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Kushinagar News: निर्माण कार्य में देरी पर महंथ ने नाराजगी जताते हुए की जांच की मांग
Sun, 01 Oct 2023 01:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 01 Oct 2023 01:36 AM IST
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पकड़ियार बाजार। क्षेत्र के बगही मंदिर का 67 लाख रुपए की लागत से चल रहे जिर्णोद्धार कार्य तय समय बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इस पर मंदिर के महंथ ने नाराजगी जताते हुए निर्माण कार्य की जांच कराने और अधूरे कार्य पूरा कराने की मांग की है।
प्राचीन बगही मंदिर के जिर्णोद्धार के लिए सांसद की पहल पर वर्ष 2022 में उतर प्रदेश पर्यटन मंत्रालय ने 67 लाख रुपए की लागत से मंदिर का जिर्णोद्धार कराने की मंजूरी मिली थी। बीते वर्ष अगस्त माह में मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य की शुरु हुआ। इसमें एक सामुदायिक शौचालय, दो आरो वाटर सिस्टम, पोखरे की सीढ़ी, दो मुख्य गेट और पाथवे का निर्माण कार्य होना था। कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड ने पोखरे की सीढ़ी, सामुदायिक शौचालय, आरो वाटर सिस्टम कार्य पूरा करा दिया। लेकिन अभी तक मुख्य गेट अधूरा पड़ा है। शौचालय में लगे टायल्स धंस गए हैं। आरो वाटर सिस्टम शुरू होने के कुछ माह बाद से खराब पड़ा है। मंदिर के महंत विश्वमंभर दास ने बताया कि कार्य होने के दौरान ही अनियमितता बरतने को लेकर शिकायत किया था, लेकिन जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं किया। मानक विहीन कार्य और मटेरियल लगे होने के चलते कार्य पूर्ण होने के पहले ही बदहाल हो गए है। उन्होंने कहा कि मार्च 2023 तक कार्य पूर्ण हो जाने थे, लेकिन अभी तक कार्य अधूरे पड़े हैं। उन्होंने जिर्णोद्धार कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और अधूरे कार्य को पूर्ण कराने की मांग किया है। जांच नहीं होने की दशा में आमरण-अनशन करने की चेतावनी दी है।
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प्राचीन बगही मंदिर के जिर्णोद्धार के लिए सांसद की पहल पर वर्ष 2022 में उतर प्रदेश पर्यटन मंत्रालय ने 67 लाख रुपए की लागत से मंदिर का जिर्णोद्धार कराने की मंजूरी मिली थी। बीते वर्ष अगस्त माह में मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य की शुरु हुआ। इसमें एक सामुदायिक शौचालय, दो आरो वाटर सिस्टम, पोखरे की सीढ़ी, दो मुख्य गेट और पाथवे का निर्माण कार्य होना था। कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड ने पोखरे की सीढ़ी, सामुदायिक शौचालय, आरो वाटर सिस्टम कार्य पूरा करा दिया। लेकिन अभी तक मुख्य गेट अधूरा पड़ा है। शौचालय में लगे टायल्स धंस गए हैं। आरो वाटर सिस्टम शुरू होने के कुछ माह बाद से खराब पड़ा है। मंदिर के महंत विश्वमंभर दास ने बताया कि कार्य होने के दौरान ही अनियमितता बरतने को लेकर शिकायत किया था, लेकिन जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं किया। मानक विहीन कार्य और मटेरियल लगे होने के चलते कार्य पूर्ण होने के पहले ही बदहाल हो गए है। उन्होंने कहा कि मार्च 2023 तक कार्य पूर्ण हो जाने थे, लेकिन अभी तक कार्य अधूरे पड़े हैं। उन्होंने जिर्णोद्धार कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और अधूरे कार्य को पूर्ण कराने की मांग किया है। जांच नहीं होने की दशा में आमरण-अनशन करने की चेतावनी दी है।
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