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गड़बड़ी की जांच करने गए लेखपाल से मारपीट, 30 पर केस दर्ज
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गड़बड़ी की जांच करने गए लेखपाल से मारपीट, 30 पर केस दर्ज
मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों की जांच करने गए थे लेखपाल
संवाद न्यूज एजेंसी
गोड़रिया। बरवा बभनौली गांव में बुधवार को मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों की जांच करने गए लेखपाल और शिकायतकर्ता निवर्तमान ग्राम प्रधान के बीच विवाद हो गया। लेखपाल ने मारपीट का आरोप लगाते हुए विशुनपुरा पुलिस को तहरीर दी। इस आधार पर 10 नामजद व 20 अज्ञात लोगों पर बलवा और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ।
बरवा बभनौली गांव के निवर्तमान ग्राम प्रधान ने एसडीएम तमकुहीराज एआर फारूकी का शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि गांव के बीएलओ ने मतदाता सूची में बिहार प्रांत के कुछ लोगों का नाम जोड़ दिया। स्थानीय निवासियों का नाम भी हटा दिया गया है। एसडीएम के निर्देश पर बुधवार को लेखपाल कन्हैया प्रसाद व संजीव कुमार गांव में जांच करने पहुंचे थे। लेखपाल कन्हैया का आरोप है कि जांच के दौरान निवर्तमान प्रधान के समर्थक इकट्ठा होकर हंगामा करने लगे। जानकारी उच्चाधिकारियों को देते हुए वे लोग गांव से वापस आने लगे। गांव के बाहर प्रधान के पति वीरेंद्र व उनके समर्थकों ने घेर लिया और मार-पीटकर घायल कर दिया। सरकारी कागज भी फाड़ दिया गया। घटना की जानकारी होने पर नायब तहसीलदार व लेखपाल संघ के पदाधिकारी भी थाने पर पहुंच गए।
पीड़ित लेखपाल कन्हैया प्रसाद की तहरीर पर 10 नामजद व 20 अज्ञात के खिलाफ मारपीट, बलवा और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
इस संबंध में एसओ विशुनपुरा संजय मिश्रा ने बताया की लेखपाल की तहरीर पर 10 नामजद व 20 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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पिटाई का आरोप गलत
निवर्तमान ग्राम प्रधान के पति विरेंद्र का कहना है कि गांव में 103 लोगों का नाम मतदाता सूची से कटा है। इसकी शिकायत एसडीएम से की गई थी। जांच करने पहुंचे लेखपाल के सामने गांव के लोगों ने जब अपनी शिकायत दर्ज कराई तो लेखपाल बिना जांच किए ही जाने लगे। इसको लेकर कहासुनी होने लगी। पिटाई का आरोप गलत है।
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मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों की जांच करने गए थे लेखपाल
संवाद न्यूज एजेंसी
गोड़रिया। बरवा बभनौली गांव में बुधवार को मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों की जांच करने गए लेखपाल और शिकायतकर्ता निवर्तमान ग्राम प्रधान के बीच विवाद हो गया। लेखपाल ने मारपीट का आरोप लगाते हुए विशुनपुरा पुलिस को तहरीर दी। इस आधार पर 10 नामजद व 20 अज्ञात लोगों पर बलवा और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ।
बरवा बभनौली गांव के निवर्तमान ग्राम प्रधान ने एसडीएम तमकुहीराज एआर फारूकी का शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि गांव के बीएलओ ने मतदाता सूची में बिहार प्रांत के कुछ लोगों का नाम जोड़ दिया। स्थानीय निवासियों का नाम भी हटा दिया गया है। एसडीएम के निर्देश पर बुधवार को लेखपाल कन्हैया प्रसाद व संजीव कुमार गांव में जांच करने पहुंचे थे। लेखपाल कन्हैया का आरोप है कि जांच के दौरान निवर्तमान प्रधान के समर्थक इकट्ठा होकर हंगामा करने लगे। जानकारी उच्चाधिकारियों को देते हुए वे लोग गांव से वापस आने लगे। गांव के बाहर प्रधान के पति वीरेंद्र व उनके समर्थकों ने घेर लिया और मार-पीटकर घायल कर दिया। सरकारी कागज भी फाड़ दिया गया। घटना की जानकारी होने पर नायब तहसीलदार व लेखपाल संघ के पदाधिकारी भी थाने पर पहुंच गए।
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पीड़ित लेखपाल कन्हैया प्रसाद की तहरीर पर 10 नामजद व 20 अज्ञात के खिलाफ मारपीट, बलवा और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
इस संबंध में एसओ विशुनपुरा संजय मिश्रा ने बताया की लेखपाल की तहरीर पर 10 नामजद व 20 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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पिटाई का आरोप गलत
निवर्तमान ग्राम प्रधान के पति विरेंद्र का कहना है कि गांव में 103 लोगों का नाम मतदाता सूची से कटा है। इसकी शिकायत एसडीएम से की गई थी। जांच करने पहुंचे लेखपाल के सामने गांव के लोगों ने जब अपनी शिकायत दर्ज कराई तो लेखपाल बिना जांच किए ही जाने लगे। इसको लेकर कहासुनी होने लगी। पिटाई का आरोप गलत है।