कुशीनगर: 15 घंटे, 6 घायल, 1 तेंदुआ- आखिरकार पकड़ा गया आदमखोर; रेस्क्यू के दौरान मची अफरा-तफरी, फिर जो हुआ..."
कुशीनगर में 15 घंटे तक मौत बनकर तेंदुआ घूमता रहा। इस दौरान तेंदुए ने 6 लोगों को लहूलुहान भी कर दिया। आखिरकार लंबी मशक्कत के बाद वन विभाग ने तेंदुए को दबोच लिया। रेस्क्यू के दौरान इलाके में हड़कंप मचा रहा। बेकाबू भीड़ पर पुलिस ने लाठियां भी भांजी। जानिए कैसे खत्म हुआ खौफ का मंजर।
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जटहां बाजार थाना क्षेत्र के चार गांवों में बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार दोपहर तक करीब 12 घंटे तेंदुए का आतंक रहा। इस दौरान तेंदुए के हमले में छह लोग घायल हो गए। वहीं, रेस्क्यू अभियान के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
झड़प में एक सिपाही सुशील सिंह का सिर फट गया जबकि जटहां बाजार थानाध्यक्ष समेत चार अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। इधर, गोरखपुर चिड़ियाघर से बुलाई गई टीम ने ट्रैंकुलाइजर गन की मदद से तेंदुए को बेहोश कर पकड़ा। माघी कोठिलवा गांव में बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे तेंदुए ने सबसे पहले उमेश गिरी पर हमला किया।
इसके बाद वह करीब दो किलोमीटर दूर कंठी छपरा गांव पहुंचा जहां देर रात खेत में सो रहे रहीम अंसारी को घायल कर दिया। रहीम के शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से भाग निकला और पुरनहा मिश्र गांव पहुंच गया। वहां शुक्रवार सुबह करीब साढ़े चार बजे घर के बाहर फूल तोड़ रहीं ललिता देवी पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया।
कुत्तों के दौड़ाने पर तेंदुआ गांव के लाल पहाड़ी के बरामदे में छिप गया। शोर सुनकर बाहर निकलीं उनकी पत्नी रजली पर भी उसने हमला कर दिया। बाद में तेंदुआ एक अन्य घर में घुस गया। सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची लेकिन घेराबंदी के दौरान तेंदुआ निकल भागा और माघी कोठिलवा गांव के अशोक कुमार, डुमरा बुजुर्ग गांव के मनोज सिंह तथा जरार गांव के विवेक कुशवाहा को घायल कर दिया।
पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। झड़प में थानाध्यक्ष अभिनव मिश्र, सिपाही संतोष सिंह, कृष्णजीत पाठक और अनुराग यादव भी घायल हो गए। इसके बाद नौ थानों की पुलिस पहुंची और हालात पर काबू पाया। पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप में चार युवकों को हिरासत में लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
बिहार प्रांत के मदनपुर जंगल से भटककर आया तेंदुआ करीब 15 घंटे तक क्षेत्र के चार गांवों में दहशत का पर्याय बना रहा। इस दौरान छह लोगों को घायल भी किया।
पुलिस और बिहार व कुशीनगर की वन विभाग की टीम की कोशिशों के बाद भी जब वह पकड़ में नहीं आया तो गोरखपुर चिड़ियाघर की टीम बुलाई गई, जिसने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर करीब 12 बजे उसे बेहोश कर काबू किया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
उसके बाद शुक्रवार दोपहर में काबू में आने से पहले उसने क्षेत्र क चार गांवों में दहशत फैलाए रखा। बताया जा रहा है कि तेंदुए के हमले की सूचना पर रात में ही वन विभाग की टीम गांव में पहुंची लेकिन खानापूरी कर लौट आई। इसके बाद तेंदुए ने आसपास के चार गांवों में दहशत फैलाई, जिसके हमले में झह लोग घायल हो गए।
वन विभाग की टीम ने रामअधार सिंह के घर को जाल से चारों तरफ से घेर दिया और चिड़िया घर से टीम के आने का इंतजार करने लगी। इस दौरान तेंदुआ घर के रोशनदान के रास्ते बाहर निकल गया। बाहर मौजूद जरार के विवेक कुशवाहा (35) पर हमला कर दिया। इस दौरान लोग लाठियों से तेंदुए को जमीन पर दबा दिया था, लेकिन जाल लाने में देरी के कारण तेंदुआ पास के ह्यूम पाइप में घुस गया। जाल से ह्यूम पाइप को वनकर्मियों ने घेर दिया। दिन में 11 बजे गोरखपुर चिड़िया घर से दो सदस्यीय टीम पहुंची और रेस्क्यू के बाद तेंदुए को काबू किया।