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आधे से कम बच्चे आ रहे विद्यालय

Wed, 17 Feb 2021 11:59 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2021 11:59 PM IST
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Less than half of the children are coming to school
आधे से कम बच्चे आ रहे विद्यालय
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विद्यालय खुले एक सप्ताह हो गए, लेकिन नहीं बढ़ी बच्चों की संख्या
कोरोना संक्रमण की वजह से अधिकांश अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में नहीं ले रहे रुचि
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना (कुशीनगर)। कोरोना संक्रमण की वजह से बंद उच्च प्राथमिक स्कूल 10 फरवरी को खुल गए, लेकिन विद्यार्थियों की उपस्थित स्कूल में बेहद कम हैं। इसका कारण यह है कि कोरोना संक्रमण की वजह से अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में रुचि नहीं ले रहे हैं। स्कूल खुलने के एक सप्ताह बाद बुधवार को पडरौना नगर समेत आसपास के तीन स्कूलों की पड़ताल की गई, जिसमें नामांकन के सापेक्ष बच्चों की उपस्थिति कम मिली।
कोरोना संक्रमण की वजह से बंद कक्षा छठीं से आठवीं तक के विद्यालयों को 10 फरवरी से कोरोना गाइडलाइन के तहत खोल दिया गया है। बुधवार को इन्हें खुले एक सप्ताह हो गए, लेकिन स्कूल में बच्चों की संख्या आधे से भी कम रही। बुधवार को ऐसे कई उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या काफी कम रही। कोरोना संक्रमण की वजह से 22 मार्च 2020 को सभी विद्यालय बंद किए गए थे। संक्रमण का खतरा कम हुआ तो शासन ने सबसे पहले इंटरमीडिएट व हाईस्कूल के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलने अनुमति दी थी। इसके बाद 10 फरवरी से कक्षा छठीं से आठवीं तक के विद्यालय खोल दिए गए। एक मार्च से कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यालय भी खोलने के लिए शासन ने निर्देश दिया है। शासन के निर्देश के मुताबिक सोमवार व बृहस्पतिवार को कक्षा छह, मंगलवार व शुक्रवार को कक्षा सात और बुधवार और शनिवार को कक्षा आठवीं के छात्र-छात्राएं स्कूल पढ़ने आएंगे।
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स्थान- उच्च प्राथमिक विद्यालय सुखपुरा, सुबह 10.04 बजे
इस विद्यालय में कक्षा आठ के कुल सात विद्यार्थियों में से केवल दो बच्चे ही पढ़ने आए थे। इन बच्चों को यहां तैनात सहायक अध्यापक रीमा सिंह पढ़ा रही थीं, जबकि प्रधानाध्यापिका सरोज त्रिपाठी विभागीय कार्य निपटा रही थीं। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि नामांकन के सापेक्ष बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है। एमडीएम की व्यवस्था के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि बुधवार को दूध और तहरी देने का मीनू है। दूध लाने के लिए अनुचर को भेजा गया है। वहीं रसोइया एमडीएम बनाने की तैयारी में जुटी थीं।
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उच्च प्राथमिक विद्यालय, बीआरसी पडरौना, दोपहर 12.45 बजे
इस उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा आठवीं की पढ़ाई चल रही थी। यहां कक्षा आठवीं में नामांकित कुल 59 विद्यार्थियों में से 19 कक्षा में पढ़ते मिले। इन्हें प्रनाध्यापिका इंदू चौहान पढ़ा रही थीं। बच्चों ने बताया कि एमडीएम में उन्हें तहरी और दूध मिला है। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि इस विद्यालय में नामांकन के सापेक्ष अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल आने के लिए उनके अभिभावकों से मिलकर उन्हें प्रेरित किया जा रहा है। जबकि यहां तैनात अनुदेशक शेष कक्षाओं के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाते मिले।
उच्च प्राथमिक विद्यालय साहबगंज पडरौना, दोपहर 1.30 बजे
इस विद्यालय में कक्षा आठवीं के कुल 14 नामांकित विद्यार्थियों में से छह बच्चे ही स्कूल पहुंचे थे। यहां दो महिला शिक्षक बच्चों को पढ़ाते मिलीं। बच्चे पढ़ाई करते मिले। इन बच्चों को पुस्तकें मिली थीं। यहां भी बच्चों को मीनू के अनुसार तहरी और दूध दिया गया था, जिसकी जानकारी बच्चों ने दी। शिक्षकों ने बताया कि बच्चों की संख्या अभी कम है। जो बच्चे अभी नहीं आ रहे हैं, उनके अभिभावकों से मिलकर कोविड गाइडलाइन के तहत बच्चाें को भेजने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

अभिभावकों से किया जा रहा संपर्क : बीईओ
बीईओ एसएन प्रजापति ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से अभिभावक अपने बच्चाें को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। विभाग की तरफ से उनसे संपर्क कर बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। शीघ्र ही विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति में सुधार कर लिया जाएगा।
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