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Kushinagar News: जनपद न्यायाधीश ने किया राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ
Mon, 22 May 2023 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 22 May 2023 12:49 AM IST
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पडरौना में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजन का शुभारम्भ करते जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्
राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ 87,698 वादों का निस्तारण
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में रविवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। इस लोक अदालत में 87,698 वादों का निस्तारण किया गया।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में फौजदारी के 7,178 वादों का निस्तारण कर जुर्माने के रूप में 2,54,125 रुपये वसूलकर राजकीय कोष में जमा कराया गया। मोटर दुर्घटना से संबंधित 28 क्लेम वादों का निस्तारण कर मृतकों एवं घायलों के आश्रितों को 1,57,10,000 रुपये मुआवजा दिलाया गया। पारिवारिक न्यायालयों में 13 वादों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।
बैंक ऋण से संबंधित वादों का प्री-लिटिगेशन स्तर पर कुल 1,248 बैंक ऋण वादों का निस्तारण करते हुए 7,74,48,365 रुपये टोकन मनी ऋणधारकों से वसूला गया। इसके अलावा 392 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया।
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साथ ही इस राष्ट्रीय लोक अदालत में पांच पारिवारिक वादों को मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारित किया गया, जिसमें से तीन वाद प्री-लिटीगेशन स्तर पर निस्तारित किए गए। पांच जोड़े एक दूसरे को माला पहनाकर सुलह समझौता कर बतौर पति-पत्नी के एक साथ रहने के लिए न्यायालय परिसर से विदा हुए। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अपर जिला जज रविकांत यादव सहित सभी न्यायालयों के न्यायाधीश और संबंधित अधिवक्ता व वादकारी मौजूद थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में रविवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। इस लोक अदालत में 87,698 वादों का निस्तारण किया गया।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में फौजदारी के 7,178 वादों का निस्तारण कर जुर्माने के रूप में 2,54,125 रुपये वसूलकर राजकीय कोष में जमा कराया गया। मोटर दुर्घटना से संबंधित 28 क्लेम वादों का निस्तारण कर मृतकों एवं घायलों के आश्रितों को 1,57,10,000 रुपये मुआवजा दिलाया गया। पारिवारिक न्यायालयों में 13 वादों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।
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बैंक ऋण से संबंधित वादों का प्री-लिटिगेशन स्तर पर कुल 1,248 बैंक ऋण वादों का निस्तारण करते हुए 7,74,48,365 रुपये टोकन मनी ऋणधारकों से वसूला गया। इसके अलावा 392 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया।
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साथ ही इस राष्ट्रीय लोक अदालत में पांच पारिवारिक वादों को मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारित किया गया, जिसमें से तीन वाद प्री-लिटीगेशन स्तर पर निस्तारित किए गए। पांच जोड़े एक दूसरे को माला पहनाकर सुलह समझौता कर बतौर पति-पत्नी के एक साथ रहने के लिए न्यायालय परिसर से विदा हुए। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अपर जिला जज रविकांत यादव सहित सभी न्यायालयों के न्यायाधीश और संबंधित अधिवक्ता व वादकारी मौजूद थे।