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कार्यदायी संस्था पीडब्लयूडी ने बनवाई है सड़कें
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जनपद पहुंची लखनऊ की टीएसी टीम, सात सड़कों की चल रही जांच
सांसद विजय कुमार दुबे और रामकोला विधायक रामानंद बौद्ध ने की थी शिकायत
टीएसी सदस्य नमूने को सीलबंद कर जांच के लिए लैब भेजेंगे, शासन को सौपेंगे रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया ( कुशीनगर)। जनपद में करोड़ों रुपये से निर्माणाधीन और निर्मित सड़कों में मानकों की अनदेखी अब ठेकेदारों को भारी पड़ेगी। जिले की सात सड़कों की जांच के लिए लखनऊ से दो सदस्यीय टीएसी (टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी) टीम जांच में जुट गई है। टीम के सदस्यों के साथ पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, एई व अवर अभियंता भी शामिल हैं। मंगलवार को इस टीम ने कई स्थानों पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की।
यह जांच सांसद विजय कुमार दुबे व रामकोला विधायक रामानंद बौद्ध की तरफ से करीब डेढ़ वर्ष पूर्व की गई शिकायत पर शुरू हुई है। शिकायत मिलने पर शासन ने जिले की सात सड़कों की जांच के लिए टीएसी को जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन, कोविड के चलते जांच ठंडे बस्ते में चली गई थी। अभी बीते रविवार को सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार अपने एक अन्य सदस्य के साथ कुशीनगर पहुंचे थे। टीएसी सदस्यों की टीम जिले की जिन सड़कों की गुणवत्ता व मानक की जांच करनी है, उसमें रामकोला-मथौली मार्ग, हाटा-पिपराइच मार्ग, सपहां-सखवनिया-शिवपुर-हरका मार्ग समेत सात सड़कें शामिल हैं। जांच होने वाली सात सड़कों में छह सड़कें पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड व एक सड़क पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड की तरफ से बनाई गई है।
मंगलवार को टीएसी टीम के सदस्यों ने रामकोला क्षेत्र में पहुंचकर जिन सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता व मानक के विपरीत बनाने की शिकायत दर्ज कराई गई है, उनकी गुणवत्ता की परख की। प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया कि सड़क निर्माण में मानक की अनदेखी हुई है। तकनीकी मशीन के जरिए इन मार्गों की जांच कर उसमें प्रयुक्त निर्माण सामग्रियों के नमूने पैकेट में सीलबंद कर लैब भेजकर पूूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। टीम के सदस्य कुछ भी जांच और खामियों पर बोलने से कतराते रहे। हालांकि बताया कि सड़क में कुछ कमियां पाई गई हैं। जांच में नमूने लिए गए हैं। उन्हें लैब में जांच के बाद पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जांच टीम क्या-कया मिला, क्या नहीं मिला, कुछ बताने से इनकार करती रही। फिल्हाल जांच टीम को जिले की सात सड़कों की जांच करनी है। लेकिन जिस गहनतापूर्वक जांच चल रही है, उसके मद्देनजर लगता है कि टीम जनपद में एक से दो दिन और प्रवास कर सकती है। जांच में अधिशासी अभियंता हेमराज सिंह, एई ओपी तिवारी, बैजनाथ वर्मा, अवर अभियंता दयाराम, शिवमोहन, आरटी कुशवाहा, बृजेश आर्या, अशोक गिरी समेत पूरे डिवीजन के अभियंता शामिल रहे।
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जिन सड़कों की शिकायतें मिली हैं, उनके सैंपल भरे जा रहे हैं : अधिशासी अभियंता
जांच के लिए सिंचाई विभाग के आए अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर लखनऊ से दो सदस्यीय जांच टीम आई है जो जिले के सात नवनिर्मित सड़कों की जांच कर रही है। नमूना सीलबंद कर लैब में जांच के बाद रिपोर्ट सीधे शासन को सौंपेगी। कहा कि सड़कों की जांच चल रही है। जिन सड़कों की शिकायतें मिली हैं, उनके सैंपल भरे जा रहे हैं। वहीं कुछ की जांच रैंडम की जाएगी।
सांसद व विधायक ने शासन को लिखा था पत्र
जिले में पीडब्ल्यूडी की तरफ से बनाई गई सात सड़कों में गुणवत्ता व मानक के विपरीत निर्माण कराए जाने को लेकर डेढ़ वर्ष पूर्व सांसद विजय कुमार दुबे ने चार सड़कों व रामकोला विधायक रामानंद बौद्ध ने तीन सड़कों की जांच के लिए प्रमुख सचिव लोक निर्माण व लोक निर्माण कैबिनेट मंत्री प्रदेश सरकार से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में माननीयों ने नवनिर्मित सड़कों की गुणवत्ता व मानक की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की थी। उस दौरान जांच के लिए लखनऊ से टीएसी को जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन, कोविड के चलते नहीं हो पाया था। अब टीएसी पहुंचकर जांच कर रही है।
