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Kushinagar News: अवैध फीस वसूली के मामले की जांच में झोल, जेडी ने डीआईओएस को लिखा पत्र
Fri, 20 Dec 2024 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 20 Dec 2024 12:11 AM IST
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पडरौना। कॉलेजों में अवैध तरीके से विद्यार्थियों से हुई फीस वसूली की शिकायत पर की गई जांच पर शिकायतकर्ता ने सवाल खड़े किए हैं। जेडी ने डीआईओएस को चिट्ठी लिखकर स्थलीय निरीक्षण कर अभिलेखों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि जिस बिंदु पर शिकायत की गई थी, उसे छोड़कर आधी अधूरी जांच रिपोर्ट टीम ने सौंपी गई। जांच में टीम में जो सदस्य शामिल थे, उसमें उनका भी कॉलेज शामिल रहा।
जिले में 75 संचालित राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक इंटर कॉलेजों में शासनादेश से अधिक फीस विद्यार्थियों से वसूला जा रहा है। इसकी कोई रसीद भी नहीं दी जा रही है। इसकी शिकायत भाजपा नेता प्रियेश गोड़ ने एक जुलाई 2024 को तत्कालीन डीएम उमेश मिश्रा से किया थी। डीएम के निर्देश पर डीआईओएस रविंद्र सिंह ने दस जुलाई को तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच आख्या मांगी थी। जांच करने से टीम में शामिल सदस्य कतराने लगे और दबाव पड़ने पर 84 दिन बाद आधी अधूरी जांच रिपोर्ट सौंपी। इसमें मुख्य बिंदुओं पर जांच नहीं हो सकी। जांच रिपोर्ट आने के बाद शिकायतकर्ता डीआईओएस से मिला तो वह टाल-मटोल करने लगे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 12 नवंबर 2024 को जेडी गोरखपुर से मिलकर शिकायत की। जेडी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीआईओएस रविंद्र कुमार सिंह को पत्र जारी कर आधी-अधूरी जांच रिपोर्ट की अभिलेखीय और स्थलीय जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करें। डीआईओएस रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पत्र मिला है। जांच कर इसका जवाब भेज दिया जाएगा।
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जिले में 75 संचालित राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक इंटर कॉलेजों में शासनादेश से अधिक फीस विद्यार्थियों से वसूला जा रहा है। इसकी कोई रसीद भी नहीं दी जा रही है। इसकी शिकायत भाजपा नेता प्रियेश गोड़ ने एक जुलाई 2024 को तत्कालीन डीएम उमेश मिश्रा से किया थी। डीएम के निर्देश पर डीआईओएस रविंद्र सिंह ने दस जुलाई को तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच आख्या मांगी थी। जांच करने से टीम में शामिल सदस्य कतराने लगे और दबाव पड़ने पर 84 दिन बाद आधी अधूरी जांच रिपोर्ट सौंपी। इसमें मुख्य बिंदुओं पर जांच नहीं हो सकी। जांच रिपोर्ट आने के बाद शिकायतकर्ता डीआईओएस से मिला तो वह टाल-मटोल करने लगे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 12 नवंबर 2024 को जेडी गोरखपुर से मिलकर शिकायत की। जेडी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीआईओएस रविंद्र कुमार सिंह को पत्र जारी कर आधी-अधूरी जांच रिपोर्ट की अभिलेखीय और स्थलीय जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करें। डीआईओएस रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पत्र मिला है। जांच कर इसका जवाब भेज दिया जाएगा।
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