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रोमानिया पहुंचे यूक्रेन में फंसे जिले के कई विद्यार्थी
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रोमानिया पहुंचे यूक्रेन में फंसे जिले के कई विद्यार्थी
वहां से स्वदेश के लिए भरेंगे उड़ान, परिजनों को मिला सुकून
पडरौना। सोमवार का दिन यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए सुकून भरा रहा। वहां मेडिकल की पढ़ाई करने गए जिले के 22 विद्यार्थियों में से 12 विद्यार्थी रोमानिया के भारतीय दूतावास तक पहुंचे गए हैं। अभिभावकों के मुताबिक वहां भोजन और आराम के बाद स्वदेश लौटेंगे। शेष विद्यार्थियों के लाने के लिए सरकार की तरफ से प्रयास किया जा रहा
कुशीनगर से मेडिकल की पढ़ाई करने जिले 22 छात्र-छात्राएं यूक्रेन गए थे। वहां लड़ाई शुरू होने के बाद बदले हालात से इन छात्र-छात्राओं के अलावा उनके अभिभावक भी घर वापसी के परेशान हो गए थे। यूक्रेन में फंसे छात्र गोली बारूद की आवाज के बीच घर वापसी के लिए राह देख रहे थे, तो इधर उनके अभिभावक सरकार से मदद की गुहार लगा रहे थे। इन लोगों के लिए सोमवार दिन राहत भरा रहा है। नगर के जंगल चौरिया निवासी अवधेश कुमार ने बताया कि यूक्रेन में पढ़ाई करने गया उनका पुत्र हिमांश भास्कर यूक्रेन से बस के जरिए रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि वहां भोजन और आराम करने के बाद जैसे-जैसे हवाई जहाज में जगह मिलेगी, वहां से सभी बच्चों को उनके घर भेजा जाएगा।
पकड़ियार प्रतिनिधि के अनुसार देवगांव निवासी डॉ. गिरिजेश मल्ल ने बताया कि यूक्रेन में फंसा उनका बेटा साकेत मल्ल सोमवार सुबह ही रोमानिया स्थित राहत कैंप में पहुंच गया है। वहां आराम और भोजन के बाद एयरपोर्ट के लिए बस से निकालेगा।
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जौरा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार शंकरपट्टी गांव के दो विद्यार्थी यूक्रेन में फंसे थे। वाचस्पति सिंह ने बताया कि उनका पुत्र दिलीप सिंह रोमानिया के वूचारिष्ट तक पहुंच गया हैं। इसी गांव के पंकज सिंह ने बताया कि उनका पुत्र मुरलीधर सिंह भी सोमवार सुबह यूक्रेन की सीमा से रोमानिया देश के वूचारिष्ट में पहुंच गया है। स्वदेश लौटने के लिए सभी कागजात भी जमा करा लिया गया है। बहुत जल्द भारत के लिए उड़ान कर लेंगे।
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वहां से स्वदेश के लिए भरेंगे उड़ान, परिजनों को मिला सुकून
पडरौना। सोमवार का दिन यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए सुकून भरा रहा। वहां मेडिकल की पढ़ाई करने गए जिले के 22 विद्यार्थियों में से 12 विद्यार्थी रोमानिया के भारतीय दूतावास तक पहुंचे गए हैं। अभिभावकों के मुताबिक वहां भोजन और आराम के बाद स्वदेश लौटेंगे। शेष विद्यार्थियों के लाने के लिए सरकार की तरफ से प्रयास किया जा रहा
कुशीनगर से मेडिकल की पढ़ाई करने जिले 22 छात्र-छात्राएं यूक्रेन गए थे। वहां लड़ाई शुरू होने के बाद बदले हालात से इन छात्र-छात्राओं के अलावा उनके अभिभावक भी घर वापसी के परेशान हो गए थे। यूक्रेन में फंसे छात्र गोली बारूद की आवाज के बीच घर वापसी के लिए राह देख रहे थे, तो इधर उनके अभिभावक सरकार से मदद की गुहार लगा रहे थे। इन लोगों के लिए सोमवार दिन राहत भरा रहा है। नगर के जंगल चौरिया निवासी अवधेश कुमार ने बताया कि यूक्रेन में पढ़ाई करने गया उनका पुत्र हिमांश भास्कर यूक्रेन से बस के जरिए रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि वहां भोजन और आराम करने के बाद जैसे-जैसे हवाई जहाज में जगह मिलेगी, वहां से सभी बच्चों को उनके घर भेजा जाएगा।
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पकड़ियार प्रतिनिधि के अनुसार देवगांव निवासी डॉ. गिरिजेश मल्ल ने बताया कि यूक्रेन में फंसा उनका बेटा साकेत मल्ल सोमवार सुबह ही रोमानिया स्थित राहत कैंप में पहुंच गया है। वहां आराम और भोजन के बाद एयरपोर्ट के लिए बस से निकालेगा।
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जौरा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार शंकरपट्टी गांव के दो विद्यार्थी यूक्रेन में फंसे थे। वाचस्पति सिंह ने बताया कि उनका पुत्र दिलीप सिंह रोमानिया के वूचारिष्ट तक पहुंच गया हैं। इसी गांव के पंकज सिंह ने बताया कि उनका पुत्र मुरलीधर सिंह भी सोमवार सुबह यूक्रेन की सीमा से रोमानिया देश के वूचारिष्ट में पहुंच गया है। स्वदेश लौटने के लिए सभी कागजात भी जमा करा लिया गया है। बहुत जल्द भारत के लिए उड़ान कर लेंगे।