फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Make arrangements to prevent dengue, if you have high fever, consult a doctor immediately

Kushinagar News: डेंगू से बचाव का करें इंतजाम, तेज बुखार हो तो डॉक्टर से तत्काल लें परामर्श

Thu, 29 Aug 2024 02:17 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2024 02:17 AM IST
विज्ञापन
Make arrangements to prevent dengue, if you have high fever, consult a doctor immediately
-जिले के सभी सीएचसी में बेड आरक्षित, किट से जांच में पॉजीटिव मिलने पर कराई जा रही एलाइजा जांच
विज्ञापन

-सीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में भेजी गई हैं रैपिड किट, मेडिकल कॉलेज में टेस्ट कराने की है सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। बरसात की शुरुआत होने के बाद से ही डेंगू से पीड़ित मरीज सामने आने लगे हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में जांच व उपचार की व्यवस्था की गई है। सभी सीएचसी पर डेंगू की जांच के लिए पर्याप्त मात्रा में रैपिड किट भेजी गई है। किट से की गई जांच में संक्रमित पाए जाने के बाद एलाइजा की जांच कराई जा रही है। एलाइजा टेस्ट की सुविधा मेडिकल कॉलेज में है।
सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि बारिश के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। गर्मी-उमस और पानी भरने से अक्सर मच्छरों को पनपने के लिए सही वातावरण मिल जाता है, जिससे कई खतरनाक बीमारियों के होने की संभावना बनी रहती है। मानसून में मच्छरों से होने वाली बीमारियों में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जीका वायरस बुखार आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में अक्सर पानी जमा होने लगता है, और रुके पानी में अंडे देने से मच्छर पनपते हैं। इसलिए अपने घर में रुके पानी को ढककर या साफ करके रखें, ताकि मच्छर न पनप सकें। रुके पानी से बचने के लिए बाल्टी, कूलर, गमला और अन्य कंटेनर की नियमित जांच करें। मच्छरों से बचे रहने के लिए घर के आसपास खासतौर पर बगीचों, कैंपस या यार्ड्स में किसी भी तरह का कूड़ा-कचरा या मलबा जमा न होने दें। कूड़े-कचड़े में अक्सर मच्छरों को छिपने की जगह मिल जाती है। घर के आसपास नालियों की नियमित रूप से साफ-सफाई का ध्यान रखें।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि सभी सीएचसी पर चार-चार बेड आरक्षित किए गए हैं। सभी जगहों पर रैपिड किट से जांच की सुविधा भी है। अगर कोई रैपिड किट से जांच में संक्रमित पाया जाता है तो मेडिकल कॉलेज भेजकर उसकी एलाइजा टेस्ट कराई जाती है। सीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में रैपिड किट उपलब्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed