फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Lalahi Chhath: Women wished for the long life of their sons.

ललही छठ : महिलाओं ने की पुत्रों की दीर्घायु की कामना

Mon, 26 Aug 2024 02:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Mon, 26 Aug 2024 02:23 PM IST
विज्ञापन
Lalahi Chhath: Women wished for the long life of their sons.
नेबुआ नौरंगिया। पुत्रों की दीर्घायु के लिए माताओं ने हल षष्ठी व्रत किया। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी को ललही छठ भी कहा जाता है। महिलाएं संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए यह व्रत करती हैं।
विज्ञापन


बताया जाता है कि बलराम जी का मुख्य शस्त्र हल और मूसल है। इसलिए उन्हें हलधर भी कहा जाता है और उन्हीं के नाम पर इस पावन पर्व का नाम हलषष्ठी पड़ा है। हलषष्ठी के दिन माताओं को महुआ की दातुन और महुआ खाने का विधान है।
विज्ञापन


हल षष्ठी व्रत का विशेष महत्व है क्योंकि इसे रखने से व्रती महिलाओं के संतान की सुरक्षा और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस व्रत को करने से संतान को रोग, भय और अनिष्ट से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा, यह व्रत घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस दिन व्रती महिलाएं प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करती हैं। इसके बाद वे कुश में गांठ लगाकर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया जाता है। इस दिन हल का उपयोग करने की मनाही होती है।इसलिए व्रती महिलाएं इस दिन बिना हल के निकले हुए अनाज और फलों का ही सेवन करती हैं।

व्रती माताओं ने विधि-विधान से की पूजा
सुकरौली। क्षेत्र की महिलाओं ने रविवार को ललही छठ व्रत रखा। विधि-विधान से पूजन कर पुत्रों की लंबी उम्र की कामना की।

रविवार की सुबह पिपरा लालमन, बेलही, परसिया आदि गांवों की महिलाएं स्नान ध्यान कर व्रत रखा। छठ माता के प्रतीक कुश के पौधों में छह गांठें लगाकर महुआ के छह पत्तों पर तीनी का चावल, महुआ व दही आदि रखकर छठ माता का पूजन किया। इस व्रत में खेत में पैदा होने वाला अन्न ग्रहण नहीं किया जाता है। तीनी का चावल तालाब में उत्पन्न धान से निकला है। इसलिए इस व्रत में तीनी के चावल का प्रयोग किया जाता है। मान्यता है कि ललही छठ माता का पूजन करने से संतान को सुख, शांति तथा समृद्धि मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed