काश्तकारी बता गांववालों ने सड़क निर्माण रोका
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पिपरा कनक। क्षेत्र के करमहा गांव के निकट बन रही पिच सड़क का निर्माण कार्य गांववालों ने रविवार को रोक दिया। अमवा महंथ के इन गांववालों ने उस जमीन को अपनी काश्तकारी बताते हुए प्रदर्शन किया और मुआवजा दिलाने की मांग की। समऊर बाजार-फाजिलनगर मार्ग से हसनपुरा होते हुए करमहा गांव के निकट नहर तक पिच सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। इस पिच सड़क का निर्माण हसनपुरा ड्रेन की पुलिया से पहले ही अमवा महंथ गांव के लोगों ने रोक दिया। यह लोग जमीन को अपनी काश्तकारी बताते हुए मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे थे।
तमकुही क्षेत्र के अमवा महंथ गांव निवासी मैनेजर, सुचिता, परशुराम, अशोक, प्रदीप, हरिकेश, सुनील, रमापति, संदीप, प्रदीप, बृजलाल, राजेंद्र, योगेंद्र, शैलेश सहित काफी संख्या में लोग हाथों में जमीन संबंधी अभिलेख लिए रविवार को दोपहर में सड़क निर्माण कार्य स्थल पर पहुंच गए। इन लोगों ने निर्माण कार्य रोकवाकर नारेबाजी शुरू कर दी। इनका आरोप था कि सड़क इनकी काश्तकारी की भूमि में है तथा अभिलेखों में उनके नाम भी दर्ज हैं। काश्तकारों को बिना बताए व मुआवजा दिए बगैर ही उस मार्ग को पिच कराया जा रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना था कि एक सप्ताह पहले जब ठेकेदार ने जेसीबी लगाई, तभी उसे मना किया गया था। उसके बाद वह ड्रेन पर बनी पुलिया के दक्षिण हसनपुरा में कार्य कराने लगा।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि ठेकेदार ने इस बारे में विभाग को अवगत कराने और मामला सुलझने के बाद ही सड़क का निर्माण कराने का आश्वासन दिया था। फिर भी रविवार को काम शुरू करा दिया। इस संबंध में एसडीएम तमकुहीराज विपिन कुमार सिंह का कहना है कि लेखपाल को भेजकर इसकी जांच कराई जाएगी कि गांववालों को मुआवजा दिए बगैर पिच सड़क कैसे बनवाई जा रही है। जांच पूरा होने तक कार्य बंद रहेगा।