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कबीर के चिंतन का समाज पर व्यापक असर है : डॉ. चितरंजन
Mon, 11 Nov 2024 02:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 11 Nov 2024 02:07 AM IST
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सलेमगढ़। इंद्रदेव राय मेमोरियल महिला महाविद्यालय में रविवार को दिनकर शब्द संवाद मंच के तत्वावधान में प्रबंधक डाॅ. हर्षवर्धन राय की ओर से कबीर की मानवीय दृष्टि विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मुख्यातिथि पूर्व कुलपति वर्धा महाराष्ट्र व पूर्व आचार्य हिंदी विभाग गोरखपुर प्रोफेसर चितरंजन मिश्र ने कहा कि आज के परिवेश में कबीर के चिंतन का समाज पर व्यापक असर होने का कारण यह भी है कि हम सबका एक ही मूल है। सबका भगवान एक ही है। इस प्रकार उनके चिंतन का समाज पर असर सभी तरह के लोगों को प्रभावित करता रहा है।
विशिष्ट अतिथि आचार्य हिंदी विभाग गोरखपुर प्रोफेसर अनिल राय ने कहा कि आज लोग कबीर के उपदेशों को अपनाकर बंटे हुए समाज को एकता की राह पर चलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
अध्यक्षता पूर्व आचार्य हिंदी विभाग गोरखपुर प्रोफेसर रामदरश राय ने की। उन्होंने कहा कि कबीर ने समाज बदलने का वीणा उठाया और जाति, मजहब से ऊपर उठकर देश को मजबूत करने का काम किया। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर डाॅ. आद्या प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि मानव जाति को पाखंडवाद एवं अंधविश्वासों से दूर करके मुक्ति का मार्ग भी दिखाया।
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कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य विवेक पांडेय ने किया। इस अवसर पर पूर्व प्रवक्ता उमाकांत राय, प्राचार्य जितेंद्र मिश्रा, प्रवक्ता शालिनी सिंह, श्रीमती मनु राय, रुपा राय, संध्या सिंह, एकबाली राय, सुरेश मिश्रा उपस्थित रहे।
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विशिष्ट अतिथि आचार्य हिंदी विभाग गोरखपुर प्रोफेसर अनिल राय ने कहा कि आज लोग कबीर के उपदेशों को अपनाकर बंटे हुए समाज को एकता की राह पर चलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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अध्यक्षता पूर्व आचार्य हिंदी विभाग गोरखपुर प्रोफेसर रामदरश राय ने की। उन्होंने कहा कि कबीर ने समाज बदलने का वीणा उठाया और जाति, मजहब से ऊपर उठकर देश को मजबूत करने का काम किया। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर डाॅ. आद्या प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि मानव जाति को पाखंडवाद एवं अंधविश्वासों से दूर करके मुक्ति का मार्ग भी दिखाया।
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कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य विवेक पांडेय ने किया। इस अवसर पर पूर्व प्रवक्ता उमाकांत राय, प्राचार्य जितेंद्र मिश्रा, प्रवक्ता शालिनी सिंह, श्रीमती मनु राय, रुपा राय, संध्या सिंह, एकबाली राय, सुरेश मिश्रा उपस्थित रहे।