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सांसद विजय कुमार दुबे और रामकोला विधायक रामानंद बौद्ध ने की थी शिकायत
टीएसी सदस्य नमूने को सीलबंद कर जांच के लिए लैब भेजेंगे, शासन को सौपेंगे रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया ( कुशीनगर)। जनपद में करोड़ों रुपये से निर्माणाधीन और निर्मित सड़कों में मानकों की अनदेखी अब ठेकेदारों को भारी पड़ेगी। जिले की सात सड़कों की जांच के लिए लखनऊ से दो सदस्यीय टीएसी (टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी) टीम जांच में जुट गई है। टीम के सदस्यों के साथ पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, एई व अवर अभियंता भी शामिल हैं। मंगलवार को इस टीम ने कई स्थानों पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की।
यह जांच सांसद विजय कुमार दुबे व रामकोला विधायक रामानंद बौद्ध की तरफ से करीब डेढ़ वर्ष पूर्व की गई शिकायत पर शुरू हुई है। शिकायत मिलने पर शासन ने जिले की सात सड़कों की जांच के लिए टीएसी को जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन, कोविड के चलते जांच ठंडे बस्ते में चली गई थी। अभी बीते रविवार को सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार अपने एक अन्य सदस्य के साथ कुशीनगर पहुंचे थे। टीएसी सदस्यों की टीम जिले की जिन सड़कों की गुणवत्ता व मानक की जांच करनी है, उसमें रामकोला-मथौली मार्ग, हाटा-पिपराइच मार्ग, सपहां-सखवनिया-शिवपुर-हरका मार्ग समेत सात सड़कें शामिल हैं। जांच होने वाली सात सड़कों में छह सड़कें पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड व एक सड़क पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड की तरफ से बनाई गई है।
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मंगलवार को टीएसी टीम के सदस्यों ने रामकोला क्षेत्र में पहुंचकर जिन सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता व मानक के विपरीत बनाने की शिकायत दर्ज कराई गई है, उनकी गुणवत्ता की परख की। प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया कि सड़क निर्माण में मानक की अनदेखी हुई है। तकनीकी मशीन के जरिए इन मार्गों की जांच कर उसमें प्रयुक्त निर्माण सामग्रियों के नमूने पैकेट में सीलबंद कर लैब भेजकर पूूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। टीम के सदस्य कुछ भी जांच और खामियों पर बोलने से कतराते रहे। हालांकि बताया कि सड़क में कुछ कमियां पाई गई हैं। जांच में नमूने लिए गए हैं। उन्हें लैब में जांच के बाद पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जांच टीम क्या-कया मिला, क्या नहीं मिला, कुछ बताने से इनकार करती रही। फिल्हाल जांच टीम को जिले की सात सड़कों की जांच करनी है। लेकिन जिस गहनतापूर्वक जांच चल रही है, उसके मद्देनजर लगता है कि टीम जनपद में एक से दो दिन और प्रवास कर सकती है। जांच में अधिशासी अभियंता हेमराज सिंह, एई ओपी तिवारी, बैजनाथ वर्मा, अवर अभियंता दयाराम, शिवमोहन, आरटी कुशवाहा, बृजेश आर्या, अशोक गिरी समेत पूरे डिवीजन के अभियंता शामिल रहे।
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जिन सड़कों की शिकायतें मिली हैं, उनके सैंपल भरे जा रहे हैं : अधिशासी अभियंता
जांच के लिए सिंचाई विभाग के आए अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर लखनऊ से दो सदस्यीय जांच टीम आई है जो जिले के सात नवनिर्मित सड़कों की जांच कर रही है। नमूना सीलबंद कर लैब में जांच के बाद रिपोर्ट सीधे शासन को सौंपेगी। कहा कि सड़कों की जांच चल रही है। जिन सड़कों की शिकायतें मिली हैं, उनके सैंपल भरे जा रहे हैं। वहीं कुछ की जांच रैंडम की जाएगी।
सांसद व विधायक ने शासन को लिखा था पत्र
जिले में पीडब्ल्यूडी की तरफ से बनाई गई सात सड़कों में गुणवत्ता व मानक के विपरीत निर्माण कराए जाने को लेकर डेढ़ वर्ष पूर्व सांसद विजय कुमार दुबे ने चार सड़कों व रामकोला विधायक रामानंद बौद्ध ने तीन सड़कों की जांच के लिए प्रमुख सचिव लोक निर्माण व लोक निर्माण कैबिनेट मंत्री प्रदेश सरकार से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में माननीयों ने नवनिर्मित सड़कों की गुणवत्ता व मानक की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की थी। उस दौरान जांच के लिए लखनऊ से टीएसी को जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन, कोविड के चलते नहीं हो पाया था। अब टीएसी पहुंचकर जांच कर रही है।