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मदनी मस्जिद प्रकरण : 15 दिन के बाद दो और मौके देगी नगर पालिका...जवाब न मिलने पर हाईकोर्ट में रखेगा पक्ष

Thu, 26 Dec 2024 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Thu, 26 Dec 2024 12:57 AM IST
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Madani Masjid case: Municipality will give two more chances after 15 days...if not getting answer, will present the case in High Court
हाटा। मदनी मस्जिद पक्ष को नगर पालिका प्रशासन अभी एक-एक सप्ताह का दो और मौका देगा। जवाब नहीं मिलने पर हाईकोर्ट में पक्ष रखेगा और कोर्ट के आदेश के बाद ही सरकारी जमीन पर कराए गए निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। मस्जिद पक्षकारों में प्रशासन की ओर से चल रही कार्रवाई को लेकर खलबली मची है। मस्जिद पक्षकारों का दावा है कि यह मामला काफी दिनों से हाईकोर्ट में लंबित है। मस्जिद निर्माण के लिए 32 डिस्मिल जमीन ली गई है, 30 डिस्मिल में ही अभी निर्माण हुआ है। प्रशासन को दोनों पहलुओं पर जांच करनी चाहिए।
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नगर पालिका के गांधी नगर में मदनी मस्जिद का निर्माण करीब दो दशक से चल रहा है। अभी तक चार मंजिल मस्जिद का निर्माण नगर पालिका कार्यालय के पीछे चल रहा था। जिस समय निर्माण शुरू हुआ। उस समय नगर पालिका की ओर से सिर्फ दो मंजिल निर्माण के लिए नक्शा मस्जिद पक्षकार की ओर से पास कराया गया था। दोनों सीढि़यों के नीचे भूतल के अलावा चार मंजिल भवन का निर्माण करा लिया गया। सीएम तक इसकी शिकायत पहुंचने के बाद डीएम विशाल भारद्वाज के निर्देश पर एडीएम प्रशासन वैभव मिश्रा की देख-रेख में मस्जिद और इसके आस-पास की जमीनों की पैमाइश कराई गई। पैमाइश के बाद हाटा एसडीएम ने पूरे मामले की जांच कर तीन दिन बाद रिपोर्ट डीएम को सौंपा। जांच में पुष्टि हुई कि सरकारी जमीन के कुछ हिस्से पर मस्जिद का निर्माण हुआ है। बाकी सरकारी जमीनों पर लगाए गए कटरैन खुद ही मस्जिद पक्ष के लोगों ने पैमाइश के दौरान हटा लिया था।
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इसमें दो गाटा नंबरों का मुकदमा कोर्ट में लंबित है, जिसमें यथा स्थिति का ऑर्डर है। हालांकि, दो मंजिल भवन से अधिक निर्माण मस्जिद का शुरू हुआ तो नगर पालिका ने नक्शे को निरस्त कर दिया था। मस्जिद पक्ष के लोगों ने हाईकोर्ट में मुकदमा किया तो दावा है कि नक्शे को हाईकोर्ट ने बहाल कर दिया है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन को ऐसी कोई जानकारी नहीं है। नगर पालिका प्रशासन की ओर से 21 दिसंबर को मस्जिद पर नोटिस चस्पा कर 15 दिन के अंदर मस्जिद निर्माण के लिए पास किया गया नक्शा और पत्रावली मांगी है। तय तिथि में नहीं देने पर दो और नोटिस जारी किया गया जाएगा, जिसमें एक-एक सप्ताह का समय नगर पालिका प्रशासन की ओर से दिया जाएगा। इसके बाद मस्जिद पक्ष के तरफ से कोई जवाब या पत्रावली नहीं दी जाती है तो हाईकोर्ट में लंबित मुकदमे नगर पालिका अपना पक्ष रखेगा और सरकारी जमीन तथा बिना नक्शे के चार मंजिल बने मस्जिद को ध्वस्त करने की कार्रवाई होगी। वहीं नगर पालिका की ओर से जारी किया गया पुराना नक्शा भी नहीं मिल रहा है। हालांकि वह नक्शा हाईकोर्ट में लंबित मुकदमे की फाइल में लगी है।
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हाटा एसडीएम प्रभाकर सिंह ने बताया कि मस्जिद का कुछ हिस्से का निर्माण सरकारी भूमि में होने की पुष्टि हुई है। इतनी ऊंची मस्जिद का निर्माण के लिए नगर पालिका ने नक्शा पास किया या नहीं, वह अपने स्तर से जांच कर रही है। शिकायत के आधार पर कार्रवाई जारी है।

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद

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