारत को कैलाश मानसरोवर व तिब्बत की मुक्ति के लिए कारगर कदम उठाने की बात कही। गोष्ठी मेें सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक दिनेश तिवारी भोजपुरिया ने तिब्बतियों की त्रासदी व चीन के अमानवीय रवैये को इंगित करते हुए स्वरचित कविता सुनाई। गोष्ठी का संचालन प्रधानाचार्य शैलेंद्र दत्त शुक्ल ने की।इस दौरान हर्षित मिश्र आदि मौजूद रहे।
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ये बातें संजय मिश्र ने कहीं। वे रविवार को हनुमान इंटर कॉलेज सभागार मेें भारत तिब्बत समन्वय संघ की तरफ से राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने की स्मृति में आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने चीन के खिलाफ मोर्चा खोला था। उनकी यह हुंकार आगे नहीं बढ़ सकी। प्रधानाचार्य परिषद के संरक्षक डॉ. गोरख राय ने कहा कि गंगा का उद्गम कैलाश मानसरोवर है। बगैर इस स्थल की मुक्ति के पीएम मोदी का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता। गोष्ठी को क्षेत्रीय सह संयोजक मनोज शर्मा सारस्वत, बौद्धिक प्रभाग की क्षेत्रीय सह संयोजक डॉ. सुनीता पांडेय, डॉ. मनीषा शाही आदि ने संबाेधित कर भारत को कैलाश मानसरोवर व तिब्बत की मुक्ति के लिए कारगर कदम उठाने की बात कही। गोष्ठी मेें सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक दिनेश तिवारी भोजपुरिया ने तिब्बतियों की त्रासदी व चीन के अमानवीय रवैये को इंगित करते हुए स्वरचित कविता सुनाई। गोष्ठी का संचालन प्रधानाचार्य शैलेंद्र दत्त शुक्ल ने की।इस दौरान हर्षित मिश्र आदि मौजूद रहे।
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