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मदनी मस्जिद : सुप्रीम कोर्ट पर टिकीं निगाहें
Sat, 01 Mar 2025 11:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 01 Mar 2025 11:55 PM IST
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हाटा। हाटा नगर के करमहा चौराहे पर स्थित मदनी मस्जिद को लेकर लोगों की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हुई हैं। नौ फरवरी को मस्जिद के एक हिस्से पर हुए बुलडोजर एक्शन के बाद मस्जिद कमेटी सुप्रीम कोर्ट की शरण में है।
दो दशक से अधिक समय से निर्माणाधीन हाटा की मदनी मस्जिद के एक हिस्से को प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बना होना बताते हुए नौ फरवरी को प्रशासन बुलडोजर लगा कर तोड़वा दिया था। मस्जिद कमेटी ने प्रशासन पर आरोप लगाया गया था कि प्रशासन ने बगैर पूर्व सूचना दिए मस्जिद पर बुलडोजर चला दिया। जबकि, प्रशासन ने दावा किया कि मस्जिद कमेटी को नोटिस के जरिए सूचना देते हुए जवाब भी मांगा था। दोनों पक्ष सुप्रीम कोर्ट में अपनी-अपनी दलील दी है। अब देखना है कि सुप्रीम कोर्ट का रुख इस मामले में क्या होता है।
मस्जिद कमेटी के दावा है कि निर्माण में किसी भी प्रकार के सरकारी जमीन का इस्तेमाल नहीं किया गया था। जबकि, राजस्व विभाग की ओर से पैमाइश के बाद आई रिपोर्ट में मस्जिद का कुछ हिस्सा सरकारी जमीन पर होना बताया गया था। मस्जिद कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कुशीनगर जिला प्रशासन के अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है।
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दो दशक से अधिक समय से निर्माणाधीन हाटा की मदनी मस्जिद के एक हिस्से को प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बना होना बताते हुए नौ फरवरी को प्रशासन बुलडोजर लगा कर तोड़वा दिया था। मस्जिद कमेटी ने प्रशासन पर आरोप लगाया गया था कि प्रशासन ने बगैर पूर्व सूचना दिए मस्जिद पर बुलडोजर चला दिया। जबकि, प्रशासन ने दावा किया कि मस्जिद कमेटी को नोटिस के जरिए सूचना देते हुए जवाब भी मांगा था। दोनों पक्ष सुप्रीम कोर्ट में अपनी-अपनी दलील दी है। अब देखना है कि सुप्रीम कोर्ट का रुख इस मामले में क्या होता है।
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मस्जिद कमेटी के दावा है कि निर्माण में किसी भी प्रकार के सरकारी जमीन का इस्तेमाल नहीं किया गया था। जबकि, राजस्व विभाग की ओर से पैमाइश के बाद आई रिपोर्ट में मस्जिद का कुछ हिस्सा सरकारी जमीन पर होना बताया गया था। मस्जिद कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कुशीनगर जिला प्रशासन के अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है।
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